एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खेल जगत के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। भारतीय गोल्फर प्रणवी उर्स ने महिला व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह एशियन गेम्स के इतिहास में महिला व्यक्तिगत गोल्फ में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई हैं। 23 वर्षीय प्रणवी ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता के अंतिम दौर में दबाव के बीच शानदार धैर्य दिखाया और एक स्ट्रोक की बढ़त के साथ गोल्ड अपने नाम किया।प्रणवी की इस उपलब्धि के साथ ही भारतीय गोल्फ के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। खास बात यह रही कि फाइनल राउंड की शुरुआत में उन्हें बड़ा झटका लगा था, लेकिन उन्होंने अपना संयम नहीं खोया और शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को अपने पक्ष में कर लिया।

आखिरी दौर में मुश्किल शुरुआत, फिर शानदार वापसी
प्रणवी उर्स ने अंतिम दौर की शुरुआत तीन स्ट्रोक की बढ़त के साथ की थी। ऐसे में उनके सामने अपनी बढ़त बनाए रखने की चुनौती थी। हालांकि तीसरे होल पर उन्हें ट्रिपल बोगी का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी बढ़त समाप्त हो गई और मुकाबला काफी रोमांचक हो गया।इस मुश्किल स्थिति में प्रणवी ने अपना फोकस बनाए रखा। उन्होंने इसके बाद छठे, 10वें और 13वें होल पर बर्डी हासिल की। इन महत्वपूर्ण शॉट्स ने उन्हें फिर से मुकाबले में बढ़त दिलाने में मदद की। अंतिम चरण में उन्होंने अपने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और आखिरकार ऐतिहासिक स्वर्ण पदक हासिल किया।फाइनल राउंड में प्रणवी ने 70 का स्कोर बनाया और चार राउंड के बाद उनका कुल स्कोर 15-अंडर 265 रहा। उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों से एक स्ट्रोक की बढ़त के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
पहली भारतीय महिला बनीं प्रणवी
प्रणवी उर्स की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि एशियन गेम्स में भारतीय महिला गोल्फ को इससे पहले व्यक्तिगत स्वर्ण पदक नहीं मिला था। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारतीय महिला गोल्फ के लिए एक नया रिकॉर्ड कायम किया।भारत के लिए एशियन गेम्स में गोल्फ का पिछला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक 2002 में आया था, जब शिव कपूर ने पुरुषों की व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड जीता था। 24 साल बाद प्रणवी ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर भारत को फिर गोल्फ के व्यक्तिगत वर्ग में शीर्ष स्थान दिलाया।यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हांगझोउ 2023 एशियन गेम्स में अदिति अशोक ने महिला व्यक्तिगत गोल्फ में रजत पदक जीता था। अब प्रणवी ने उससे आगे बढ़ते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया है।
टीम इवेंट में भी भारत को सिल्वर
प्रणवी उर्स की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं रही। उन्होंने अदिति अशोक और दीक्षा डागर के साथ भारतीय महिला गोल्फ टीम को भी रजत पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।भारतीय टीम ने टीम इवेंट में कुल 14-अंडर 546 का स्कोर किया। चीन की टीम 22-अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही। इस तरह प्रणवी ने एशियन गेम्स 2026 में व्यक्तिगत गोल्ड और टीम सिल्वर, दोनों पदक अपने नाम किए।फाइनल राउंड में अदिति अशोक ने 67 और दीक्षा डागर ने 77 का स्कोर दर्ज किया। टीम स्पर्धा में तीन खिलाड़ियों में से दो सर्वश्रेष्ठ स्कोर को जोड़ा जाता है। भारतीय टीम ने इसी आधार पर रजत पदक हासिल किया।
दबाव में नहीं टूटा प्रणवी का फोकस
प्रणवी की जीत की सबसे बड़ी खासियत अंतिम दौर में उनका संयम रहा। तीन स्ट्रोक की बढ़त के साथ अंतिम दौर शुरू करने के बाद तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी ने मुकाबले को पूरी तरह बदल दिया था। इसके बावजूद उन्होंने लगातार बेहतर खेल दिखाया और बर्डी के जरिए वापसी की।छठे, 10वें और 13वें होल की बर्डी उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुईं। इसके बाद उन्होंने अंतिम हिस्से में अपनी बढ़त बनाए रखी। आखिरी होल पर उन्होंने जरूरी नियंत्रण दिखाते हुए अपना स्कोर सुरक्षित रखा और भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक सुनिश्चित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
प्रणवी उर्स की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में प्रणवी को एशियन गेम्स में महिला व्यक्तिगत गोल्फ का भारत का पहला स्वर्ण पदक जीतने पर शुभकामनाएं दी गईं। संदेश में उनकी शानदार फिनिश और प्रदर्शन की सराहना की गई।प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि प्रणवी की यह उपलब्धि देश के युवाओं को गोल्फ की ओर आकर्षित करने और खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
भारतीय गोल्फ के लिए बड़ा दिन
एशियन गेम्स 2026 में प्रणवी उर्स का प्रदर्शन भारतीय गोल्फ के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बनकर सामने आया है। व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण और टीम स्पर्धा में रजत पदक के साथ उन्होंने एक ही प्रतियोगिता में दो पदक अपने नाम किए।मुकाबले के दौरान शुरुआती झटके के बाद वापसी और अंतिम दौर में बढ़त बनाए रखना उनकी इस जीत की प्रमुख विशेषताओं में रहा। उनका कुल स्कोर 15-अंडर 265 रहा, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी 14-अंडर 266 पर रहे।प्रणवी उर्स की यह ऐतिहासिक जीत अब एशियन गेम्स के भारतीय गोल्फ इतिहास में दर्ज हो चुकी है। महिला व्यक्तिगत गोल्फ में भारत को पहला स्वर्ण दिलाने वाली प्रणवी ने न सिर्फ अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया, बल्कि भारतीय गोल्फ के लिए भी एक नया मुकाम स्थापित किया।
Read on:http://मुरादाबाद में मिशन शक्ति फेज-5: महिलाओं को सुरक्षा और अधिकारों के प्रति किया जागरूक
Advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

