रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित
फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के मोहम्मदाबाद में आगरा खंड शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी चुनाव के दौरान फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर शुक्रवार को सियासी माहौल गरमा गया। मतदान केंद्र के बाहर समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद विवाद बढ़ गया। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ता की कथित टिप्पणी से नाराज पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत इटावा-बरेली हाईवे पर बीच सड़क पर बैठ गईं। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने हस्तक्षेप कर पूर्व विधायक को समझाया और दोनों पक्षों को शांत कराया।मोहम्मदाबाद ब्लॉक परिसर स्थित मतदान केंद्र पर सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ था। शुरुआत में मतदान प्रक्रिया जारी रही, लेकिन मतदाता सूची में नाम और वोट डालने को लेकर शिकायत सामने आने के बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया। दोपहर में सपा नेताओं ने मतदान केंद्र के भीतर कथित फर्जी वोटिंग का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद केंद्र के बाहर राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया।

मतदाता सूची में नाम को लेकर उठी शिकायत
मतदान के दौरान सपा नेता पंकज यादव ने शिकायत की कि सौरभ यादव का नाम शिक्षक और स्नातक, दोनों मतदाता सूचियों में दर्ज होने के बावजूद उन्हें शुरुआत में केवल एक ही वोट डालने दिया गया। शिकायत सामने आने के बाद एसडीएम दीपक माथुर मौके पर पहुंचे और मामले को देखा। इसके बाद सौरभ यादव का दूसरा वोट भी डलवाया गया।इस घटनाक्रम के बाद मतदान प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठने लगे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस मामले में मतदाता के दोनों वर्गों में नाम दर्ज होने और मतदान की प्रक्रिया को लेकर शिकायत सामने आई थी। इसे अपने आप में फर्जी मतदान का प्रमाण नहीं माना जा सकता। पूरे मामले की स्थिति संबंधित अधिकारियों के रिकॉर्ड और जांच से ही स्पष्ट हो सकती है।


दोपहर में मतदान केंद्र के बाहर बढ़ा तनाव
दोपहर करीब 3:15 बजे सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल यादव, जिला महासचिव इलियास मंसूरी और सपा नेता अजीत यादव अपने समर्थकों के साथ मतदान केंद्र के गेट पर पहुंचे। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदान केंद्र के अंदर फर्जी मतदान कराया जा रहा है। उनका दावा था कि कुछ मतदाता जब वोट डालने पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उनके नाम पर पहले ही मतदान हो चुका है।सपा नेताओं ने इस संबंध में मजिस्ट्रेट और क्षेत्राधिकारी (सीओ) से शिकायत की। उन्होंने करीब 25 से 30 लोगों के मतदान केंद्र के अंदर पहुंचकर फर्जी मतदान करने का आरोप लगाया। इन आरोपों के बाद मतदान केंद्र के बाहर माहौल गरमा गया और सपा-भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच बहस तेज हो गई।सपा नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कथित फर्जी मतदान के आरोपों पर अधिकारियों ने जांच के दौरान क्या निष्कर्ष निकाला। ऐसे में आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में देखना उचित नहीं होगा।

भाजपा कार्यकर्ता की टिप्पणी पर भड़कीं पूर्व विधायक
मतदान केंद्र के बाहर दोनों पक्षों के बीच बहस के दौरान स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब भाजपा कार्यकर्ता की कथित टिप्पणी से पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत नाराज हो गईं। विरोध जताते हुए वह इटावा-बरेली हाईवे पर बीच सड़क पर बैठ गईं। उनके इस कदम से मौके पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई और कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया।पूर्व विधायक के सड़क पर बैठने के बाद पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया। मोहम्मदाबाद के प्रभारी निरीक्षक बलराम मिश्रा ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। बताया गया कि इस दौरान पूर्व विधायक ने कहा, “दम है तो मुझे भगाओ।” इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने बातचीत कर उन्हें सड़क से हटाया और स्थिति को नियंत्रित किया।घटना के दौरान किसी बड़े टकराव की स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया। मतदान केंद्र के बाहर हुए इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया।

डीएम और एसपी ने किया मतदान केंद्र का निरीक्षण
मतदान के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने मतदान केंद्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मतदान व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। मतदान केंद्र पर विभिन्न थानों की पुलिस के साथ पीएसी, रिजर्व पुलिस बल और अग्निशमन दल को भी तैनात रखा गया था।प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की मौजूदगी रही। विवाद की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। इस पूरे घटनाक्रम के बीच मतदान प्रक्रिया शाम चार बजे समाप्त हो गई।
शिक्षक वर्ग में 81 और स्नातक वर्ग में 76 प्रतिशत मतदान
मोहम्मदाबाद में शाम चार बजे मतदान समाप्त होने तक शिक्षक वर्ग में 81 प्रतिशत और स्नातक वर्ग में 76 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान प्रतिशत के साथ-साथ फर्जी वोटिंग के आरोप और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच हुआ विवाद भी चर्चा में रहा।चुनाव के दौरान मतदाता सूची, मतदान की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण रही। सपा नेताओं ने जहां कथित फर्जी मतदान की शिकायत की, वहीं विवाद के दौरान पूर्व विधायक के हाईवे पर बैठने से स्थिति संवेदनशील हो गई थी। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
फर्जी मतदान के आरोपों पर आधिकारिक स्थिति का इंतजार
मोहम्मदाबाद में एमएलसी चुनाव के दौरान हुए इस घटनाक्रम में सबसे अहम सवाल सपा नेताओं की ओर से लगाए गए फर्जी मतदान के आरोपों का है। यदि किसी मतदाता के नाम पर पहले ही वोट डाले जाने की शिकायत की गई है, तो उसकी पुष्टि मतदान अभिलेखों और संबंधित अधिकारियों की जांच से हो सकती है।फिलहाल उपलब्ध जानकारी में 25 से 30 लोगों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामले में प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। वहीं, हाईवे पर पूर्व विधायक के बैठने और पुलिस के हस्तक्षेप की घटना ने मतदान केंद्र के बाहर तनाव की स्थिति को उजागर किया।मोहम्मदाबाद में मतदान समाप्त हो चुका है, लेकिन फर्जी वोटिंग के आरोपों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रशासनिक पुष्टि महत्वपूर्ण है।
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