बलिया उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा छेड़ दी है। निषाद पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई। कार्यक्रम के बीच अंधेरा छा गया, लेकिन मंत्री ने अपना संबोधन नहीं रोका। उन्होंने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर उसी रोशनी में कार्यकर्ताओं को संबोधित करना जारी रखा। अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कार्यकर्ता सम्मेलन के बीच छाया अंधेरा
जानकारी के मुताबिक, बलिया में निषाद पार्टी की ओर से कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे। मंच पर मंत्री संजय निषाद कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे, तभी अचानक बिजली चली गई।कुछ ही पलों में पूरा कार्यक्रम स्थल अंधेरे में डूब गया। मंच की लाइट बंद हो गई और माइक व अन्य व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ा। अचानक आई इस परेशानी से कुछ देर के लिए कार्यक्रम में अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई।हालांकि मंत्री संजय निषाद ने स्थिति को संभालते हुए अपना भाषण जारी रखा। उन्होंने मोबाइल की टॉर्च की रोशनी का सहारा लिया और उसी के जरिए कार्यकर्ताओं से संवाद करते रहे।
मोबाइल टॉर्च की रोशनी में मंत्री का संबोधन
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मंच पर मौजूद मंत्री के आसपास अंधेरा है और रोशनी के लिए मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट का इस्तेमाल किया जा रहा है। मंत्री हाथ में मोबाइल लेकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते दिखाई दे रहे हैं।इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से संवाद बनाए रखा और बिजली आने का इंतजार करने के बजाय मोबाइल की रोशनी में ही अपनी बात जारी रखी। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी इस दौरान मंत्री का साथ दिया।वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग मंत्री के इस अंदाज की तारीफ कर रहे हैं कि उन्होंने असुविधा के बावजूद कार्यक्रम नहीं रोका, जबकि कुछ लोग इसे प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर सवाल के तौर पर देख रहे हैं।
वीडियो वायरल, बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना का वीडियो वायरल होते ही राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना को लेकर सरकार की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।आलोचकों का कहना है कि जब प्रदेश सरकार के मंत्री के कार्यक्रम में ही बिजली व्यवस्था बाधित हो जाती है तो आम जनता को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।वहीं समर्थकों का कहना है कि मंत्री ने विपरीत परिस्थिति में भी कार्यक्रम जारी रखकर कार्यकर्ताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। उनके मुताबिक बिजली जाने जैसी समस्या किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में हो सकती है, लेकिन मंत्री ने जिस तरह से स्थिति को संभाला, वह उनकी कार्यशैली को दिखाता है।

मंत्री ने नहीं छोड़ा कार्यकर्ताओं का साथ
राजनीतिक कार्यक्रमों में अक्सर मंच, लाइट, साउंड और अन्य व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। ऐसे में अचानक बिजली चले जाना आयोजकों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। लेकिन बलिया के इस कार्यक्रम में मंत्री ने इसे बड़ी परेशानी नहीं बनने दिया और मोबाइल की रोशनी में ही संबोधन जारी रखा।मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी मंत्री के इस कदम को लेकर उत्साह दिखाया। वीडियो में कार्यकर्ता अंधेरे के बीच मंत्री की बात सुनते हुए नजर आ रहे हैं।
निषाद पार्टी के लिए अहम था सम्मेलन
निषाद पार्टी उत्तर प्रदेश की राजनीति में खासकर निषाद समाज के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के प्रयास में जुटी हुई है। ऐसे में कार्यकर्ता सम्मेलन पार्टी संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर अहम माना जा रहा था।कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मंत्री का संबोधन पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण था। यही वजह रही कि बिजली बाधित होने के बावजूद कार्यक्रम को रोकने के बजाय इसे जारी रखा गया।
सोशल मीडिया पर छाया ‘मोबाइल टॉर्च वाला भाषण’
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कुछ यूजर्स ने इसे ‘सादगी’ और ‘जमीन से जुड़े नेता’ की तस्वीर बताया, तो कुछ ने सरकार की व्यवस्थाओं पर कटाक्ष किया।फिलहाल बलिया का यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ मंत्री संजय निषाद का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में भाषण देना सुर्खियों में है, तो दूसरी तरफ यह घटना प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर नई बहस भी खड़ी कर रही है।अब देखने वाली बात होगी कि इस वायरल वीडियो पर सरकार या बिजली विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं।
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