कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह कोई चुनावी रैली, राजनीतिक बयान या हिंसा नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा एक वीडियो है। वीडियो में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भीड़ के बीच अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता को कथित तौर पर थप्पड़ मारती हुई दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक बहस छिड़ गई है। विपक्ष इसे मुख्यमंत्री के व्यवहार पर गंभीर सवाल बता रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का कहना है कि वीडियो को संदर्भ से काटकर पेश किया जा रहा है और मुख्यमंत्री केवल भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही थीं।बताया जा रहा है कि यह वीडियो कोलकाता में आयोजित एक विरोध मार्च के दौरान का है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भीड़ के बीच आगे बढ़ रही हैं। इसी दौरान उनके बेहद करीब आने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को वह हाथ से पीछे करती हुई नजर आती हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ता को थप्पड़ मारा, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने केवल भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए धक्का दिया था।वीडियो वायरल होते ही विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर हमला बोलना शुरू कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि यदि वीडियो में दिखाई दे रही घटना सही है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों और कार्यकर्ताओं के सम्मान के खिलाफ है। उनका कहना है कि जिस कार्यकर्ता ने पार्टी के लिए मेहनत की हो, उसके साथ सार्वजनिक मंच पर इस तरह का व्यवहार उचित नहीं कहा जा सकता। विपक्ष ने मुख्यमंत्री से इस मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग भी की है।
दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वायरल वीडियो को गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है। उनके अनुसार कार्यक्रम में भारी भीड़ थी और मुख्यमंत्री की सुरक्षा भी एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे में उन्होंने केवल अपने आसपास की भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ सेकंड के वीडियो को अलग संदर्भ में दिखाकर राजनीतिक विवाद खड़ा किया जा रहा है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आज के दौर में सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले छोटे-छोटे वीडियो भी बड़े राजनीतिक मुद्दे बन जाते हैं। कई बार वीडियो का पूरा संदर्भ सामने नहीं आता और कुछ सेकंड की क्लिप के आधार पर अलग-अलग दावे किए जाने लगते हैं। यही वजह है कि किसी भी वायरल वीडियो को अंतिम सत्य मानने से पहले उसकी पूरी पृष्ठभूमि और तथ्य सामने आना जरूरी होता है।यह पहला मौका नहीं है जब किसी राजनीतिक नेता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हुआ हो। पिछले कुछ वर्षों में देश के कई बड़े नेताओं के वीडियो अलग-अलग दावों के साथ वायरल हुए हैं, जिनमें बाद में कई मामलों में पूरी तस्वीर कुछ और ही निकली। इसलिए विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि किए बिना किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी बंटी हुई हैं। कुछ लोग मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए इसे अनुचित व्यवहार बता रहे हैं, जबकि कई लोग उनका बचाव कर रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि मुख्यमंत्री लंबे समय से जनता के बीच सक्रिय रहती हैं और भीड़ के बीच इस तरह की परिस्थितियां सामान्य होती हैं। उनका दावा है कि वीडियो को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।हालांकि इस घटना ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या राजनीतिक कार्यक्रमों में बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच ऐसे विवादों की वजह बन रही है? साथ ही यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो किस तरह कुछ ही मिनटों में राजनीतिक विमर्श का केंद्र बन जाते हैं।फिलहाल इस वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना वास्तव में थप्पड़ मारने की है या भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास का हिस्सा है। इस मामले में आधिकारिक स्तर पर भी कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।इतना तय है कि वीडियो के वायरल होने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है। विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुटा है, जबकि सत्तारूढ़ टीएमसी इसे भ्रामक प्रचार बता रही है। आने वाले दिनों में यदि इस मामले पर मुख्यमंत्री या सरकार की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया आती है, तो तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन किसी भी वायरल क्लिप के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले उसके पूरे संदर्भ और आधिकारिक तथ्यों का इंतजार करना जरूरी है।
or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

