मुरादाबाद में 20 किलो खराब पनीर नष्ट, खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी

Editorial
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 संवाददाता -मो. अरशद

मुरादाबाद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। 29 अक्टूबर को विभाग की टीम ने शहर के मैन बाजार और गोविंद नगर क्षेत्र में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर जांच अभियान चलाया। इस दौरान खराब गंध और स्वाद वाला करीब 20 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया गया। इसकी अनुमानित कीमत लगभग छह हजार रुपये बताई गई है। इसके साथ ही मिश्रित दूध, खोया, पनीर और मिठाइयों समेत कुल छह खाद्य नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए।खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग का कहना है कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए जांच अभियान लगातार चलाया जाएगा। खासतौर पर दूध, पनीर, खोया और मिठाइयों जैसे रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा रही है।

मुरादाबाद में 20 किलो खराब पनीर नष्ट
मुरादाबाद में 20 किलो खराब पनीर नष्ट

सहायक आयुक्त खाद्य के नेतृत्व में चला जांच अभियान

29 अक्टूबर को सहायक आयुक्त खाद्य राजवंश प्रकाश श्रीवास्तव के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मैन बाजार और गोविंद नगर स्थित चौधरी दूध डेयरी सहित अन्य खाद्य कारोबारियों के यहां जांच की गई।टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को परखने के लिए मौके पर उपलब्ध उत्पादों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पनीर की गंध और स्वाद खराब पाए जाने पर उसे नष्ट कराने की कार्रवाई की गई। विभाग के अनुसार, करीब 20 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग छह हजार रुपये आंकी गई।खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले उत्पादों की स्थिति का पता लगाना और उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य सामग्री से बचाना है।

खराब गंध और स्वाद वाला 20 किलो पनीर नष्ट

कार्रवाई के दौरान सबसे अहम मामला पनीर की गुणवत्ता से जुड़ा रहा। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने खराब गंध और स्वाद के कारण करीब 20 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया। इसकी अनुमानित कीमत छह हजार रुपये बताई गई है।पनीर दूध से तैयार होने वाला ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल घरों से लेकर होटल, ढाबों और मिठाई की दुकानों तक बड़े पैमाने पर किया जाता है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण पर ध्यान देना जरूरी है। खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। पनीर के खराब पाए जाने और उसे नष्ट कराए जाने की कार्रवाई को मिलावट की पुष्टि से अलग समझना जरूरी है। पनीर खराब गंध और स्वाद के कारण नष्ट कराया गया। इसमें मिलावट की पुष्टि होने संबंधी कोई अलग जानकारी सामने नहीं आई है।

दूध, खोया, पनीर और मिठाइयों के छह नमूने लिए

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच के दौरान केवल पनीर ही नहीं, बल्कि कई अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र किए। विभाग ने मिश्रित दूध, खोया, पनीर, सोहनपपड़ी और छैना मिठाई के कुल छह नमूने लिए हैं।इन नमूनों को जांच के लिए संग्रहित किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के बारे में स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।दूध और उससे तैयार होने वाले उत्पादों की गुणवत्ता का सवाल सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ा है। बाजार में इनकी मांग अधिक होने के कारण इनकी नियमित जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है। नमूने लेने की प्रक्रिया के जरिए विभाग यह पता लगाने की कोशिश करता है कि खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।

खाद्य कारोबारियों में मचा हड़कंप

मुरादाबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी और नमूना संग्रह की कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबारियों के बीच हलचल देखने को मिली। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।जांच अभियान का मकसद केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों को गुणवत्ता और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार बनाना भी है। खाद्य पदार्थों का उचित रखरखाव, सुरक्षित भंडारण और निर्धारित मानकों के अनुरूप बिक्री उपभोक्ताओं के हित में जरूरी है।दूध, पनीर, खोया और मिठाइयों जैसे उत्पादों को खरीदते समय उपभोक्ताओं को उनकी ताजगी, गंध, रंग और भंडारण की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए। हालांकि, केवल देखकर या सूंघकर किसी खाद्य पदार्थ की पूरी सुरक्षा की पुष्टि नहीं की जा सकती। गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सूचना दी जा सकती है।

आगे भी जारी रहेगा खाद्य पदार्थों की जांच का अभियान

खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए जांच अभियान जारी रहेगा। विभिन्न प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण, खाद्य नमूनों का संग्रह और संदिग्ध या खराब खाद्य पदार्थों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है।मुरादाबाद में 29 अक्टूबर को हुई कार्रवाई में 20 किलोग्राम खराब पनीर नष्ट कराया गया, जबकि दूध, खोया, पनीर और मिठाइयों के छह नमूने जांच के लिए लिए गए। अब इन नमूनों की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी, जिसके आधार पर संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के हित में निगरानी व्यवस्था की अहमियत को रेखांकित करती है। बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच से गुणवत्ता संबंधी कमियों का पता लगाने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।

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