लखनऊ राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। शहर में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के 9 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 43 हो गई है। नए संक्रमित मरीजों में 4 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है।मामलों में बढ़ोतरी के बीच मुख्यमंत्री की ओर से H1N1 की जांच निशुल्क करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य समय रहते संदिग्ध मरीजों की जांच कर संक्रमण की पहचान करना और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य विभाग ने भी निगरानी और जांच की प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
लखनऊ में स्वाइन फ्लू के 9 नए मरीज
लखनऊ में पिछले कुछ समय से स्वाइन फ्लू के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में अब 9 नए मरीज सामने आए हैं। इनमें चार महिलाएं और पांच पुरुष हैं।नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित मरीजों की स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है। मरीजों की चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार उन्हें उपचार और आवश्यक परामर्श दिया जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर उन्हें नजरअंदाज न करें। समय रहते डॉक्टर से संपर्क करना और जरूरत पड़ने पर जांच कराना संक्रमण की रोकथाम में महत्वपूर्ण हो सकता है।

मरीजों की कुल संख्या 43 पहुंची
नए मामलों के साथ राजधानी में स्वाइन फ्लू के कुल मरीजों की संख्या 43 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग अब संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों और संभावित मामलों की निगरानी पर भी ध्यान दे रहा है।स्वाइन फ्लू का संक्रमण आमतौर पर सांस से संबंधित समस्या पैदा कर सकता है। इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं, जिसके कारण शुरुआती स्तर पर इसे पहचानना कभी-कभी मुश्किल हो सकता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ लक्षणों को गंभीरता से लेने और चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर देते हैं।

मुख्यमंत्री ने H1N1 जांच फ्री करने के दिए निर्देश
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री ने H1N1 जांच को निशुल्क करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद लोगों को जांच के लिए आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग स्तर पर आवश्यक व्यवस्था की जा रही है।निशुल्क जांच की सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि संदिग्ध मरीज समय रहते अपनी जांच करा सकेंगे। इससे संक्रमित मरीजों की जल्द पहचान और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।स्वास्थ्य विभाग को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और जांच प्रक्रिया को सुचारु रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
लखनऊ में नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। विभाग की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए जा सकते हैं।स्वास्थ्य अधिकारियों का फोकस इस समय संक्रमण की जल्द पहचान, मरीजों की निगरानी और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर है। साथ ही लोगों को संक्रमण से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने की तैयारी भी की जा रही है।स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि यदि किसी क्षेत्र में संक्रमण के नए मामले सामने आते हैं तो उनकी जानकारी समय रहते मिल सके और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
क्या है H1N1 और क्यों बरतनी चाहिए सावधानी?
H1N1 एक प्रकार का इन्फ्लूएंजा वायरस है। इससे होने वाली बीमारी के लक्षण सामान्य फ्लू की तरह हो सकते हैं। बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों में संक्रमण अधिक गंभीर रूप भी ले सकता है।विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को फ्लू जैसे लक्षण होने पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।हालांकि हर बुखार या खांसी को स्वाइन फ्लू मानना सही नहीं है। H1N1 की पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही की जा सकती है। इसलिए लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
संक्रमण से बचने के लिए सावधानी जरूरी
स्वाइन फ्लू समेत मौसमी फ्लू से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना, हाथों को नियमित रूप से साफ करना और बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद सावधानी बरतना संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।यदि किसी व्यक्ति को फ्लू जैसे लक्षण हैं तो उसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। घर में किसी संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करते समय भी साफ-सफाई और चिकित्सकीय निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
अस्पतालों में भी निगरानी बढ़ाने की तैयारी
मरीजों की संख्या 43 पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में फ्लू से जुड़े मामलों की निगरानी को मजबूत कर रहा है। संदिग्ध मरीजों की पहचान और आवश्यकता के अनुसार H1N1 जांच कराने पर जोर दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री के निशुल्क जांच के निर्देश के बाद जांच की सुविधा अधिक लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे ऐसे मरीज भी जांच करा सकेंगे जिन्हें पहले जांच की लागत को लेकर चिंता हो सकती थी।स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि संक्रमण के मामलों की पहचान शुरुआती स्तर पर ही हो और मरीजों को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सके।
लोगों से अपील—लक्षणों को नजरअंदाज न करें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सावधानी जरूर बरतें। फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से संपर्क करें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही H1N1 जांच कराएं।विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण की रोकथाम में प्रशासनिक तैयारियों के साथ आम लोगों की जागरूकता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अनावश्यक संपर्क से बचना और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना उपयोगी हो सकता है।
43 मामलों के बाद बढ़ी निगरानी
लखनऊ में स्वाइन फ्लू के 9 नए मामलों के सामने आने के बाद कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 43 पहुंच गई है। इनमें चार महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं। बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री ने H1N1 जांच निशुल्क करने के निर्देश दिए हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है।अब स्वास्थ्य विभाग का मुख्य फोकस नए मामलों की पहचान, संक्रमित मरीजों की निगरानी और लोगों को संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक करने पर है। आने वाले दिनों में नए मामलों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की नजर रहेगी। फिलहाल प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे घबराने के बजाय सतर्क रहें और किसी भी तरह के फ्लू जैसे लक्षण को नजरअंदाज न करें।
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