Operation Hard Ball: भारतीय पर FBI का शिकंजा! दुनिया के सबसे बड़े ड्रग सिंडिकेट का खुलासा

Editorial
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वॉशिंगटन दुनिया भर में फैले अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया के खिलाफ अमेरिका ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने भारतीय नागरिक हरमनवीर सिंह को वांछित घोषित करते हुए उसकी तलाश तेज कर दी है। उस पर कनाडा से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध गिरोह के लिए करोड़ों रुपये के प्रतिबंधित मादक पदार्थों की तस्करी करने का आरोप है।एफबीआई का दावा है कि हरमनवीर सिंह सिर्फ एक ड्रग तस्कर नहीं, बल्कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का अहम सदस्य है, जिसकी जड़ें अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको और यूरोप तक फैली हुई हैं। इस नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ (Operation Hard Ball) को अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई माना जा रहा है।

ऑपरेशन हार्ड बॉल से मचा हड़कंप

एफबीआई, कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों और यूरोपीय देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मिलकर इस संयुक्त अभियान की शुरुआत की है। इसका मकसद उन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों की कमर तोड़ना है जो ड्रग्स, हथियारों और संगठित अपराध के जरिए अरबों डॉलर का अवैध कारोबार चला रहे हैं।जांच एजेंसियों के अनुसार इस अभियान का फोकस उन नेटवर्कों पर है जिनके तार भारत से जुड़े कुख्यात गैंगों तक पहुंचते हैं। इनमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग, जग्गू भगवानपुरिया नेटवर्क और रविंदर ढांडा ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं।

कौन है हरमनवीर सिंह?

एफबीआई के मुताबिक हरमनवीर सिंह पर आरोप है कि वह कनाडा के वैंकूवर से संचालित रविंदर ढांडा गैंग के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग तस्करी करता था।जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में सक्रिय ड्रग नेटवर्क तक भारी मात्रा में कोकीन और मेथामफेटामाइन (मेथ) पहुंचाता था।एफबीआई का कहना है कि हरमनवीर सिंह इस पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन में अहम भूमिका निभाता था।

गंभीर आरोपों में घिरा आरोपी

अमेरिकी एजेंसियों ने हरमनवीर सिंह पर कई गंभीर आपराधिक धाराओं में आरोप लगाए हैं।

उस पर आरोप है कि उसने—

  • प्रतिबंधित मादक पदार्थों के वितरण की साजिश रची।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स के निर्यात की योजना बनाई।
  • तस्करी के उद्देश्य से प्रतिबंधित मादक पदार्थ अपने कब्जे में रखे।
  • संगठित अपराध नेटवर्क के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय ड्रग कारोबार को संचालित किया।

एफबीआई का कहना है कि यदि आरोप साबित होते हैं तो आरोपी को अमेरिका में बेहद कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है।

जून में जारी हुआ था गिरफ्तारी वारंट

एफबीआई के अनुसार 23 जून 2026 को अमेरिका के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की संघीय अदालत ने हरमनवीर सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।इसके बाद जांच एजेंसियों ने उसकी तलाश तेज कर दी। अब एफबीआई ने उसे सार्वजनिक रूप से वांछित घोषित कर उसकी जानकारी जारी की है, ताकि आम लोगों की मदद से भी उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।

तीन देशों में फैला था ड्रग नेटवर्क

जांच एजेंसियों के मुताबिक रविंदर ढांडा ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप कनाडा के वैंकूवर से संचालित होता है, लेकिन इसका नेटवर्क केवल कनाडा तक सीमित नहीं है।

इस गिरोह के तार—

  • अमेरिका
  • कनाडा
  • मेक्सिको

तक फैले हुए बताए जा रहे हैं।यहीं से कोकीन, मेथामफेटामाइन और अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थों की सप्लाई विभिन्न देशों में की जाती थी।

ऑपरेशन में 24 गिरफ्तारियां

इस महीने अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया।इनमें से 11 आरोपी केवल कैलिफोर्निया से पकड़े गए।जांच में दावा किया गया कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी भारत से जुड़े तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े हुए थे।अब एजेंसियां फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।

37 लोगों पर दर्ज हुआ मामला

अमेरिकी न्याय विभाग ने इस पूरे अभियान के दौरान 37 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।

इन पर आरोप हैं—

  • अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी
  • संगठित अपराध
  • अवैध वित्तीय लेनदेन
  • आपराधिक साजिश
  • प्रतिबंधित मादक पदार्थों की सप्लाई

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

क्यों खास है यह कार्रवाई?

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में संगठित अपराध केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा है।

आज अपराधी—

  • अलग-अलग देशों में बैठकर नेटवर्क चला रहे हैं।
  • ड्रग्स, हथियार और हवाला कारोबार को आपस में जोड़ चुके हैं।
  • आधुनिक तकनीक और एन्क्रिप्टेड संचार का इस्तेमाल कर जांच एजेंसियों से बचने की कोशिश करते हैं।

ऐसे में अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय देशों का यह संयुक्त अभियान अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ बड़ी रणनीतिक कार्रवाई माना जा रहा है।

भारत से जुड़े नेटवर्क पर भी नजर

जांच एजेंसियां इस पूरे मामले में भारत से जुड़े संभावित संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि अब तक किसी अन्य भारतीय नागरिक की भूमिका को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।एजेंसियों का कहना है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और ड्रग तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना प्राथमिकता है।

आगे क्या होगा?

एफबीआई की मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल किए जाने के बाद हरमनवीर सिंह की तलाश अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेज हो गई है। यदि वह किसी भी सहयोगी देश में मिलता है तो प्रत्यर्पण संधियों और कानूनी प्रक्रिया के तहत उसकी गिरफ्तारी की जा सकती है।उधर अमेरिकी न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन हार्ड बॉल तब तक जारी रहेगा, जब तक पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त नहीं कर दिया जाता। ऑपरेशन हार्ड बॉल ने यह साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी अब केवल किसी एक देश की समस्या नहीं रह गई है। एफबीआई द्वारा भारतीय नागरिक हरमनवीर सिंह को वांछित घोषित करना इस बात का संकेत है कि वैश्विक एजेंसियां अब सीमा पार सक्रिय अपराध सिंडिकेट के खिलाफ समन्वित और आक्रामक रणनीति अपना रही हैं। आने वाले दिनों में जांच और गिरफ्तारियों के साथ इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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