नशेड़ी भाई पड़ा बीमार तो बहनों ने संभाल लिया स्मैक का साम्राज्य, 111 ग्राम ड्रग्स के साथ गिरफ्तार

Editorial
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बिजनौर उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सगी बहनों को गिरफ्तार किया है। पहली नजर में यह मामला सिर्फ स्मैक तस्करी का लग सकता है, लेकिन जब पुलिस ने जांच की परतें खोलीं तो सामने आई कहानी ने सभी को हैरान कर दिया। जिस नेटवर्क को पहले एक नशेड़ी भाई संचालित करता था, उसी धंधे की कमान अब उसकी दो बहनों ने संभाल ली थी। पुलिस के मुताबिक दोनों बहनें लंबे समय से स्मैक की पुड़ियां बेचकर अवैध कमाई कर रही थीं और इलाके में नशे का जाल फैलाने में जुटी थीं। कोतवाली शहर पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि शहर के कुछ इलाकों में स्मैक की सप्लाई का एक सक्रिय नेटवर्क काम कर रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने निगरानी बढ़ाई। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मोहल्ला मिर्दगान बी में रहने वाली दो महिलाएं नशे के कारोबार में शामिल हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए शहर कोतवाल अमर सिंह राठौड़ के नेतृत्व में टीम गठित की गई और कार्रवाई की योजना बनाई गई। शनिवार देर रात पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों महिलाओं को दबोच लिया। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान 24 वर्षीय रहनुमा उर्फ नूरी और उसकी बड़ी बहन तबस्सुम के रूप में हुई। तलाशी के दौरान पुलिस को उनके कब्जे से 111.54 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इसमें 50.35 ग्राम स्मैक की डली और 61.19 ग्राम स्मैक छोटी-छोटी पुड़ियों के रूप में पैक की हुई मिली। इसके अलावा स्मैक बेचकर जुटाई गई 88 हजार 950 रुपये की नकदी भी बरामद की गई। बरामदगी के बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में सामने आई जानकारी ने पुलिस को भी चौंका दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों बहनों का भाई पहले से ही मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के धंधे में शामिल था। वह खुद नशे का आदी था और उसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं। बताया जाता है कि लंबे समय तक उसने इलाके में अपना नेटवर्क तैयार किया था और उसी के जरिए नशे की सप्लाई की जाती थी। लेकिन पिछले कुछ समय से उसकी तबीयत बेहद खराब रहने लगी और वह गंभीर बीमारी से जूझने लगा। इसके बाद उसके द्वारा तैयार किए गए नेटवर्क को उसकी बहनों ने संभाल लिया।

पुलिस का दावा है कि नूरी और तबस्सुम ने भाई के संपर्कों और पुराने ग्राहकों का फायदा उठाते हुए स्मैक की बिक्री शुरू कर दी थी। धीरे-धीरे दोनों बहनों ने इस अवैध कारोबार को संगठित तरीके से चलाना शुरू कर दिया। स्मैक को छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक कर युवाओं और नशे के आदी लोगों तक पहुंचाया जाता था। इससे उन्हें हर दिन मोटी कमाई हो रही थी। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार जिले के बाहर भी जुड़े हो सकते हैं और इसके पीछे कई अन्य लोग भी सक्रिय हो सकते हैं। तबस्सुम की शादी हो चुकी है और उसका ससुराल अमरोहा जिले में है। हालांकि वह पिछले कुछ समय से अपने मायके बिजनौर में रह रही थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों बहनें मिलकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रही थीं। इलाके में नशे की बढ़ती समस्या को देखते हुए पुलिस पहले से ही सक्रिय थी और लगातार ऐसे लोगों की तलाश कर रही थी जो युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों बहनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है और अब पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी। जिन लोगों से स्मैक खरीदी जाती थी और जिन लोगों तक इसकी सप्लाई की जाती थी, उनकी भी पहचान की जा रही है। शहर कोतवाल अमर सिंह राठौड़ ने बताया कि बरामद स्मैक की मात्रा और नकदी को देखते हुए मामला गंभीर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि स्मैक की खेप कहां से आती थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता के साक्ष्य मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। बिजनौर में हुई यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हाल के वर्षों में नशे का कारोबार युवाओं के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। स्मैक जैसे मादक पदार्थ न केवल युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि कई परिवारों को भी तबाही के कगार पर पहुंचा रहे हैं। ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। फिलहाल नूरी और तबस्सुम जेल पहुंच चुकी हैं, लेकिन पुलिस की जांच अभी जारी है। अधिकारी अब इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर इस नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसके पीछे कौन-कौन लोग पर्दे के पीछे से खेल खेल रहे थे। बिजनौर में दो बहनों की गिरफ्तारी ने यह भी दिखा दिया है कि नशे का कारोबार किस तरह परिवारों तक में फैल चुका है और अवैध कमाई की लालच लोगों को अपराध की दुनिया में धकेल रही है।

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