रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित
फर्रुखाबादआवास विकास स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में सोमवार को प्रखर समाजवादी चिंतक और विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डॉ. लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसके बाद आयोजित विचार गोष्ठी में उनके सामाजिक और राजनीतिक विचारों, समानता के सिद्धांतों तथा शोषित-वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष को याद किया गया।कार्यक्रम का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने किया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचार आज भी सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और समान अवसरों की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानता को समाप्त करने के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनके विचारों को केवल याद करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यवहार में उतारना भी जरूरी है।

सामाजिक समानता और शोषितों के अधिकारों पर जोर
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया ने अपना पूरा जीवन सामाजिक समानता स्थापित करने, शोषित और वंचित वर्गों को अधिकार दिलाने तथा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने में समर्पित किया। उनके विचार समाजवाद की बुनियाद को मजबूत करते हैं और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान के साथ जीवन जीने का संदेश देते हैं।उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया ऐसे समाज की कल्पना करते थे, जहां जाति, वर्ग और आर्थिक स्थिति के आधार पर किसी के साथ भेदभाव न हो। समाज के सभी लोगों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें और कमजोर वर्गों को भी विकास की मुख्यधारा में शामिल किया जाए। उनके आदर्शों को अपनाकर ही समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित समाज के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से डॉ. लोहिया के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और समाज के जरूरतमंद वर्गों के अधिकारों के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने की जरूरत
पूर्व विधायक डॉ. नवल किशोर शाक्य ने विचार गोष्ठी में डॉ. लोहिया के संघर्षपूर्ण जीवन को सामाजिक भेदभाव और असमानता के खिलाफ लड़ाई की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया ने समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए लगातार आवाज उठाई। उनके विचारों का उद्देश्य ऐसा समाज बनाना था, जिसमें किसी व्यक्ति को उसकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति के कारण अवसरों से वंचित न रहना पड़े।उन्होंने कहा कि आज भी सामाजिक न्याय और समान अवसरों के सिद्धांतों को मजबूत करने की आवश्यकता है। डॉ. लोहिया के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास के अवसर पहुंचाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही सामाजिक असमानताओं को कम करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
महिलाओं की समानता पर भी हुई चर्चा
पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत ने डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों में महिलाओं की समानता, अधिकारों और सामाजिक भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिले। महिलाओं की भागीदारी के बिना सामाजिक बदलाव की कल्पना अधूरी है।उन्होंने डॉ. लोहिया के विचारों को मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि महिलाओं को शिक्षा, अधिकारों और सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ने के अवसर मिलना जरूरी है। समाज में समानता स्थापित करने के लिए महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना आवश्यक है। कायमगंज से समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रत्याशी सर्वेश अंबेडकर ने कहा कि डॉ. लोहिया ने वंचित वर्गों को अधिकार दिलाने और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनके विचार समाज के उन लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं, जो लंबे समय से असमानता और भेदभाव का सामना करते आए हैं।उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया की पुण्यतिथि पर उनके विचारों को याद करने के साथ-साथ सामाजिक न्याय और समानता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझना चाहिए।
पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. राम मनोहर लोहिया के योगदान को याद करते हुए उनके बताए सिद्धांतों पर चलने का संकल्प व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि समाजवादी विचारधारा का मूल उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान, अधिकार और अवसर उपलब्ध कराना है। सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों में इन सिद्धांतों की महत्वपूर्ण भूमिका है।इस अवसर पर पूर्व जिला उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र यादव, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, सौरभ कटियार, रामपाल सिंह यादव, शिव शंकर शर्मा, समीर मिर्जा, रमेश चंद कठेरिया, राजीव कुमार बाथम, राजपाल यादव एडवोकेट, अशोक अंबेडकर, रजत क्रांतिकारी, सुलक्षणा सिंह, पूजा कठेरिया, उदय प्रताप उर्फ भोला यादव, सरवर अंसारी, अंकुर शाक्य, इजहार खान, नरेंद्र यादव, महेश चंद्र जाटव, राजीव शाक्य, बंटी यादव और विकास गुप्ता सहित समाजवादी पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आज भी प्रासंगिक हैं डॉ. लोहिया के विचार
डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा और विचार गोष्ठी में सामाजिक न्याय, समानता, महिलाओं के अधिकारों और वंचित वर्गों के उत्थान जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने उनके विचारों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि बराबरी और सम्मान पर आधारित व्यवस्था बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।कार्यक्रम के माध्यम से सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. लोहिया के विचारों को याद करते हुए सामाजिक असमानता के खिलाफ संघर्ष जारी रखने और उनके सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।
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