राजकीय पॉलीटेक्निक लखनऊ में जनसंचार विभाग में कार्यशाला आयोजित

Editorial
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लखनऊ डिजिटल मीडिया के तेजी से बढ़ते दौर में जनसंचार के विद्यार्थियों के लिए तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण की जरूरत लगातार बढ़ रही है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए राजकीय पॉलीटेक्निक, लखनऊ के जनसंचार विभाग में शुक्रवार को विद्यार्थियों के लिए ‘कैमरा हैंडलिंग एवं कौशल प्रशिक्षण’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को डिजिटल कैमरा की तकनीकी बारीकियों, कैमरा संचालन, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कैमरा की डिजिटल तकनीक से परिचित कराने के साथ-साथ उसके व्यावहारिक उपयोग को समझाना था। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि बेहतर फोटो और वीडियो तैयार करने के लिए केवल कैमरा होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके तकनीकी फीचर्स और सेटिंग्स की सही जानकारी भी आवश्यक है। कार्यशाला के समापन के बाद प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

तकनीकी विशेषज्ञ अमित सक्सेना ने दी कैमरा संचालन की जानकारी

कार्यशाला में तकनीकी विशेषज्ञ अमित सक्सेना ने विद्यार्थियों को डिजिटल कैमरा के विभिन्न तकनीकी पक्षों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कैमरा संचालन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के साथ-साथ बेहतर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए आवश्यक तकनीकों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।अमित सक्सेना ने विद्यार्थियों को बताया कि कैमरा से बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए उसके विभिन्न फीचर्स और सेटिंग्स को समझना जरूरी है। उन्होंने कैमरा के उपयोग के दौरान विषय, स्थान, प्रकाश और शूटिंग की जरूरत के अनुसार तकनीकी सेटिंग में बदलाव करने की प्रक्रिया को भी समझाया।प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को कैमरा हैंडलिंग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। तकनीकी विशेषज्ञ ने कैमरा के विभिन्न फीचर्स का प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थियों को उनके व्यावहारिक इस्तेमाल के बारे में भी बताया।

लेंस से लेकर ISO और शटर स्पीड तक समझी तकनीक

कार्यशाला में विद्यार्थियों को डिजिटल कैमरा के अलग-अलग तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। इसमें विभिन्न प्रकार के कैमरा लेंस, ISO, ब्लैक एंड व्हाइट (B&W), कैमरा एंगल, लाइटिंग, शटर शॉट और व्यू एंगल (View Angle) जैसे विषय प्रमुख रहे।विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी तस्वीर या वीडियो को प्रभावी बनाने में लेंस का चयन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी तरह ISO की सही सेटिंग प्रकाश की स्थिति के अनुसार तस्वीर की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि अलग-अलग परिस्थितियों में कैमरा की सेटिंग बदलने से फोटो और वीडियो के परिणाम में किस तरह का अंतर आता है।लाइटिंग को लेकर भी विद्यार्थियों को व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि किसी दृश्य को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए उपलब्ध प्रकाश का सही इस्तेमाल जरूरी है। इसके अलावा अलग-अलग कैमरा एंगल और व्यू एंगल के माध्यम से किसी विषय को किस तरह अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है, इसका भी प्रशिक्षण दिया गया।

राजकीय पॉलीटेक्निक लखनऊ में जनसंचार विभाग में कार्यशाला आयोजित
राजकीय पॉलीटेक्निक लखनऊ में जनसंचार विभाग में कार्यशाला आयोजित

विद्यार्थियों ने कैमरा संचालन का लिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

कार्यशाला को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया। विद्यार्थियों को कैमरा के विभिन्न फीचर्स का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने कैमरा संचालन से संबंधित अपने सवाल विशेषज्ञ के सामने रखे और उनकी जानकारी प्राप्त की।प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने जाना कि किसी दृश्य को कैमरे में कैद करते समय एंगल, लेंस, प्रकाश और शटर स्पीड जैसे तकनीकी पहलुओं का किस तरह ध्यान रखा जाता है। विद्यार्थियों ने कैमरा की सेटिंग और उसके परिणामों के बीच के संबंध को भी समझा।इस दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह दिखाई दिया। जनसंचार के विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लिया और कैमरा तकनीक से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को समझने में रुचि दिखाई।

राजकीय पॉलीटेक्निक लखनऊ में जनसंचार विभाग में कार्यशाला आयोजित
राजकीय पॉलीटेक्निक लखनऊ में जनसंचार विभाग में कार्यशाला आयोजित

वर्तमान डिजिटल मीडिया में कैमरा तकनीक का महत्व

कार्यशाला की समन्वयक एवं जनसंचार विभाग की व्याख्याता डॉ. बृजेन्द्र कुमार वर्मा ने कहा कि जनसंचार के विद्यार्थियों के लिए कैमरा तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान बेहद महत्वपूर्ण है। वर्तमान समय में डिजिटल मीडिया का विस्तार तेजी से हो रहा है और मीडिया के क्षेत्र में काम करने वाले विद्यार्थियों के लिए दृश्य सामग्री तैयार करने की क्षमता आवश्यक हो गई है।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रहना चाहिए। कैमरा संचालन, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और दृश्य निर्माण की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी उनके लिए जरूरी है। इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में इस्तेमाल करने का अवसर देती हैं।डॉ. बृजेन्द्र कुमार वर्मा के अनुसार, कैमरा तकनीक की समझ जनसंचार के विद्यार्थियों के कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। भविष्य में मीडिया, डिजिटल पत्रकारिता, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने वाले विद्यार्थियों के लिए यह प्रशिक्षण उपयोगी साबित हो सकता है।

कैनन इंडिया के प्रतिनिधियों की भी रही मौजूदगी

कार्यशाला में कैनन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के उत्तर प्रदेश के सेल्स हेड श्री हेमंत चौरे, अमित अरोड़ा और जनसंचार विभाग की व्याख्याता सुरभि यादव भी उपस्थित रहीं। उनकी मौजूदगी में विद्यार्थियों को डिजिटल कैमरा तकनीक और उसके व्यावहारिक उपयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिला।कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने कैमरा की तकनीकी सेटिंग्स, लेंस, लाइटिंग, एंगल और अन्य फीचर्स के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

प्रमाण पत्र देकर किया गया सम्मानित

एक दिवसीय ‘कैमरा हैंडलिंग एवं कौशल प्रशिक्षण’ कार्यशाला के बाद प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। प्रमाण पत्र मिलने से विद्यार्थियों में उत्साह दिखाई दिया। इस प्रशिक्षण को विद्यार्थियों के कौशल विकास की दिशा में उपयोगी पहल के रूप में देखा गया।राजकीय पॉलीटेक्निक, लखनऊ के जनसंचार विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यशाला ने विद्यार्थियों को डिजिटल कैमरा तकनीक के व्यावहारिक पक्ष को करीब से समझने का अवसर दिया। प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों ने जाना कि मीडिया में किसी खबर, कार्यक्रम या घटना को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में दृश्य सामग्री की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ उनके व्यावहारिक कौशल को भी मजबूत कर सकती हैं। कैमरा संचालन और दृश्य निर्माण की बुनियादी से लेकर तकनीकी जानकारी हासिल करने के बाद विद्यार्थियों को फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के क्षेत्र में अपने कौशल को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।कार्यशाला में अमित सक्सेना, श्री हेमंत चौरे, अमित अरोड़ा, डॉ. बृजेन्द्र कुमार वर्मा और सुरभि यादव की मौजूदगी रही। जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण में हिस्सा लिया और डिजिटल कैमरा तकनीक से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।

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