गूगल मैप की एक गलती से पूरे गांव की जिंदगी ठप! न आधार बन रहा, न जन्म प्रमाणपत्र; सरकारी सिस्टम हुआ फेल

Editorial
5 Min Read

फिरोजाबाद डिजिटल इंडिया के दौर में जहां गूगल मैप लोगों को सही रास्ता दिखाने का दावा करता है, वहीं उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले का एक गांव इसी तकनीक की एक छोटी सी गलती की वजह से बड़ी परेशानी झेल रहा है। यहां गूगल मैप पर गांव का नाम गलत दर्ज होने से सैकड़ों ग्रामीणों के जरूरी सरकारी काम ठप पड़ गए हैं। हालत यह है कि नवजात बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे, मृतकों के मृत्यु प्रमाणपत्र अटक गए हैं और नए आधार कार्ड बनवाना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। मामला फिरोजाबाद की सदर तहसील और नारखी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत आकलाबाद हसनपुर का है। राजस्व अभिलेखों और सरकारी रिकॉर्ड में गांव का नाम “आकलाबाद हसनपुर” दर्ज है, लेकिन गूगल मैप पर यही गांव “अकिलाबाद हसनपुर” के नाम से दिखाई दे रहा है। नाम की इस छोटी सी गलती ने पूरे गांव के लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पर मजबूर कर दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि आधार कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र और विभिन्न सरकारी योजनाओं के ऑनलाइन आवेदन में जब गांव का नाम दर्ज किया जाता है, तो सिस्टम गूगल मैप के डाटा से उसका मिलान करता है। लेकिन सरकारी रिकॉर्ड और गूगल मैप में नाम अलग-अलग होने के कारण आवेदन प्रक्रिया बीच में ही अटक जाती है। इससे गांव के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।सबसे ज्यादा असर नवजात बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र पर पड़ा है। कई परिवारों के बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे, जिसके कारण स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। वहीं दूसरी ओर मृत्यु प्रमाणपत्र न बनने से परिवारों को पेंशन, बीमा क्लेम, उत्तराधिकार और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आधार कार्ड से जुड़े कार्य भी प्रभावित हुए हैं। नए आधार कार्ड बनवाने वाले ग्रामीणों के आवेदन लंबित हैं, जबकि पुराने आधार कार्ड में पता अपडेट कराने की प्रक्रिया भी अटक गई है। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए पात्र लोगों को भी लाभ नहीं मिल पा रहा है क्योंकि ऑनलाइन सत्यापन के दौरान गांव का नाम मेल नहीं खाता। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। गांव के प्रधान नीरज के भाई सोनवीर ने मंगलवार को एसडीएम सदर को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की जानकारी दी। इससे पहले भी यह शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में दर्ज कराई गई थी। शिकायत को जांच के लिए संबंधित विभाग के पास भेजा गया, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्या दूर करने के बजाय कागजों में ही निस्तारण दिखा दिया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि तकनीकी टीम ने वास्तविक स्थिति की जांच किए बिना रिपोर्ट में गूगल मैप पर दर्ज नाम को ही सही मान लिया और शिकायत को बंद कर दिया। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।अब मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद उम्मीद जगी है कि गांव का सही नाम दर्ज कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी स्तर पर सुधार किए बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।यह मामला सिर्फ एक गांव की परेशानी नहीं, बल्कि डिजिटल सिस्टम पर बढ़ती निर्भरता की एक बड़ी चुनौती भी है। यदि किसी तकनीकी प्लेटफॉर्म पर दर्ज एक छोटी सी गलती सैकड़ों लोगों के अधिकारों और सुविधाओं को प्रभावित कर सकती है, तो यह व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को भी उजागर करती है।गांव के लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द गूगल मैप पर गांव का सही नाम दर्ज कराया जाए, ताकि आधार कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र और सरकारी योजनाओं से जुड़े सभी कार्य सामान्य रूप से शुरू हो सकें। फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

एसडीएम सदर सतेंद्र सिंह का बयान:

“यह अपनी तरह का पहला मामला है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। गूगल को पत्र भेजकर गांव का सही नाम दर्ज कराने का अनुरोध किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को समय पर आधार कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज मिल सकें।”

read on:https://news7hindi.com/op-rajbhar-got-angry-on-mohan-yadav-controversy-and-said-what-is-akhilesh-yadav-hiding-by-making-so-much-noise/

or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

Share This Article
Leave a Comment