पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के बीच राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 293 सीटों पर जारी काउंटिंग के शुरुआती और ताजा रुझानों में भारतीय जनता पार्टी ने मजबूत बढ़त बनाई है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पिछड़ती नजर आ रही है। एक सीट—फालता—पर 21 मई को दोबारा मतदान होना है, जिससे कुल परिणामों पर अंतिम तस्वीर बाद में साफ होगी।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने 137 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है और 71 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस 49 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है और 30 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस को इस चुनाव में अब तक सीमित सफलता मिली है और वह केवल 2 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई है।
भवानीपुर सीट पर मुकाबला और विवाद
ममता बनर्जी पीछे, सियासी तनाव बढ़ा
कोलकाता की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इस सीट से चुनाव लड़ रहीं ममता बनर्जी करीब 500 वोटों से पीछे चल रही हैं। मतगणना के दौरान वह करीब पांच घंटे तक काउंटिंग सेंटर में मौजूद रहीं, जिससे इस सीट की अहमियत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
काउंटिंग सेंटर से बाहर निकलने के बाद उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि अंदर उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और उन्हें चोट पहुंचाने की कोशिश हुई। इस बयान के बाद चुनावी माहौल और अधिक गर्म हो गया है।

“यह जीत नहीं, लूट है”—TMC का आरोप
ममता बनर्जी ने भाजपा की बढ़त पर सवाल उठाते हुए इसे “जनादेश” नहीं बल्कि “लूट” करार दिया है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई संस्थाओं की भूमिका संदेह के घेरे में है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग, केंद्रीय बलों और शीर्ष स्तर पर लिए गए फैसलों की जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने वोटों की दोबारा गिनती की मांग भी उठाई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि चुनावी परिणामों को लेकर विवाद और बढ़ सकता है।
केंद्रीय बलों पर आरोप और बढ़ती सियासी गर्मी
सुरक्षा बलों की भूमिका पर सवाल
चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। ममता बनर्जी ने विशेष रूप से सीआरपीएफ पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की गई।
हालांकि, इस मामले में अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन आरोपों ने राजनीतिक माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
जहां एक ओर भाजपा इस बढ़त को जनता का स्पष्ट जनादेश बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस लगातार चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे राज्य में सियासी तनाव बढ़ता जा रहा है।
कालीघाट में नारेबाजी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
मतगणना के बीच कोलकाता स्थित कालीघाट में भी हलचल देखने को मिली। ममता बनर्जी के आवास के बाहर कुछ लोगों ने पहुंचकर नारेबाजी की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग के निर्देश पर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बंगाल की राजनीति में नए समीकरण की आहट
पश्चिम बंगाल के इस चुनाव परिणाम से राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अगर अंतिम परिणाम भी इसी दिशा में जाते हैं, तो यह सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा कर सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव न केवल राज्य के लिए, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। भाजपा की बढ़त जहां उसके विस्तार को दर्शाती है, वहीं तृणमूल कांग्रेस के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति है।
मतगणना अभी जारी है और अंतिम नतीजे आने बाकी हैं, लेकिन शुरुआती रुझानों और आरोपों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को पूरी तरह गरमा दिया है।
एक तरफ भाजपा इसे अपनी बड़ी जीत के रूप में देख रही है, वहीं ममता बनर्जी के आरोप चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अंतिम परिणाम क्या रूप लेते हैं और क्या इन विवादों का कोई ठोस निष्कर्ष निकलता है।
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