हर डोरबेल से लगता था कोई फिर लेने आया है…’ सुशांत केस पर छलका रिया चक्रवर्ती का दर्द, बोलीं- ट्रॉमा कभी पूरी तरह खत्म नहीं होता

Editorial
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सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद देशभर में सुर्खियों में रहीं अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने एक बार फिर उस मुश्किल दौर को याद किया है, जिसने उनकी और उनके परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदलकर रख दी। करीब छह साल बाद भी रिया और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती उस दौर के मानसिक और भावनात्मक प्रभाव से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाए हैं। एक इंटरव्यू में दोनों ने खुलकर बताया कि कैसे एक घटना ने उनके सपनों, करियर और सामान्य जीवन को झकझोर कर रख दिया। नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो ‘डबल डेट’ में पहुंचे रिया और शोविक ने उन दिनों को याद करते हुए कई भावुक खुलासे किए। शोविक चक्रवर्ती ने बताया कि एक समय उनका सपना देश और दुनिया के प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूलों में पढ़ाई करना था। वह पूरी तरह पढ़ाई पर केंद्रित थे और आईआईएम जैसे संस्थानों में प्रवेश पाने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन 2020 में हुई घटनाओं ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी।शोविक ने कहा कि वह एक साधारण छात्र की तरह अपने भविष्य की योजनाएं बना रहे थे, लेकिन अचानक हालात ऐसे बने कि सब कुछ बिखर गया। उन्होंने कहा कि जिंदगी कभी-कभी ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करती है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। एक ही घटना ने उनके सपनों, योजनाओं और जीवन की प्राथमिकताओं को पूरी तरह बदल दिया।उन्होंने बताया कि उस दौर से बाहर निकलना आसान नहीं था। मानसिक और भावनात्मक रूप से स्थिर होने में उन्हें वर्षों लग गए। आज भी कुछ ऐसी चीजें हैं जो उन्हें उस कठिन समय की याद दिला देती हैं। शोविक ने कहा कि उन्हें आज भी पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) जैसी स्थिति महसूस होती है। कभी अचानक घर की डोरबेल बज जाए तो उन्हें पुराने दिन याद आ जाते हैं। उस समय घर के बाहर मीडिया, जांच एजेंसियों और लोगों की भीड़ लगी रहती थी। हर दस्तक के साथ एक नया डर जुड़ा होता था।

उन्होंने कहा कि आज भी कई बार ऐसा महसूस होता है जैसे वह दौर खत्म नहीं हुआ हो। कुछ आवाजें, कुछ परिस्थितियां और कुछ घटनाएं उन्हें सीधे उन दिनों में वापस ले जाती हैं, जब उनका परिवार लगातार दबाव, जांच और सार्वजनिक निगाहों के बीच जी रहा था।रिया चक्रवर्ती ने भी इस दौरान अपने मन की बात खुलकर रखी। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर सोचते हैं कि समय बीतने के साथ हर घाव भर जाता है, लेकिन कुछ मानसिक आघात ऐसे होते हैं जो जीवन का स्थायी हिस्सा बन जाते हैं। रिया के मुताबिक, ट्रॉमा कोई ऐसी चीज नहीं है जिससे इंसान पूरी तरह मुक्त हो जाए। यह व्यक्ति की यादों, भावनाओं और यहां तक कि उसके शरीर का भी हिस्सा बन जाता है।रिया ने कहा कि ऐसे अनुभवों से उबरने के लिए लगातार प्रयास करना पड़ता है। थेरेपी, परिवार का साथ और आत्मविश्वास व्यक्ति को आगे बढ़ने में मदद जरूर करते हैं, लेकिन दर्द की स्मृतियां पूरी तरह मिटती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह ट्रॉमा दिमाग में नहीं रहता तो शरीर में अपनी छाप जरूर छोड़ जाता है। यही वजह है कि मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल बेहद जरूरी होती है।अभिनेत्री ने यह भी स्वीकार किया कि उनके लिए स्थिति इसलिए और कठिन थी क्योंकि पूरा घटनाक्रम सार्वजनिक रूप से सामने आया था। हर दिन मीडिया की सुर्खियां, सोशल मीडिया पर चर्चाएं और लगातार होने वाली बहसें उनके लिए मानसिक दबाव को और बढ़ा रही थीं। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी पूरे देश के सामने चर्चा का विषय बन जाए तो उससे उबरना और भी मुश्किल हो जाता है।

गौरतलब है कि जून 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार का नाम लगातार चर्चाओं में रहा। मामले की जांच के दौरान ड्रग्स एंगल सामने आने पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने रिया और उनके भाई शोविक को गिरफ्तार भी किया था। उस समय यह मामला देश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल था और लगातार मीडिया की सुर्खियों में बना रहा।हालांकि समय के साथ कानूनी और जांच संबंधी प्रक्रियाएं आगे बढ़ीं, लेकिन उस दौर का मानसिक असर रिया और उनके परिवार पर गहरा पड़ा। यही कारण है कि वर्षों बाद भी जब वह उस समय को याद करती हैं तो उनकी आवाज में दर्द साफ महसूस होता है।रिया ने यह भी कहा कि जिंदगी आगे बढ़ती है और व्यक्ति को भी आगे बढ़ना पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि अतीत को बदला नहीं जा सकता, लेकिन उससे सीख लेकर आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने बताया कि आज वह अपने जीवन और करियर को नए सिरे से स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं।वर्क फ्रंट की बात करें तो रिया चक्रवर्ती आखिरी बार 2021 में रिलीज हुई फिल्म Chehre में नजर आई थीं। इस फिल्म में Amitabh Bachchan, Emraan Hashmi और Raghubir Yadav जैसे कलाकार भी शामिल थे। अब रिया जल्द ही अपने नए शो फैमिली बिजनेस के जरिए दर्शकों के बीच वापसी करने जा रही हैं।कभी देश की सबसे चर्चित खबरों के केंद्र में रहीं रिया चक्रवर्ती की यह स्वीकारोक्ति एक बार फिर यह याद दिलाती है कि सुर्खियों के पीछे भी इंसानी भावनाएं, संघर्ष और दर्द छिपे होते हैं। वर्षों बाद भी वह दौर उनके जीवन का ऐसा अध्याय बना हुआ है, जिसकी छाया आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

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