लड़कों को CM योगी की दो टूक: ‘बेटियां घर का काम करके भी ला रहीं मेरिट, छात्र उनसे लें प्रेरणा’

Editorial
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लखनऊ “परिश्रम का परिणाम हमेशा सुखद होता है और इस बार की मेरिट सूची साफ बता रही है कि बेटियां घर के काम में हाथ बंटाने के साथ-साथ पढ़ाई के मैदान में भी लड़कों को पछाड़कर बाजी मार रही हैं। छात्रों को अपनी इन बहनों से प्रेरणा लेनी चाहिए।” राजधानी लखनऊ के लोकभवन में आयोजित भव्य मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन दमदार शब्दों के साथ उत्तर प्रदेश के होनहारों का हौसला बढ़ाया। इस बेहद हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में सीएम योगी ने राज्य स्तर के 223 टॉपर्स को एक-एक लाख रुपये की भारी-भरकम सम्मान राशि, चमचमाते टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर नवाजा। इसके साथ ही जिला स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले 1,459 मेधावियों और शिक्षा की अलख जगाने वाले प्रधानाचार्यों व शिक्षकों को भी मंच से सम्मानित किया गया।मुख्यमंत्री ने मंच से जब नतीजों के आंकड़े सामने रखे तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। उन्होंने चुटीले अंदाज में लड़कों को नसीहत देते हुए कहा कि कुल 223 राज्य स्तरीय टॉपर्स में से 138 छात्राएं हैं और सिर्फ 85 छात्र हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के हाईस्कूल के 115 मेधावियों में 81 छात्राएं और महज 34 छात्र हैं, जबकि इंटरमीडिएट में भी 14 छात्राओं के मुकाबले सिर्फ 9 छात्र ही जगह बना पाए हैं। सीएम योगी ने मुस्कुराते हुए कहा कि छात्राएं घर में माता-पिता का सहयोग करते हुए भी ज्यादा मेहनत और ज्यादा अंक पाने का सामर्थ्य रख रही हैं, जबकि ऐसा लगता है कि लड़के अब सिर्फ मोहल्ले की हवा खाने और झाड़ू-पोछा लगाने में व्यस्त हो गए हैं। उन्होंने लड़कों को कड़ा संदेश दिया कि वे अपनी इस हीनभावना को छोड़ें और छात्राओं की लगन से सीख लेकर आगे बढ़ें।

 

इस ऐतिहासिक उत्सव में माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने भी छात्र-छात्राओं के भीतर नए संकल्प की ऊर्जा भरी। उन्होंने युवाओं को मंत्र देते हुए कहा कि ‘संकल्प में कोई विकल्प नहीं होता’, इसलिए बार-बार अपना लक्ष्य बदलने के बजाय जो बनना है उसकी तैयारी में आज से ही जुट जाएं। उन्होंने राजनीतिक व्यवस्था पर भी तंज कसते हुए कहा कि अगर डॉक्टर, वकील या शिक्षक बनना है तो कड़ी मेहनत करनी होगी, लेकिन अगर नेता बनना है तो फिर कुछ करने की जरूरत ही नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों को नसीहत दी कि जब बच्चा हाईस्कूल में पहुंच जाए तो उसके साथ पाश्चात्य संस्कृति की अंधी दौड़ से हटकर एक सच्चे मित्र की तरह व्यवहार करें ताकि वह अपनी हर भावना साझा कर सके।  इस भव्य सम्मान समारोह के समापन पर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आए क्रांतिकारी बदलावों को भी रेखांकित किया गया। शिक्षा मंत्री ने गर्व से घोषणा की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों का ही असर है कि इस साल भी पूरे उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाएं पूरी तरह से नकलविहीन, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न हुईं। पूरे प्रदेश में कहीं भी न तो कोई पेपर लीक हुआ और न ही परीक्षा की मर्यादा से कोई समझौता हुआ, जिसने उत्तर प्रदेश के शिक्षा जगत में सफलता का एक नया और अटूट कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

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