रिपोर्ट :मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने में जुटी महिलाओं के काम को प्रोत्साहित करने के लिए मुरादाबाद के कुंदरकी में सखी संवाद सम्मेलन आयोजित किया गया। ब्लॉक सभागार कुंदरकी में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया और उनके कार्यों की सराहना की। इस दौरान बैंकिंग सेवाओं, विद्युत सेवाओं, आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूहों के गठन में बेहतर काम करने वाली चार सखियों को सम्मानित किया गया। विधायक ने अपनी ओर से प्रत्येक महिला को 5,100 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की। इस तरह चारों महिलाओं को कुल 20,400 रुपये देकर उनके योगदान को प्रोत्साहित किया गया।सम्मेलन में महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर जोर दिया गया। विधायक ने कहा कि गांवों में काम करने वाली सखियां महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

चार सखियों को मिला सम्मान, प्रत्येक को 5,100 रुपये
कुंदरकी ब्लॉक सभागार में आयोजित सखी संवाद सम्मेलन में अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाली चार महिलाओं को सम्मानित किया गया। विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ने अपने स्तर से प्रत्येक सखी को 5,100 रुपये की पुरस्कार राशि दी। सम्मानित महिलाओं में बैंक सखी रिंकी, विद्युत सखी चंद्रवती, आजीविका सखी मेहरोज और समूह सखी अनामिका चौधरी शामिल रहीं।इन महिलाओं ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में योगदान देकर ग्रामीण स्तर पर सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। कार्यक्रम में उनके काम की सराहना करते हुए सम्मानित किया गया। चारों महिलाओं को दी गई कुल पुरस्कार राशि 20,400 रुपये रही।सम्मान समारोह का उद्देश्य बेहतर काम करने वाली महिलाओं का उत्साह बढ़ाने के साथ अन्य महिलाओं को भी सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा।

बैंकिंग और विद्युत सेवाओं में सखियों की अहम भूमिका
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग और विद्युत सेवाओं से जुड़ी सखियां लोगों को जरूरी सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद करती हैं। बैंक सखी के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग से संबंधित कार्यों में सहायता मिल सकती है, जबकि विद्युत सखी बिजली सेवाओं से जुड़ी जरूरतों में लोगों का सहयोग करती हैं।सम्मेलन में बैंक सखी रिंकी और विद्युत सखी चंद्रवती को उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इन भूमिकाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने और लोगों की समस्याओं के समाधान में सहयोग करने का अवसर मिलता है।ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से उन्हें कार्यक्षेत्र में पहचान बनाने और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के अवसर भी मिलते हैं। ऐसे में बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान उन्हें आगे भी सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।

आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा
सम्मेलन में आजीविका सखी मेहरोज और समूह सखी अनामिका चौधरी को भी सम्मानित किया गया। स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को एक मंच पर लाने और सामूहिक रूप से आर्थिक गतिविधियां संचालित करने का अवसर प्रदान करते हैं।आजीविका मिशन से जुड़ी गतिविधियों के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास और आय बढ़ाने के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। वहीं, समूह सखियां महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और समूहों के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ने इन क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम योगदान दे रही हैं। उनका कहना था कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलता है।

गांव-गांव तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ने सखियों से आह्वान किया कि वे गांव-गांव तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें उपलब्ध अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया।ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार जानकारी के अभाव में पात्र लोग योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर सक्रिय सखियां लोगों तक जानकारी पहुंचाने और उन्हें संबंधित सेवाओं से जोड़ने में सहयोग कर सकती हैं।विधायक ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया। सम्मेलन के जरिए महिलाओं से संवाद कर उनके काम को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में महिला भागीदारी को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।

महिला आत्मनिर्भरता से मजबूत हो सकती है ग्रामीण अर्थव्यवस्था
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अपनी भागीदारी बढ़ाने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी योगदान दे सकती हैं। समूहों के माध्यम से महिलाओं को सामूहिक गतिविधियों, बचत और आजीविका से जुड़े अवसरों तक पहुंच मिलती है।बैंकिंग सेवाओं, विद्युत सेवाओं और आजीविका मिशन से जुड़ी सखियों की भूमिका ग्रामीण जीवन में जरूरी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इन क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित करने से उनके योगदान को पहचान मिलती है और दूसरी महिलाओं को भी आगे आने की प्रेरणा मिल सकती है।कुंदरकी में आयोजित सखी संवाद सम्मेलन इसी दिशा में एक पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम में विधायक ने चार महिलाओं को पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया और उन्हें गांव-गांव तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।सम्मेलन का प्रमुख संदेश रहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी, स्वयं सहायता समूहों की सक्रियता और स्थानीय स्तर पर सेवाओं की पहुंच मजबूत होने से महिला आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सकता है। सम्मानित सखियों के काम की सराहना के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।
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