केरल की राजनीति उस समय गरमा गई जब पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद जमकर हंगामा हुआ। छापेमारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों द्वारा ईडी अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और हमला किए जाने की खबर सामने आई, जिसके बाद मुख्यमंत्री सतीशन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जांच एजेंसियों के अधिकारियों पर हमला लोकतंत्र और कानून व्यवस्था पर सीधा हमला है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा और कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग सरकारी अधिकारियों पर हमला करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की अराजकता फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

ईडी की कार्रवाई और उसके बाद हुए विवाद ने राज्य की राजनीति को और गर्म कर दिया है। विपक्षी दल जहां इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं, वहीं सरकार कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सख्ती का संदेश देने की कोशिश कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री सतीशन का वंदे मातरम् को लेकर दिया गया बयान भी नई राजनीतिक बहस का कारण बन गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् का सम्मान करना सभी नागरिकों का कर्तव्य है, लेकिन इसे पूरा गाना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में ऐसा कोई कानून मौजूद नहीं है, जो किसी व्यक्ति को राष्ट्रीय गीत को पूरी तरह गाने के लिए बाध्य करता हो। सतीशन ने कहा कि राष्ट्रभक्ति किसी एक तरीके से साबित नहीं की जा सकती और संविधान हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक दलों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कुछ संगठनों ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया है, जबकि विपक्षी दलों ने इसे राष्ट्रीय भावना के खिलाफ करार दिया है। राज्य में अब वंदे मातरम् और राष्ट्रभक्ति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है।इसी बीच मुख्यमंत्री सतीशन ने राज्य के विकास को लेकर भी कई बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि सरकार केरल को पोर्ट और एविएशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। बंदरगाहों के विस्तार, एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने और बड़े निवेश आकर्षित करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल के नीति भाषण में भी साफ संकेत दिया गया है कि सरकार जनता से किए गए सभी प्रमुख वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि रोजगार, पर्यटन, उद्योग और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि नई सरकार विकास और कानून व्यवस्था दोनों मोर्चों पर मजबूती से काम करेगी। राजनीतिक विवादों और विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार अब जनता के बीच विकास और प्रशासनिक सख्ती का संदेश पहुंचाने में जुटी हुई है।
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