मोहम्मदी में सरकारी रास्ता बंद कर तमंचा तानने का आरोप, 15 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं

Editorial
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लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी क्षेत्र के ग्राम बेला तुर्सिया में सरकारी रास्ता बंद करने और विरोध करने पर महिला पर तमंचा तानने का आरोप सामने आया है। पीड़ित परिवार का दावा है कि घटना का वीडियो सामने आने और शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं, हल्का प्रभारी ने मामले की जांच कर जल्द कार्रवाई किए जाने की बात कही है।उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी थाना क्षेत्र में सरकारी रास्ते को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। ग्राम बेला तुर्सिया निवासी शम्भू दयाल पुत्र चुन्नी लाल ने गांव के ही कुछ लोगों पर रास्ता बंद करने और विरोध करने पर उनकी पत्नी विमला देवी को तमंचा दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि रास्ता बंद होने से परिवार की परेशानी बढ़ गई है और घटना के बाद से वे भय के माहौल में जी रहे हैं।मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहा है। पीड़ित के  घटना 20 सितंबर 2026 को हुई थी। शिकायत दर्ज कराने और जनसुनवाई पोर्टल पर मामला उठाने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिवार पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

सरकारी रास्ते पर लकड़ियां डालकर आवागमन रोकने का आरोप

पीड़ित शम्भू दयाल के अनुसार 20 सितंबर 2026 को दोपहर करीब तीन बजे गांव के ही परशुराम पुत्र खेमन, रामू और गम्मू ने उनके आने-जाने के सरकारी रास्ते पर पेड़ की डालियां और लकड़ियां डालकर रास्ता बंद कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि यह रास्ता उनके परिवार के लिए आवागमन का एकमात्र सरकारी मार्ग है।शम्भू दयाल का कहना है कि जब उन्होंने रास्ता बंद किए जाने का विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इस दौरान उनकी पत्नी विमला देवी पर 315 बोर का तमंचा तानकर उन्हें डराया-धमकाया गया।यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो मामला केवल रास्ते के विवाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें कथित आपराधिक धमकी और हथियार के इस्तेमाल जैसे गंभीर पहलुओं की भी जांच आवश्यक होगी।  आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

मोहम्मदी में सरकारी रास्ता बंद कर तमंचा तानने का आरोप
मोहम्मदी में सरकारी रास्ता बंद कर तमंचा तानने का आरोप

घटना का वीडियो आया सामने, रास्ते पर लकड़ियां पड़ी होने का दावा

इस मामले में पीड़ित द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी सामने आने की बात कही गई है। पीड़ित के अनुसार, वीडियो में इंटरलॉकिंग वाले रास्ते पर लकड़ियां पड़ी दिखाई दे रही हैं। वीडियो में पीली साड़ी पहने एक महिला के रास्ते के बीच खड़े होने की बात भी कही गई है।पीड़ित पक्ष का दावा है कि यह वीडियो घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों में से एक है। परिवार का कहना है कि जब रास्ता बंद किए जाने और कथित धमकी से संबंधित वीडियो उपलब्ध है, तो मामले में कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है?+-+वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि, उसमें दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच पुलिस द्वारा किया जाना आवश्यक है। केवल वीडियो सामने आने से किसी व्यक्ति का अपराध सिद्ध नहीं माना जा सकता।

हल्का प्रभारी ने दिया जल्द कार्रवाई का आश्वासन

मामले को लेकर जब हल्का प्रभारी शिवबहादुर से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को जेल भेजा जाएगा।पुलिस की ओर से दिए गए इस बयान के बाद पीड़ित परिवार को कार्रवाई की उम्मीद है, लेकिन परिवार का सवाल है कि घटना के लगभग 15 दिन बीत जाने के बाद भी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।पीड़ित पक्ष चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों को देखा जाए तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।इस मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। साथ ही, यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि रास्ता सरकारी अभिलेखों में किस स्थिति में दर्ज है और उसे बंद किए जाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत, फिर भी कार्रवाई का इंतजार

शम्भू दयाल का कहना है कि उन्होंने इस मामले में थाने में शिकायत करने के साथ-साथ जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित पक्ष ने अपनी शिकायत का संदर्भ संख्या 40015326053792 बताया है।परिवार का कहना है कि संबंधित अधिकारियों तक मामला पहुंचाने के बावजूद उन्हें अब तक अपेक्षित कार्रवाई का इंतजार है। पीड़ित ने मांग की है कि शिकायत पर हुई कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि आरोपों में तथ्य पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कदम उठाए जाएं।जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज होना अपने आप में आरोपों की पुष्टि नहीं करता, लेकिन शिकायत पर की गई कार्रवाई और जांच की स्थिति की जानकारी मिलना पीड़ित के लिए महत्वपूर्ण है।

पीड़ित परिवार ने सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद से वे आशंकित हैं। परिवार को डर है कि यदि रास्ते को लेकर विवाद दोबारा बढ़ा या कोई अप्रिय घटना हुई, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?शम्भू दयाल का सवाल है कि जब उन्होंने शिकायत की है और घटना से संबंधित वीडियो भी उपलब्ध होने का दावा किया है, तो उन्हें सुरक्षा और न्याय के लिए बार-बार गुहार क्यों लगानी पड़ रही है?परिवार ने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने, रास्ते से जुड़े विवाद का नियमानुसार समाधान कराने और कथित धमकी की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

अब पुलिस की जांच और कार्रवाई पर टिकी नजरें

मोहम्मदी के ग्राम बेला तुर्सिया का यह मामला कई अहम सवाल खड़े करता है। क्या सरकारी रास्ता जानबूझकर बंद किया गया था? क्या महिला पर तमंचा तानने के आरोप की पुष्टि होती है? शिकायत और वीडियो सामने आने के बाद जांच किस स्तर पर पहुंची है? और अब तक गिरफ्तारी नहीं होने की वजह क्या है?इन सवालों का जवाब पुलिस की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक कार्रवाई से ही सामने आएगा। फिलहाल पीड़ित परिवार कार्रवाई का इंतजार कर रहा है, जबकि हल्का प्रभारी जल्द कार्रवाई का आश्वासन दे चुके हैं।अब देखना होगा कि पुलिस मामले की जांच पूरी कर कब तक स्थिति स्पष्ट करती है और पीड़ित परिवार को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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