
फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले का शिकोहाबाद इलाका इस वक्त एक ऐसी खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात से दहल उठा है, जिसे सुनकर किसी भी कमजोर दिल वाले इंसान की रूह कांप जाए। शनिवार की उस मनहूस दोपहर को यादव कॉलोनी में जो कुछ भी हुआ, वह मानवीय क्रूरता की सारी हदें पार कर गया। महज 27 सेकंड के भीतर डेढ़ साल के मासूम आरव को आठ बार बेरहमी से जमीन पर पटका गया, जिससे उस बेगुनाह बच्चे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि रिश्ते में मासूम का चाचा लगने वाला विराज उर्फ जितेंद्र पाठक था। इस मामले में पुलिस की पूछताछ और तफ्तीश के दौरान हर दिन ऐसे चौंकाने वाले और नए खुलासे हो रहे हैं, जो इस कातिल की शातिराना सोच और उसके बाद के खौफ को बयां करते हैं।

पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद कातिल विराज ने एक बेहद सनसनीखेज खुलासा किया है। तफ्तीश में सामने आया है कि जब इस हैवान ने मासूम आरव को तड़पा-तड़पाकर मार डाला और उसके सिर से खून का नशा उतरा, तो वह बुरी तरह डर गया था। पकड़े जाने के डर और आत्मग्लानि के कारण वारदात के कुछ घंटों बाद तक उसके दिमाग में लगातार खुदकुशी करने का ख्याल आ रहा था। वह अपनी जान देने की पूरी योजना बना चुका था, लेकिन कानून के फंदे से बचने की लालसा उसके आत्मघाती विचारों पर भारी पड़ गई। कातिल ने पलक झपकते ही अपना इरादा बदल लिया और खुद को बचाने के लिए भागने की जुगत में लग गया। शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे जब उसने आरव के बेजान शरीर को घर के गेट पर फेंका और वहां से भागा, तो उसकी मुख्य रास्तों पर जाने की हिम्मत नहीं हुई। उसे अच्छी तरह पता था कि मुख्य चौराहों पर पुलिस मुस्तैद होगी और सीसीटीवी कैमरों की मदद से वह तुरंत दबोच लिया जाएगा।

इसी खौफ के मारे वह शातिर हत्यारा कई घंटों तक शिकोहाबाद की सुनसान, वीरान और अंदरूनी गलियों में भटकता रहा। वह लगातार छिपने के ठिकाने तलाश रहा था और पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने भागने का एक नया और बेहद चालाकी भरा रूट तैयार किया। वह सीधे बदायूं जाने के बजाय पुलिस को गुमराह करने के लिए शिकोहाबाद से पहले एटा और फिर वहां से बदायूं भागने की फिराक में था। इस साजिश को अंजाम देने के लिए वह किसी भी मुख्य बस स्टैंड या भीड़भाड़ वाले चौराहे पर नहीं गया, बल्कि किसी अंधेरे कोने में दुबककर रात होने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था ताकि अंधेरे का फायदा उठाकर निकल सके। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के आगे उसकी यह सारी चालाकी धरी की धरी रह गई और देर रात एक मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने उसके दोनों पैरों में गोली मारकर उसे दबोच लिया।
इस खौफनाक वारदात का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, उसे देखकर पूरी यादव कॉलोनी में मातम के साथ-साथ भारी आक्रोश की लहर दौड़ गई है। लोग इस कदर गुस्से में हैं कि पूरा इलाका उस मासूम की आत्मा की शांति और हत्यारे को फांसी की सजा दिलाने के लिए एकजुट हो गया है। सोमवार को कॉलोनी की महिलाओं और प्रबुद्धजनों ने एक सुर में एलान किया कि वे इस जघन्य अपराध के खिलाफ किसी भी कीमत पर चुप नहीं बैठेंगे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे अदालत में जाकर कातिल के खिलाफ गवाही देंगे ताकि उस दरिंदे को सख्त से सख्त सजा मिल सके। इस बीच, मामले के विवेचक इंस्पेक्टर अनुज कुमार ने साफ किया है कि पुलिस इस केस को बेहद गंभीरता से ले रही है। कातिल विराज के खिलाफ वैज्ञानिक और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर एक मजबूत चार्जशीट तैयार की जा रही है, जिसमें घटनास्थल से मिला सीसीटीवी फुटेज सबसे बड़ा और अकाट्य सबूत है। इसके अलावा, जिन लोगों ने घटना के तुरंत बाद शव को देखा और जो इस पूरे मामले के चश्मदीद हैं, पुलिस उनके बयान दर्ज कर रही है ताकि अदालत में आरोपी को बचने का एक भी मौका न मिले।
इस पूरी खूनी दास्तान के पीछे की वजह सनकी एकतरफा प्यार और सनक है। मूल रूप से अरांव की रहने वाली रती देवी की शादी फरवरी 2024 में बदायूं के सुमित कुमार से हुई थी, लेकिन पति से अनबन के कारण वह पिछले पांच महीने से अपने मायके में रह रही थी। इसी दौरान सुमित के फुफेरे भाई विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने रती के सामने शादी का जबरन प्रस्ताव रखा, जिसे रती ने सिरे से ठुकरा दिया था। शनिवार को रती अपनी मां पिंकी देवी के साथ कानूनी राय लेने शिकोहाबाद आई थी, जहां रती से शादी करने की जिद पूरी न होने पर सनके विराज ने उसके डेढ़ साल के मासूम बेटे आरव को सड़क पर पटक-पटककर मार डाला और एक हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का गम दे दिया।
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