एम्स रायबरेली का बड़ा कमाल! सिर्फ 5.5 महीने में 651 सफल ऑपरेशन, बना नया रिकॉर्ड

Editorial
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रायबरेली अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायबरेली ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। संस्थान के इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर (Emergency OT) ने महज साढ़े पांच महीनों में 651 सफल ऑपरेशन कर यह साबित कर दिया है कि बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, अनुभवी डॉक्टरों की टीम और आधुनिक तकनीक मिलकर गंभीर से गंभीर मरीजों को नई जिंदगी दे सकती हैं। यह उपलब्धि न केवल एम्स रायबरेली के लिए गर्व का विषय है, बल्कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।2 फरवरी 2026 को शुरू हुई इमरजेंसी ओटी सेवा ने बेहद कम समय में जिस गति और दक्षता के साथ मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया है, वह संस्थान की कार्यशैली, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और डॉक्टरों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सड़क दुर्घटनाओं से लेकर गंभीर चोट, आंतरिक रक्तस्राव, अचानक उत्पन्न मेडिकल इमरजेंसी और अन्य जटिल मामलों में इस ओटी ने समय पर सर्जरी कर सैकड़ों लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

651 सफल ऑपरेशन, हर दिन बचीं कई जिंदगियां

एम्स रायबरेली के इमरजेंसी विभाग में स्थापित यह अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर 24 घंटे सक्रिय रहता है। यहां विशेषज्ञ सर्जनों, एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, नर्सिंग अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की टीम लगातार मरीजों की सेवा में जुटी रहती है। बीते साढ़े पांच महीनों में कुल 651 सफल ऑपरेशन किए गए, जो किसी भी नए शुरू हुए इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर के लिए बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।विशेषज्ञों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में हर मिनट कीमती होता है। ऐसे समय में यदि अस्पताल में आधुनिक इमरजेंसी ओटी और प्रशिक्षित मेडिकल टीम उपलब्ध हो तो मरीज के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। एम्स रायबरेली ने इसी सिद्धांत को व्यवहार में उतारते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया।

उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ सम्मान समारोह

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अवसर पर 24 जुलाई 2026 को एम्स रायबरेली के ग्राउंड फ्लोर स्थित इमरजेंसी ओटी परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने की। समारोह में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी और अन्य स्वास्थ्यकर्मी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।कार्यक्रम में उप निदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह, अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज कुमार श्रीवास्तव, इमरजेंसी ओटी प्रभारी डॉ. अभय राज यादव, सर्जरी विभाग के चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी और अन्य कर्मचारी भी शामिल हुए। सभी ने इस उपलब्धि को संस्थान के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।

प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने टीम को दी बधाई

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने इमरजेंसी ओटी की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी मेडिकल टीम के समर्पण, अनुशासन, बेहतर समन्वय और मरीजों के प्रति सेवा-भाव का परिणाम है।उन्होंने कहा कि किसी भी अस्पताल की पहचान केवल उसकी इमारत या आधुनिक मशीनों से नहीं होती, बल्कि वहां कार्यरत डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत और संवेदनशीलता से होती है। एम्स रायबरेली की टीम ने यह साबित कर दिया है कि यदि पूरी निष्ठा के साथ काम किया जाए तो सीमित समय में भी असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मरीजों को सर्वोत्तम और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। भविष्य में भी इमरजेंसी सेवाओं को और अधिक सशक्त एवं आधुनिक बनाया जाएगा ताकि किसी भी गंभीर मरीज को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े।

टीमवर्क बना सफलता की सबसे बड़ी ताकत

एम्स प्रशासन के अनुसार इमरजेंसी ओटी की इस उपलब्धि के पीछे डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सिंग अधिकारियों, ऑपरेशन थिएटर तकनीशियनों, एनेस्थीसिया टीम, वार्ड स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की दिन-रात की मेहनत शामिल है। मरीज के अस्पताल पहुंचने से लेकर ऑपरेशन और उसके बाद की देखभाल तक हर चरण में पूरी टीम एकजुट होकर कार्य करती है।यही टीमवर्क इमरजेंसी चिकित्सा सेवाओं की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया है। गंभीर परिस्थितियों में भी मेडिकल स्टाफ ने धैर्य और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए लगातार बेहतर परिणाम दिए हैं।

रायबरेली ही नहीं, पूरे क्षेत्र को मिल रहा लाभ

एम्स रायबरेली आज केवल रायबरेली जिले तक सीमित नहीं है। यहां उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी ओटी शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को अब तत्काल सर्जिकल सुविधा मिलने लगी है, जिससे रेफर होने की आवश्यकता भी कम हुई है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत करती हैं। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के मरीजों को भी बेहतर उपचार मिल रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं में नया मानक स्थापित

सिर्फ साढ़े पांच महीनों में 651 सफल ऑपरेशन का आंकड़ा यह दर्शाता है कि एम्स रायबरेली ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में गुणवत्ता, गति और भरोसे का नया मानक स्थापित किया है। आने वाले समय में संस्थान अत्याधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से और अधिक लोगों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा पहुंचाने की दिशा में कार्य करेगा।एम्स रायबरेली की यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि समर्पित मेडिकल टीम, आधुनिक संसाधन और मरीजों के प्रति सेवा-भाव के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलाव संभव हैं। 651 सफल ऑपरेशन केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों की मुस्कान और नई उम्मीद का प्रतीक है, जिनके अपने समय पर मिले उपचार की बदौलत सुरक्षित जीवन की ओर लौट सके।

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