IND vs SL 1st Test: गॉल में 600वें टेस्ट के ऐतिहासिक पड़ाव पर उतरेगा भारत, गुरनूर बराड़ या प्रसिद्ध कृष्णा में किसे मिलेगा मौका?

Editorial
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 भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला शनिवार, 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के इतिहास में बेहद खास होने वाला है, क्योंकि टीम इंडिया इस मैच के साथ अपना 600वां टेस्ट मैच खेलेगी। खास बात यह भी है कि यह ऐतिहासिक मुकाबला भारत के स्वतंत्रता दिवस के दिन शुरू हो रहा है। ऐसे में कप्तान शुभमन गिल के सामने इतिहास रचने के साथ-साथ मजबूत प्लेइंग-11 चुनने की बड़ी चुनौती है।सबसे ज्यादा चर्चा इस समय दूसरे तेज गेंदबाज के चयन को लेकर है। मोहम्मद सिराज के साथ गॉल टेस्ट में गुरनूर बराड़ या प्रसिद्ध कृष्णा में से किसे मौका मिलेगा, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। कप्तान शुभमन गिल ने दोनों गेंदबाजों की तारीफ करते हुए साफ संकेत दिया है कि चयन आसान नहीं होने वाला।

600वें टेस्ट में कप्तानी करना गिल के लिए खास

शुभमन गिल के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत तौर पर भी बेहद महत्वपूर्ण है। भारत के 600वें टेस्ट में कप्तानी करने का मौका मिलना किसी भी खिलाड़ी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। गिल ने कहा कि अपने देश के 600वें टेस्ट में कप्तानी करना सम्मान की बात है और स्वतंत्रता दिवस पर यह मौका मिलना इसे और खास बनाता है।टीम इंडिया इस मुकाबले के साथ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC अभियान को भी मजबूती देना चाहेगी। भारतीय कप्तान ने संकेत दिया है कि टीम को आगे लगातार टेस्ट मैच जीतने होंगे और WTC फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए लगभग छह-सात मुकाबलों में जीत हासिल करने की जरूरत होगी।श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की यह सीरीज इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बाद भारतीय टीम को न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम टेस्ट मुकाबले खेलने हैं।

बुमराह की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई चुनौती

भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता तेज गेंदबाजी विभाग में है। जसप्रीत बुमराह इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं, ऐसे में टीम के दूसरे गेंदबाजों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी।गिल ने बुमराह की गैरमौजूदगी को एक चुनौती के साथ-साथ दूसरे खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर बताया। कप्तान का कहना है कि जब टीम का प्रमुख गेंदबाज उपलब्ध नहीं होता तो किसी अन्य खिलाड़ी को आगे आकर जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है।यही वजह है कि गॉल टेस्ट में भारतीय गेंदबाजी संयोजन पर सबकी नजरें रहेंगी।

गुरनूर बराड़ या प्रसिद्ध कृष्णा?

पहले टेस्ट की प्लेइंग-11 को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि सिराज के साथ दूसरे तेज गेंदबाज के तौर पर गुरनूर बराड़ खेलेंगे या प्रसिद्ध कृष्णा।गिल ने गुरनूर की खूबियां गिनाते हुए कहा कि वह अच्छी गति के साथ पुरानी गेंद से उछाल हासिल कर सकते हैं। दूसरी ओर, कप्तान ने प्रसिद्ध कृष्णा की हालिया गेंदबाजी की भी तारीफ की। अभ्यास मैच में प्रसिद्ध के प्रदर्शन को देखते हुए टीम मैनेजमेंट उनके नाम पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है।गिल के बयान से साफ है कि दोनों के बीच मुकाबला काफी करीबी है। ऐसे में गॉल की परिस्थितियां अंतिम फैसला लेने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

गॉल की पिच पर स्पिन का कितना असर?

गॉल की परिस्थितियां आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं। समुद्री हवाओं और पिच के मिजाज को देखते हुए भारतीय टीम के सामने तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के बीच सही संतुलन बनाने की चुनौती होगी।भारतीय टीम के पास स्पिन विभाग में कई विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम तीन स्पिनरों के साथ मैदान पर उतरती है या तेज गेंदबाजी को अतिरिक्त महत्व देती है।अगर टीम तीन स्पिनरों के साथ जाती है तो दूसरे तेज गेंदबाज के चयन का सवाल और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।

अभ्यास मैच में गुरनूर ने छोड़ी छाप

श्रीलंका दौरे से पहले खेले गए अभ्यास मुकाबले में गुरनूर बराड़ ने भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। उन्होंने बल्लेबाजी में भी आक्रामक अंदाज दिखाया और गेंद से भी टीम मैनेजमेंट को प्रभावित किया। अभ्यास मैच में उनके प्रदर्शन ने प्लेइंग-11 की रेस को और दिलचस्प बना दिया है।वहीं प्रसिद्ध कृष्णा भी हालिया मैचों में टीम के भरोसे पर खरा उतरने की कोशिश कर रहे हैं। कप्तान गिल का बयान इसी बात की ओर इशारा करता है कि अंतिम फैसला परिस्थितियों और टीम कॉम्बिनेशन को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

युवा खिलाड़ियों को लेकर गिल का प्लान साफ

भारतीय टीम में इस समय कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जा रहा है। गिल ने कहा कि युवा खिलाड़ियों से तुरंत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद करना सही नहीं होगा। उन्हें समय देना जरूरी है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव और परिस्थितियों के साथ खुद को ढाल सकें।कप्तान के इस बयान से साफ है कि टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को लंबा मौका देने के पक्ष में है।

साई सुदर्शन की चोट भी बनी चिंता

टीम इंडिया को बल्लेबाजी विभाग में भी एक झटका लगा है। साई सुदर्शन चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं। गिल ने बताया कि टीम मैनेजमेंट लगातार उनके संपर्क में है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में पूरी तरह फिट नहीं होने वाले खिलाड़ी के साथ जोखिम नहीं लिया जा सकता।ऐसे में भारतीय टीम के पास उपलब्ध 15 खिलाड़ियों पर ही भरोसा जताने की बात कप्तान ने कही है।

भारत के सामने सिर्फ जीत नहीं, इतिहास भी

गॉल टेस्ट भारतीय टीम के लिए सिर्फ श्रीलंका के खिलाफ एक मुकाबला नहीं है। यह भारत का 600वां टेस्ट मैच है और स्वतंत्रता दिवस के दिन शुरू होने वाला ऐतिहासिक मुकाबला भी है।कप्तान शुभमन गिल के लिए यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि उनके नेतृत्व में भारतीय टेस्ट टीम एक नए चरण में आगे बढ़ रही है। टीम का लक्ष्य अब केवल सीरीज जीतना नहीं, बल्कि WTC फाइनल की दावेदारी को मजबूत करना भी है।

600वें टेस्ट में किस पर दांव लगाएगा भारत?

गॉल में भारत की प्लेइंग-11 का ऐलान होते ही सबसे ज्यादा नजर गुरनूर बराड़ बनाम प्रसिद्ध कृष्णा की रेस पर होगी। एक तरफ गुरनूर की गति और पुरानी गेंद से उछाल हासिल करने की क्षमता है, तो दूसरी तरफ प्रसिद्ध का अनुभव और हालिया प्रदर्शन टीम मैनेजमेंट के सामने मजबूत विकल्प पेश करता है।कप्तान गिल ने दोनों की तारीफ कर साफ कर दिया है कि फैसला आसान नहीं है। अब देखना होगा कि 15 अगस्त को भारत के 600वें टेस्ट में सिराज के साथ नई गेंद कौन संभालता है।

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