सर्दियों के मौसम में शरीर कई तरह के बदलावों से गुजरता है। ठंड बढ़ते ही त्वचा का रूखापन, होंठ फटना और सर्दी-जुकाम आम समस्याएं बन जाती हैं। लेकिन कई लोग एक और बदलाव को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं—नाखूनों का नीला या बैंगनी पड़ना। देखने में यह छोटी समस्या लग सकती है, लेकिन कई बार यह शरीर के अंदर चल रही किसी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकती है।
डॉक्टरों के मुताबिक, सर्दियों में नाखूनों का रंग बदलना कभी-कभी सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में, जहां सर्दियों में तापमान काफी गिर जाता है, यह समस्या अधिक देखने को मिलती है।
ठंड में नाखून नीले क्यों पड़ते हैं?
रक्त संचार में कमी है मुख्य कारण
HT लाइफस्टाइल से बातचीत में डॉ. पी. वेंकट कृष्णन, सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम ने बताया कि सर्दियों में नाखून नीले पड़ने का सबसे बड़ा कारण ब्लड सर्कुलेशन (रक्त प्रवाह) में कमी है।
उन्होंने समझाया, “जब शरीर ठंड के संपर्क में आता है, तो वह सबसे पहले दिल और दिमाग जैसे जरूरी अंगों को गर्म रखने की कोशिश करता है। इसके लिए हाथ, पैर, कान और नाक की रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिसे मेडिकल भाषा में वासोकंस्ट्रिक्शन कहा जाता है। इससे उंगलियों और नाखूनों तक ऑक्सीजन युक्त रक्त कम पहुंचता है, और नाखून नीले या बैंगनी नजर आने लगते हैं।”
मेडिकल टर्म क्या है?
इस स्थिति को मेडिकल भाषा में Peripheral Cyanosis कहा जाता है। आमतौर पर यह ठंड से जुड़ी होती है और जैसे ही शरीर गर्म होता है, नाखूनों का रंग फिर से सामान्य हो जाता है। ऐसे मामलों में घबराने की जरूरत नहीं होती।
क्या नीले नाखून हमेशा harmless होते हैं?
कब यह सामान्य माना जाता है?
डॉ. कृष्णन के अनुसार, “ज्यादातर स्वस्थ लोगों में यह समस्या अस्थायी होती है। जैसे ही हाथ-पैर गर्म होते हैं और रक्त संचार सामान्य होता है, नाखूनों का नीला रंग अपने आप ठीक हो जाता है।”
अगर ठंड में बाहर निकलने के बाद या ठंडे पानी के संपर्क में आने पर नाखून नीले पड़ते हैं और कुछ देर में सामान्य हो जाते हैं, तो यह आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती।
कब हो सकता है खतरे का संकेत?
हालांकि, डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि अगर गर्म होने के बाद भी नाखून नीले ही बने रहें, तो यह सिर्फ ठंड की वजह नहीं हो सकता। यह शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति से जुड़ी किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकता है।
किन बीमारियों का संकेत हो सकते हैं नीले नाखून?
डॉ. कृष्णन के मुताबिक, लगातार नीले रहने वाले नाखून निम्न बीमारियों से जुड़े हो सकते हैं:
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क्रॉनिक लंग डिजीज (फेफड़ों की पुरानी बीमारी)
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जन्मजात हृदय रोग
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हार्ट फेल्योर
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रक्त में ऑक्सीजन की कमी
इन स्थितियों में शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे नाखूनों और त्वचा का रंग नीला पड़ सकता है।
नीले नाखूनों के साथ दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सतर्क
ऑक्सीजन की कमी के अन्य संकेत
अगर नाखूनों के नीले पड़ने के साथ-साथ नीचे दिए गए लक्षण भी दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:
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सांस फूलना
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जल्दी थकान होना
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सीने में दर्द या जकड़न
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होंठ या त्वचा का नीला पड़ना
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चक्कर आना
ये लक्षण इस बात का संकेत हो सकते हैं कि शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही है।
लाइफस्टाइल और अन्य कारण
H3: डायबिटीज और स्मोकिंग का असर
डॉ. कृष्णन बताते हैं कि कई बार लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याएं भी नाखूनों के नीले पड़ने का कारण बन सकती हैं। जैसे:
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डायबिटीज के कारण नसों और रक्त प्रवाह पर असर
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स्मोकिंग से रक्त नलिकाओं को नुकसान
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एथेरोस्क्लेरोसिस, यानी धमनियों का सिकुड़ना
इन स्थितियों में हल्की ठंड में भी नाखून नीले पड़ सकते हैं।
ठंड में ज्यादा जोखिम क्यों?
सर्दियों में रक्त नलिकाएं पहले से ही सिकुड़ी होती हैं। ऐसे में जिन लोगों को पहले से ब्लड सर्कुलेशन की समस्या है, उनमें यह लक्षण ज्यादा जल्दी और ज्यादा गंभीर रूप में दिख सकता है।
कब दिखाएं डॉक्टर को?
अगर आपके नाखून:
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बार-बार नीले पड़ते हैं
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गर्म होने पर भी सामान्य नहीं होते
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दर्द, सुन्नता या झनझनाहट के साथ होते हैं
तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर डॉक्टर से जांच कराने से गंभीर बीमारियों का शुरुआती स्तर पर पता लगाया जा सकता है।
सर्दियों में नाखूनों को स्वस्थ रखने के उपाय
सर्दियों में इस समस्या से बचने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं:
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हाथ-पैर को गर्म रखें
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ज्यादा ठंड में दस्ताने पहनें
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स्मोकिंग से बचें
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डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें
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संतुलित आहार लें और नियमित व्यायाम करें
ये छोटे-छोटे कदम न सिर्फ नाखूनों, बल्कि पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।

