बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई जब प्लेटफॉर्म पर खड़ी एक पैसेंजर ट्रेन में अचानक आग लग गई। यह घटना दीनदयाल उपाध्याय गयाजी रेल खंड के अंतर्गत उस समय हुई जब सासाराम से आरा होते हुए पटना जाने वाली पैसेंजर ट्रेन प्लेटफॉर्म संख्या 06 पर खड़ी थी।
सुबह करीब 5:30 से 6:00 बजे के बीच ट्रेन के एक कोच से अचानक धुआं निकलने लगा, जिसे देखकर स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कुछ ही मिनटों में स्थिति गंभीर हो गई और आग की लपटें दिखाई देने लगीं, जिसके बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
एक बोगी पूरी तरह जलकर खाक, जांच शुरू
समय रहते बोगी अलग कर आग पर पाया गया काबू
रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों की तत्परता से स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया। धुआं निकलते ही संबंधित कोच को तुरंत ट्रेन से अलग किया गया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। लगभग 6:45 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
इस घटना में ट्रेन की एक बोगी पूरी तरह जलकर खाक हो गई, जिसे बाद में सुरक्षा कारणों से ट्रेन से अलग कर दिया गया। रेलवे प्रशासन ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

यात्रियों में दहशत, लेकिन कोई जनहानि नहीं
घटना के समय राहत की बात यह रही कि ट्रेन प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी और उस कोच में कोई यात्री मौजूद नहीं था। इसी कारण किसी प्रकार की जनहानि या चोट की कोई सूचना नहीं मिली है।
हालांकि, अचानक हुई इस घटना से स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में काफी दहशत फैल गई। कई यात्रियों ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठाए और कहा कि अगर आग थोड़ी देर और फैलती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच प्रक्रिया
पूर्व मध्य रेलवे ने दी आधिकारिक जानकारी
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब 05:30 बजे सासाराम स्टेशन पर खड़ी गाड़ी संख्या 53212 सासाराम–पटना पैसेंजर ट्रेन के एक कोच से धुआं निकलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही रेलवे स्टाफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावित कोच को अलग किया और फायर ब्रिगेड को बुलाया गया।
उन्होंने बताया कि 6:00 बजे तक कोच को अलग कर दिया गया था और 6:45 बजे तक आग पूरी तरह बुझा दी गई। इस घटना में किसी भी यात्री या रेलकर्मी को नुकसान नहीं पहुंचा है। रेलवे ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों में नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि यदि रेलवे के पास पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था होती, तो बोगी को पूरी तरह जलने से बचाया जा सकता था।
लोगों ने मांग की है कि सभी स्टेशनों पर अग्निशमन व्यवस्था को और मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। रेलवे सुरक्षा को लेकर यह घटना एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, तकनीकी जांच जारी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
रेलवे इंजीनियरिंग टीम को भी जांच में शामिल किया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह तकनीकी खराबी थी या रखरखाव में किसी प्रकार की चूक हुई थी।
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