बिहार में महा-बवाल: SP पर हमला, छपरा में फूंकी पुलिस वैन; पूरे राज्य में लाठीचार्ज और भारी पथराव!

Editorial
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पटना  देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG) में धांधली और पेपर लीक विवाद के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर से उठी विरोध की चिंगारी अब बिहार में प्रचंड आग का रूप ले चुकी है। दिल्ली में पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुए तीखे टकराव के ठीक अगले ही दिन शनिवार को बिहार की राजधानी पटना समेत पूरे प्रदेश में जबरदस्त उपद्रव और भारी हिंसा देखने को मिली।वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए इस ‘बिहार बंद’ को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, सीपीएम, माले के साथ-साथ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और पूरे महागठबंधन का खुला समर्थन मिला। बंद की घोषणा के साथ ही सुबह से ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां, बैनर और झंडे लेकर सड़कों पर उतर आए। सड़क जाम, नारेबाजी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की खबरों के बीच प्रदेश भर में अफरा-फरी का माहौल बना रहा।पटना में राजद नेता तेज प्रताप यादव खुद सड़कों पर उतरकर सरकार विरोधी नारेबाजी करते दिखे। डाक बंगला चौराहे और जेपी गोलंबर के आसपास तनाव बढ़ता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे तेज प्रताप यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।

 जिले-जिले में रणक्षेत्र बनीं सड़कें: छपरा में आगजनी तो औरंगाबाद में बरसीं लाठियां

 सीतामढ़ी: उद्रवियों का दुस्साहस, एसपी अमित रंजन पर हमला

बिहार बंद के दौरान सबसे संवेदनशील और दुस्साहसिक वारदात सीतामढ़ी से सामने आई। यहाँ प्रदर्शनकारियों की उग्र भीड़ ने कानून-व्यवस्था संभाल रहे जिला पुलिस कप्तान (SP) अमित रंजन को ही सीधा निशाना बना लिया। उपद्रवियों द्वारा किए गए हमले और पत्थरबाजी में एसपी अमित रंजन के पैर में गंभीर चोट आई है। हालांकि, घायल होने के बावजूद एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करते नजर आए।

 छपरा (सारण): उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन को किया आग के हवाले

छपरा नगर निगम क्षेत्र के नगरपालिका चौक, साहेबगंज, दारोगा राय चौक और सदर अस्पताल रोड पर स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच सीधी हिंसक भिड़ंत देखने को मिली। उग्र भीड़ ने पत्थरबाजी करते हुए पुलिस की एक गश्ती गाड़ी (वैन) में आग लगा दी। देखते ही देखते वाहन धूं-धूं कर जल उठा, जिससे पूरे छपरा शहर में दहशत फैल गई। दुकानदारों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर लीं। हालात बिगड़ते देख जिलाधिकारी (DM) और पुलिस कप्तान ने भारी पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाला।

 औरंगाबाद व भागलपुर: पुलिस और पत्रकारों पर पथराव, आंसू गैस के दागे गए गोले

औरंगाबाद के व्यस्ततम रमेश चौक पर छात्रों और पुलिस बल के बीच हिंसक झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ रोड़े बरसाए, जिसमें कई पुलिसकर्मियों के साथ-साथ कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार को भी गंभीर चोटें आईं। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर खदेड़-खदेड़कर भारी लाठीचार्ज किया।उधर भागलपुर के तिलकामांझी इलाके में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों और दंगा नियंत्रण वाहन ‘वज्र’ को निशाना बनाया और भारी पथराव किया, जिससे पुलिस के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

 पटना का डाक बंगला चौराहा बना अखाड़ा: पूर्णिया और सीवान में ईंट-पत्थर का जवाब ईंट-पत्थर से

राजधानी पटना के गांधी मैदान से लेकर डाक बंगला चौराहे तक दिनभर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच ‘चूहे-बिल्ली का खेल’ चलता रहा। सुबह से ही प्रदर्शनकारी छोटी-छोटी टोलियों में बंटकर सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश करते रहे। जैसे ही भीड़ ने जेपी गोलंबर और डाक बंगला चौराहा पर बैरिकेडिंग गिराकर पुलिस पर पथराव शुरू किया, पुलिस ने भारी लाठीचार्ज कर दिया।पटना के सीनियर एसपी कार्तिकेय शर्मा ने स्वयं कमांड संभाली और केंद्रीय बलों के साथ मिलकर उग्र भीड़ को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया।

 पूर्णिया, सीवान और समस्तीपुर में जनजीवन ठप

  • पूर्णिया: पूर्णिया में स्थिति इतनी भयावह हो गई कि पुलिस को रोड़ेबाजी कर रहे उपद्रवियों पर पलटवार करते हुए ईंट-पत्थर का जवाब पत्थर से देना पड़ा।

  • सीवान: सीवान में गांधी मैदान जा रहे छात्रों को जब पुलिस ने रोका तो हाथापाई शुरू हो गई। देखते ही देखते भगदड़ मच गई और दरबार रोड की दुकानें धड़ाधड़ बंद हो गईं।

  • समस्तीपुर व मुजफ्फरपुर: समस्तीपुर के एनएच-122 पर आइसा (AISA) और कार्यकर्ताओं ने चक्का जाम कर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया, जबकि मुजफ्फरपुर में समाहणालय के मुख्य द्वार पर दर्जनों कार्यकर्ता बीच सड़क पर धरना देकर बैठ गए और केंद्रीय मंत्री के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

 क्या सरकार पर दबाव बढ़ा पाएगी छात्र-युवा क्रांति?

नीट पेपर लीक विवाद को लेकर बिहार में उठी यह विरोध की लहर अब केवल एक परीक्षा से जुड़ी समस्या नहीं रह गई है, बल्कि इसने एक विशाल राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप धारण कर लिया है। राज्यभर में हुए लाठीचार्ज, आगजनी और अधिकारियों पर हुए हमलों के बाद बिहार का राजनीतिक तापमान चरम पर पहुँच गया है। विपक्ष जहाँ इस मुद्दे पर सरकार की प्रशासनिक विफलता और छात्रों पर बर्बरता का आरोप लगा रहा है, वहीं प्रशासन का कहना है कि उपद्रवियों और कानून हाथ में लेने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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