सीमापुरी में भरभराकर गिरी इमारत, मलबे में जिंदगी की तलाश

Editorial
8 Min Read

नई दिल्ली दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में बुधवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ईदगाह मछली मंडी के पास एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत के गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।घटना के बाद इलाके में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। बचाव दलों ने मलबे के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर राहत कार्य शुरू किया। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में किसी के फंसे होने की स्थिति में उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

सीमापुरी में भरभराकर गिरी इमारत
सीमापुरी में भरभराकर गिरी इमारत

अचानक गिरी इमारत, इलाके में मचा हड़कंप

जानकारी के मुताबिक, न्यू सीमापुरी के ईदगाह मछली मंडी के पास बुधवार दोपहर इमारत गिरने की सूचना सामने आई। बताया जा रहा है कि इमारत अचानक भरभराकर नीचे आ गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।इमारत के गिरने के बाद बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया। इसी मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव एजेंसियों को तत्काल सक्रिय किया गया। घटनास्थल पर मौजूद टीमों ने मलबे को हटाने और संभावित रूप से फंसे लोगों तक पहुंचने की कार्रवाई शुरू की।हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा ने तेजी से मोर्चा संभाला। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत 3 वाटर टेंडर और 1 इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

दमकल अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

इमारत गिरने की सूचना मिलने के बाद दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एडीओ संतोष और एसटीओ मनोज त्यागी ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी शुरू की।मौके की स्थिति को देखते हुए बचाव अभियान में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी की जरूरत महसूस की गई। जानकारी के अनुसार करीब 3:50 से 3:51 बजे के बीच एसटीओ मनोज त्यागी की ओर से वरिष्ठ अधिकारी की मांग की गई। इसके बाद डीओ मनीष और एडीओ दीपक भी कार्रवाई में शामिल हुए।घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों की निगरानी में मलबे को हटाने और स्थिति का आकलन करने का काम किया जा रहा है। बचाव दल इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि मलबे के नीचे कोई व्यक्ति फंसा है या नहीं।

मलबे में जिंदगी की तलाश

इमारत गिरने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि मलबे के नीचे कितने लोग फंसे हैं।  फिलहाल मृतकों या घायलों की संख्या की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में किसी भी संख्या को लेकर दावा करना जल्दबाजी होगी।दमकल और पुलिस की टीमें मलबे की बारीकी से जांच कर रही हैं। राहत दल संभावित रूप से फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए मलबा हटाने की कार्रवाई में जुटे हैं। घटनास्थल पर मौजूद अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।बचाव अभियान के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि मलबे को किस तरह सुरक्षित तरीके से हटाया जाए, ताकि अगर कोई व्यक्ति अंदर फंसा हो तो उसे नुकसान न पहुंचे। आसपास मौजूद लोगों को भी घटनास्थल से दूर रखने की कोशिश की जा रही है।

दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर

हादसे के बाद दिल्ली पुलिस और दिल्ली अग्निशमन सेवा की टीमें संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। पुलिस की ओर से घटनास्थल पर व्यवस्था संभालने के साथ-साथ आसपास के इलाके पर भी नजर रखी जा रही है।इमारत गिरने के कारण आसपास के क्षेत्र में भी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। राहत दलों की कार्रवाई के दौरान किसी अन्य व्यक्ति को खतरा न हो, इसके लिए मौके पर जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं।अधिकारियों की प्राथमिकता मलबे को हटाने के साथ-साथ यह पता लगाना है कि हादसे के समय इमारत के अंदर कितने लोग मौजूद थे। इसके लिए स्थानीय लोगों और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है।

शाहदरा डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने दी जानकारी

घटना को लेकर शाहदरा डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा की ओर से भी जानकारी सामने आने की बात कही गई है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर घटनाक्रम की निगरानी की जा रही है।डीसीपी की ओर से दी जाने वाली जानकारी से हादसे की वास्तविक स्थिति, राहत अभियान और मलबे में लोगों के फंसे होने को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।फिलहाल राहत और बचाव अभियान को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। जैसे-जैसे मलबा हटाया जाएगा, वैसे-वैसे यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए हैं और इमारत को कितना नुकसान हुआ है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

न्यू सीमापुरी इमारत हादसे में अभी तक मृतकों या घायलों की आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है। इसलिए सोशल मीडिया या स्थानीय स्तर पर सामने आ रही अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा करने से बचना जरूरी है।राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने और अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल दमकल विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित टीमें मौके पर मौजूद हैं।न्यू सीमापुरी में इमारत गिरने की इस घटना ने एक बार फिर घनी आबादी वाले इलाकों में भवन सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, हादसे के कारणों को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इमारत किस वजह से गिरी और क्या इसमें किसी तरह की लापरवाही सामने आती है।फिलहाल निगाहें राहत और बचाव अभियान पर टिकी हैं। मलबे में अगर कोई जिंदगी फंसी है तो उसे सुरक्षित बाहर निकालना बचाव टीमों की सबसे बड़ी चुनौती है। अधिकारी मौके पर हालात पर नजर बनाए हुए हैं और अभियान लगातार जारी है।

Read on:http://नई Skoda Slavia की कीमत घोषित, 8-स्पीड ऑटोमैटिक समेत नए फीचर्स

Advertisement visit our officehttp://:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

TAGGED:
Share This Article
Leave a Comment