रिपोर्ट : दीपचंद्र दीक्षित
फर्रुखाबाद जिले में जरूरतमंद और वंचित लोगों तक न्याय की पहुंच आसान बनाने तथा आमजन को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में अधिकार मित्रों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधिक सहायता से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई और समाज के पात्र लोगों तक निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाने में अधिकार मित्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों और विधिक सेवा से जुड़े पदाधिकारियों को माल्यार्पण एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित भी किया गया।बैठक का मुख्य उद्देश्य विधिक सेवा से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा करने के साथ यह सुनिश्चित करना रहा कि जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी मिल सके। चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि न्याय व्यवस्था का लाभ समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित और जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता की जानकारी उपलब्ध कराना तथा उन्हें न्यायिक व्यवस्था से जोड़ना अधिकार मित्रों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है।

निःशुल्क कानूनी सहायता को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से जरूरतमंद और पात्र लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाती हैं। ऐसे में अधिकार मित्रों की भूमिका केवल लोगों को जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें कानूनी सहायता से संबंधित उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने और संबंधित व्यवस्था तक पहुंचने में मदद करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।बैठक में अधिकार मित्रों के कार्यों की समीक्षा के दौरान विधिक जागरूकता को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। आमतौर पर कई लोग जानकारी के अभाव में अपने कानूनी अधिकारों और सहायता प्राप्त करने के उपलब्ध विकल्पों से परिचित नहीं हो पाते हैं। ऐसे लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना विधिक सेवा व्यवस्था का अहम हिस्सा है।अधिकार मित्र इस दिशा में आमजन और विधिक सेवा प्राधिकरण के बीच संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनके माध्यम से लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता की उपलब्धता, विधिक अधिकारों और न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में जागरूक किया जा सकता है। बैठक में इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विधिक सहायता एवं जागरूकता कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया गया।

न्यायिक अधिकारियों और विधिक सेवा से जुड़े पदाधिकारियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान अधिकार मित्रों ने जिला जज नीरज कुमार को माल्यार्पण कर और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इसके साथ ही अपर जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नोडल अधिकारी संजय कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव न्यायाधीश बिंदिया भटनागर, पूर्व बार एसोसिएशन फतेहगढ़ अध्यक्ष जवाहर सिंह गंगवार, प्रशासनिक अधिकारी राम सिंह मौर्य तथा डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सुरेंद्र कुमार राणा को भी सम्मानित किया गया।अधिकार मित्रों की ओर से किए गए इस सम्मान कार्यक्रम में विधिक सेवा से जुड़े अधिकारियों और पदाधिकारियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विधिक सहायता व्यवस्था में समन्वय, जागरूकता और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के महत्व को भी रेखांकित किया गया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की गतिविधियों में न्यायिक अधिकारियों, विधिक सहायता से जुड़े प्रतिनिधियों और अधिकार मित्रों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर समन्वय के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को उनकी जरूरत के अनुरूप कानूनी सहायता की जानकारी उपलब्ध कराने और उन्हें उचित प्रक्रिया से परिचित कराने में मदद मिल सकती है।
समाज के वंचित वर्गों तक पहुंचे कानूनी अधिकारों की जानकारी
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता समाज के हर वर्ग तक पहुंचनी चाहिए। जानकारी के अभाव में कई बार लोग यह नहीं समझ पाते कि किसी कानूनी समस्या की स्थिति में उन्हें कहां संपर्क करना चाहिए और सहायता प्राप्त करने के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनानी चाहिए।ऐसे में अधिकार मित्रों के माध्यम से लोगों को विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका और उपलब्ध सहायता के बारे में जागरूक करना उपयोगी साबित हो सकता है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी महत्वपूर्ण है, ताकि वे अपनी पात्रता के अनुसार कानूनी मदद प्राप्त करने के विकल्पों को समझ सकें।विधिक जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने के साथ न्यायिक व्यवस्था तक उनकी पहुंच को आसान बनाने में सहयोग करना है। इसके लिए आवश्यक है कि कानूनी सहायता से संबंधित जानकारी सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाई जाए और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध व्यवस्था से परिचित कराया जाए।समीक्षा बैठक में अधिकार मित्रों की जिम्मेदारियों को इसी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया गया। साथ ही विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से संचालित सहायता एवं जागरूकता कार्यक्रमों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
सुरेंद्र कुमार राणा ने किया कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का संचालन डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सुरेंद्र कुमार राणा ने किया। बैठक में अधिकार मित्रों ने सहभागिता करते हुए विधिक सहायता से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा में हिस्सा लिया।इस अवसर पर अधिकार मित्र हेतराम, सुबोध, निधि, सरिता, धन देवी, दया प्रभा, अखिलेश, आलोक, नरेंद्र परिहार, गौरव, प्रमोद, राजीव और अनुज सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।बैठक के माध्यम से जरूरतमंदों तक निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाने, आमजन को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने के महत्व को सामने रखा गया। अधिकार मित्रों की सक्रिय भागीदारी से पात्र लोगों को कानूनी सहायता की जानकारी देने और उन्हें न्याय व्यवस्था से जोड़ने के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है।फर्रुखाबाद में आयोजित यह समीक्षा बैठक विधिक जागरूकता और निःशुल्क कानूनी सहायता से जुड़े कार्यों की समीक्षा के साथ अधिकार मित्रों की जिम्मेदारियों को रेखांकित करने का अवसर बनी। बैठक में व्यक्त विचारों का केंद्र यही रहा कि कानूनी सहायता की जानकारी जरूरतमंदों तक पहुंचे और कोई भी पात्र व्यक्ति केवल जानकारी के अभाव में उपलब्ध सहायता के विकल्पों से वंचित न रहे।
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