AI के साए में होगी सबरीमाला यात्रा! 550 कमरे होंगे ऑनलाइन बुक, 5 पडी पूजा और बीमा सुविधा से बदलेगा भक्तों का अनुभव

Editorial
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तिरुवनंतपुरम देश के सबसे प्रतिष्ठित और आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में शामिल सबरीमाला श्री अयप्पा मंदिर में इस बार श्रद्धालुओं को पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और तकनीक से लैस तीर्थ यात्रा का अनुभव मिलने जा रहा है। हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए त्रावणकोर देवासम बोर्ड (टीडीबी) ने इस बार कई बड़े और ऐतिहासिक बदलावों का ऐलान किया है। सबसे बड़ा फैसला है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से भीड़ प्रबंधन करना। इसके अलावा ऑनलाइन कमरों की संख्या लगभग तीन गुना बढ़ा दी गई है, पडी पूजा की संख्या में इजाफा किया गया है, बीमा सुविधा शुरू करने की तैयारी है और श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में व्यापक कदम उठाए गए हैं।बोर्ड का कहना है कि इस बार प्राथमिकता किसी प्रचार कार्यक्रम की नहीं, बल्कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराने की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये व्यवस्थाएं सफल रहीं तो सबरीमाला तीर्थ प्रबंधन पूरे देश के अन्य बड़े धार्मिक स्थलों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।

AI संभालेगी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़

सबरीमाला में हर वर्ष तीर्थ सीजन के दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। कई बार अत्यधिक भीड़ के कारण लंबी कतारें, अव्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां सामने आती रही हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए इस बार AI आधारित कंट्रोल सिस्टम लागू किया जा रहा है।मुख्यालय और सन्निधानम में अत्याधुनिक AI कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। यहां लगे स्मार्ट कैमरे और निगरानी प्रणाली श्रद्धालुओं की आवाजाही पर हर समय नजर रखेंगे। यदि किसी स्थान पर भीड़ असामान्य रूप से बढ़ती है तो सिस्टम तुरंत अधिकारियों को अलर्ट करेगा, जिससे समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जा सकेगी।बोर्ड का मानना है कि इससे भगदड़ जैसी घटनाओं की आशंका कम होगी और दर्शन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित रहेगी।

अब ऑनलाइन बुक होंगे 550 कमरे

श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी राहत आवास व्यवस्था में मिलने जा रही है। अब तक सन्निधानम के 690 कमरों में से केवल 190 कमरों की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध थी। इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को मौके पर लंबी कतारों में लगना पड़ता था।नई व्यवस्था के तहत अब 550 कमरों की ऑनलाइन बुकिंग की जा सकेगी। इससे श्रद्धालु यात्रा से पहले ही अपना आवास सुनिश्चित कर सकेंगे।इतना ही नहीं, पहले कमरा बुक करने के लिए सुरक्षा जमा राशि भी देनी पड़ती थी। अब इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। श्रद्धालुओं को केवल कमरे का किराया और 50 रुपये सेवा शुल्क देकर ऑनलाइन कमरा बुक करने की सुविधा मिलेगी।बोर्ड ने कमरों की साफ-सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी भी एक पेशेवर एजेंसी को सौंपने का फैसला लिया है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

सबरी गेस्ट हाउस में बनेंगे 60 नए कमरे

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बोर्ड ने सबरी गेस्ट हाउस में 60 नए कमरों के निर्माण की भी योजना बनाई है।इसके लिए हाईकोर्ट और उच्चाधिकार समिति से आवश्यक मंजूरी ली जाएगी। नए कमरों के बनने से भविष्य में तीर्थ यात्रियों को ठहरने की सुविधा और बेहतर होगी।

अब रोज होगी पांच पडी पूजा

सबरीमाला में होने वाली पडी पूजा श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। इसकी मांग इतनी अधिक है कि इसकी बुकिंग वर्ष 2048 तक पूरी हो चुकी है।श्रद्धालुओं की बढ़ती मांग को देखते हुए तंत्री की अनुमति के बाद अब प्रतिदिन एक की जगह पांच पडी पूजा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इससे अधिक संख्या में श्रद्धालुओं को इस विशेष पूजा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

अन्नदानम योजना में भी बड़ा बदलाव

देवासम बोर्ड ने अन्नदानम व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है।अब किसी व्यक्ति विशेष के नाम से भोजन प्रायोजित नहीं किया जाएगा। सभी श्रद्धालुओं को बोर्ड की ओर से समान रूप से पारंपरिक केरल भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। बोर्ड का कहना है कि इससे भोजन वितरण में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित होगी।

बीमा सुरक्षा भी मिलेगी श्रद्धालुओं को

पिछले तीर्थ सीजन के दौरान 54 श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई थी। इसे देखते हुए बोर्ड ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला लिया है।मृत श्रद्धालुओं के परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि वर्चुअल कतार टिकट के साथ लिए जाने वाले पांच रुपये सुरक्षा फंड से दी जाएगी।इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के साथ व्यापक बीमा योजना लागू करने पर भी बातचीत चल रही है। यदि यह योजना लागू होती है तो लाखों श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सुरक्षा कवच मिलेगा।

स्वच्छता और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस

मानसून समाप्त होने के बाद पूरे मंदिर परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा।साथ ही मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की निगरानी वास्तुविद्या गुरुकुलम की विशेषज्ञ टीम करेगी। यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था, भवनों की गुणवत्ता और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा नियमित रूप से किया जाएगा।

‘अयप्पा संगमम’ कार्यक्रम नहीं होगा

त्रावणकोर देवासम बोर्ड के अध्यक्ष के. जयकुमार ने स्पष्ट किया कि इस बार ‘अयप्पा संगमम’ कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि भगवान अयप्पा को किसी प्रचार की आवश्यकता नहीं है। बोर्ड का पूरा ध्यान अब केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने पर रहेगा।

देशभर के तीर्थ स्थलों के लिए बन सकता है मॉडल

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सबरीमाला में AI आधारित भीड़ नियंत्रण, ऑनलाइन आवास व्यवस्था, आधुनिक निगरानी प्रणाली और बीमा जैसी व्यवस्थाएं सफल रहती हैं तो यह देश के अन्य बड़े धार्मिक स्थलों—जैसे तिरुपति, वैष्णो देवी, काशी विश्वनाथ और महाकाल मंदिर—के लिए भी एक आदर्श मॉडल साबित हो सकता है।

श्रद्धालुओं को क्या मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?

इस बार सबरीमाला आने वाले श्रद्धालुओं को लंबी कतारों से राहत, ऑनलाइन कमरों की आसान उपलब्धता, बेहतर स्वच्छता, सुरक्षित यात्रा, अधिक पूजा अवसर, समान भोजन व्यवस्था और बीमा जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। AI तकनीक की मदद से भीड़ प्रबंधन होने के कारण यात्रा पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित रहने की उम्मीद है।देवासम बोर्ड का कहना है कि उद्देश्य केवल दर्शन कराना नहीं, बल्कि हर श्रद्धालु को ऐसा आध्यात्मिक अनुभव देना है, जिसमें सुरक्षा, सुविधा और व्यवस्था—तीनों का संतुलन बना रहे। यदि सभी योजनाएं समय पर लागू होती हैं, तो इस वर्ष की अयप्पा यात्रा अब तक की सबसे आधुनिक, सुरक्षित और श्रद्धालु-केंद्रित तीर्थ यात्रा बन सकती है।

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