
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में बुधवार को हुई पुलिस मुठभेड़ ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। एक दिन पहले सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तानने और खुलेआम चुनौती देने वाला 30 वर्षीय भरत भूषण तिवारी आखिरकार पुलिस कार्रवाई में घायल हो गया और बाद में पटना के पीएमसीएच में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि सोशल मीडिया पर बढ़ती दुस्साहसिक प्रवृत्तियों को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक भरत भूषण तिवारी बिलौटी गांव निवासी काशीनाथ तिवारी का पुत्र था। उसके पिता चालक सिपाही के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार भरत के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी थी। करीब एक वर्ष पहले उसे एक पुलिस अधिकारी से नोकझोंक करने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हाल के दिनों में उसका व्यवहार लगातार विवादों में बना हुआ था। घटना से एक दिन पहले भरत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वह पुलिसकर्मियों पर पिस्टल ताने हुए दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस सतर्क हो गई थी। पुलिस अधिकारियों ने उस समय यह भी कहा था कि युवक की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही है और उसे गिरफ्तार कर इलाज कराया जाएगा। हालांकि अगले ही दिन हालात अचानक इतने बिगड़ गए कि मामला मुठभेड़ तक पहुंच गया।
बुधवार सुबह करीब नौ बजे पुलिस को सूचना मिली कि भरत भूषण तिवारी गांव में हाथ में पिस्टल लेकर घूम रहा है और हवाई फायरिंग कर रहा है। सूचना मिलते ही शाहपुर थाना पुलिस और एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। गांव में पहुंचने के बाद पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, लेकिन भरत ने आत्मसमर्पण करने के बजाय लगातार चुनौतीपूर्ण रवैया अपनाया। बताया जाता है कि वह अपने घर की छत पर चढ़ गया और हाथ में पिस्टल लहराते हुए पुलिस को ललकारने लगा।सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पूरे घटनाक्रम के दौरान भरत फेसबुक लाइव भी कर रहा था। एक हाथ में लोडेड पिस्टल और दूसरे हाथ में मोबाइल लेकर वह सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण करता रहा। उसके फेसबुक अकाउंट से कई वीडियो भी प्रसारित हुए, जिनमें वह पुलिस को खुली चुनौती देता दिखाई दे रहा था। गांव के लोग भी इस घटनाक्रम को देखकर दहशत में थे, जबकि सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो तेजी से वायरल होने लगे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने कई बार भरत को समझाने का प्रयास किया। लगातार उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन वह रुक-रुक कर फायरिंग करता रहा। एसपी राज के अनुसार पुलिस और आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए विशेष रणनीति बनाई गई। एसटीएफ के जवानों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर उसकी घेराबंदी शुरू की। काफी देर तक चले तनावपूर्ण माहौल के बाद भरत घर से निकलकर गांव के बधार की ओर पहुंच गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने एक बार फिर उसे आत्मसमर्पण के लिए समझाया। इस दौरान भरत ने कुछ मांगें भी रखीं और कहा कि यदि उसकी बातें मान ली जाएं तो वह हथियार डाल देगा। पुलिस अधिकारियों ने उसे भरोसा दिलाया कि उसकी बात सुनी जाएगी। बताया जाता है कि इसके बाद उसने कुछ समय के लिए अपनी पिस्टल जमीन पर फेंक दी थी। हालांकि पुलिस का दावा है कि जैसे ही जवान उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़े, उसने दोबारा पिस्टल उठाने की कोशिश की और पुलिस को निशाना बनाकर फायरिंग की।
इसके बाद हालात तेजी से बदल गए। पुलिस ने आत्मरक्षा और आम लोगों की सुरक्षा का हवाला देते हुए जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान भरत के दोनों पैरों में गोलियां लगीं। पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार उसके दोनों घुटनों और जांघ के हिस्से में कुल चार गोलियां लगी थीं। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य उसे मारना नहीं बल्कि काबू करना था, इसलिए पैरों को निशाना बनाया गया। मुठभेड़ के बाद घायल भरत को तत्काल आरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर सामने आते ही गांव में माहौल गमगीन हो गया और बड़ी संख्या में लोग उसके घर पहुंचने लगे।
एसपी राज ने बताया कि भरत के पास से एक पिस्टल, दो कारतूस, एक मैगजीन और दो खोखे बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस की ओर से चार से पांच राउंड और भरत की ओर से आठ से दस राउंड फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है। बिलौटी गांव में हुई यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें सोशल मीडिया, हथियारों का प्रदर्शन और पुलिस को खुली चुनौती जैसे कई पहलू एक साथ सामने आए। एक तरफ पुलिस इसे आत्मरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कार्रवाई बता रही है, वहीं दूसरी तरफ युवक की मौत के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर बहस भी तेज हो गई है। फिलहाल पुलिस मुठभेड़ से जुड़े वीडियो, फेसबुक लाइव और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी को स्पष्ट किया जा सके।
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