गयाजी/बिहार बिहार के गयाजी जिले के इमामगंज प्रखंड की मंझौली पंचायत में बारिश ने एक बार फिर सरकारी निर्माण व्यवस्था की पोल खोल दी है। भुतही नदी पर महज 10 दिन पहले बनाई गई अस्थायी पुलिया तेज बहाव में तीसरी बार बह गई। पुलिया के बहने से एक दर्जन से अधिक गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों को अब जरूरी कामों के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।बार-बार पुलिया के बह जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और भुतही नदी पर स्थायी पुल के निर्माण की मांग की है।
10 दिन में ही बह गई पुलिया
मंझौली पंचायत के लोगों के लिए भुतही नदी पर बना रास्ता लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ते ही आवागमन प्रभावित हो जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए ह्यूम पाइप के सहारे अस्थायी पुलिया बनाई गई थी।लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस साल यह पुलिया तीसरी बार बह गई है। सबसे हैरानी की बात यह है कि वर्तमान पुलिया का निर्माण करीब 10 दिन पहले ही कराया गया था। बारिश के बाद नदी में पानी का बहाव बढ़ा और पुलिया तेज धारा का दबाव नहीं झेल सकी।पुलिया के बहने के बाद एक बार फिर वही सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर हर साल अस्थायी समाधान पर निर्भर रहने के बजाय स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की जाती?

एक दर्जन से ज्यादा गांवों का संपर्क प्रभावित
भुतही नदी पर बनी पुलिया के बहने से क्षेत्र के कई गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। निजामडीह, जिरवातरी उमान, मल्लाह जोत, बाघा डावर और कलामी समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों का मुख्य मार्ग से संपर्क प्रभावित हुआ है।इन गांवों के लोगों को बाजार, अस्पताल, स्कूल और अन्य जरूरी कामों के लिए आवागमन में परेशानी हो रही है। सामान्य दिनों में जिस रास्ते से लोग आसानी से मुख्य मार्ग तक पहुंच जाते थे, अब वहां नदी का तेज बहाव बाधा बन गया है।कई ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे समय के साथ-साथ अतिरिक्त खर्च भी बढ़ रहा है।

हर बारिश में टूटता है संपर्क
स्थानीय लोगों का कहना है कि भुतही नदी पर पुलिया बहने की समस्या नई नहीं है। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ते ही अस्थायी पुलिया पर खतरा मंडराने लगता है।ग्रामीणों के मुताबिक, पहले भी पुलिया बनाई गई और बारिश के बाद वह बह गई। इसके बाद दोबारा निर्माण कराया गया, लेकिन इस बार भी स्थिति नहीं बदली। लोगों का कहना है कि एक ही जगह पर बार-बार अस्थायी निर्माण कराने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है।ग्रामीण अब सवाल उठा रहे हैं कि जब हर साल इसी तरह की स्थिति बनती है तो मजबूत पुल का निर्माण क्यों नहीं कराया जाता?
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
पुलिया के तीसरी बार बहने के बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्थायी पुलिया को पर्याप्त मजबूती और तकनीकी मानकों के अनुरूप तैयार नहीं किया गया।लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य मजबूत तरीके से किया जाता तो महज कुछ दिनों के भीतर ही पुलिया के बहने की नौबत नहीं आती।हालांकि निर्माण की गुणवत्ता से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रशासनिक स्तर पर तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पुलिया के बहने की वजह केवल नदी का तेज बहाव था या निर्माण में भी कोई कमी रही।
तेज बारिश से बढ़ा नदी का जलस्तर
स्थानीय निवासी डॉ. कृष्ण प्रसाद के अनुसार, क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद भुतही नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण ह्यूम पाइप के सहारे बनाई गई पुलिया टिक नहीं सकी और बह गई।उन्होंने बताया कि यह स्थिति हर वर्ष बारिश के दौरान सामने आती है। ग्रामीण लंबे समय से यहां स्थायी पुल की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
पुलिया टूटने से सबसे ज्यादा चिंता उन परिवारों की बढ़ी है, जिन्हें रोजमर्रा के काम के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों के लिए आवागमन की समस्या गंभीर हो गई है।ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान यदि किसी व्यक्ति को अचानक चिकित्सा सुविधा की जरूरत पड़े तो उसे अस्पताल तक पहुंचाना भी चुनौती बन सकता है।
अब स्थायी पुल की मांग
बार-बार पुलिया बहने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अब स्थायी पुल निर्माण की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि हर साल अस्थायी पुलिया बनाना और फिर उसके बह जाने के बाद दोबारा निर्माण कराना समस्या का समाधान नहीं है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि भुतही नदी पर स्थायी और मजबूत पुल का निर्माण हो जाए तो एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। क्या भुतही नदी पर स्थायी पुल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा या इस बार भी अस्थायी पुलिया बनाकर समस्या को टाल दिया जाएगा? बारिश के बीच यह सवाल मंझौली पंचायत के ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
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