नीब करोरी बाबा सर्किट: यूपी पर्यटन की बड़ी पहल, शुरू हुए खास टूर पैकेज

Editorial
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रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित

फर्रुखाबाद  श्रद्धेय संत नीब करोरी बाबा की आध्यात्मिक विरासत को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बाबा के महासमाधि दिवस के अवसर पर प्रदेश में उनके जीवन, साधना और प्रमुख स्थलों को जोड़कर एक नए आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट को विकसित करने की पहल की गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) की ओर से बाबा नीब करोरी के नाम से विशेष टूर पैकेज भी शुरू किए गए हैं।इस पहल का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान बनाना नहीं है, बल्कि बाबा नीब करोरी से जुड़ी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को व्यवस्थित तरीके से देश और दुनिया के सामने लाना भी है। यूपीएसटीडीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर बाबा नीब करोरी के लिए दिल्ली और लखनऊ से संचालित होने वाले अलग-अलग टूर पैकेज उपलब्ध हैं। इनमें 2 दिन, 3 दिन और 5 दिन की यात्राएं शामिल हैं।

जन्मस्थली से समाधि स्थल तक जुड़ेगा बाबा का आध्यात्मिक सफर

प्रस्तावित आध्यात्मिक सर्किट में बाबा नीब करोरी से जुड़े प्रमुख स्थलों को आपस में जोड़ा जा रहा है। इसमें फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद स्थित नीब करोरी बाबा आश्रम और वृंदावन स्थित बाबा का समाधि स्थल प्रमुख हैं। यूपीएसटीडीसी के मौजूदा पैकेजों में इन स्थलों को यात्रा मार्ग का हिस्सा बनाया गया है।अकबरपुर को बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं फर्रुखाबाद का आश्रम श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थल है। वृंदावन में स्थित समाधि स्थल भी इस यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। इस तरह श्रद्धालु बाबा के जीवन और आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े विभिन्न स्थानों को एक ही पर्यटन योजना के तहत देख सकेंगे।

12.93 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से संवरेगा पर्यटन ढांचा

बाबा नीब करोरी से जुड़े स्थलों को विकसित करने के लिए फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में पर्यटन सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। फिरोजाबाद के अकबरपुर में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए पहले चरण में 8.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वहीं दूसरे चरण की करीब 2.22 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है।अकबरपुर में ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत भी पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य जन्मस्थली को केवल धार्मिक स्थल के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।फर्रुखाबाद स्थित नीब करोरी आश्रम के विकास पर भी परियोजना पूरी की जा चुकी है। यहां श्रद्धालुओं के ठहरने और सार्वजनिक उपयोग की सुविधाओं को बेहतर बनाया गया है। सरकार की योजना इन सभी स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी, सुविधाओं और पर्यटन व्यवस्थाओं से जोड़ने की है।

नीब करोरी बाबा सर्किट: यूपी पर्यटन की बड़ी पहल
नीब करोरी बाबा सर्किट: यूपी पर्यटन की बड़ी पहल

अकबरपुर में बन रही आधुनिक पर्यटन सुविधाएं

बाबा की जन्मस्थली अकबरपुर में पर्यटकों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहां बहुद्देशीय सभागार, सांस्कृतिक ब्लॉक और बाबा के जीवन एवं आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी हॉल तैयार किया जा रहा है।इसके अलावा डाइनिंग हॉल, कैफेटेरिया, रसोई, शौचालय और पर्यटकों के ठहरने के लिए डॉरमेट्री जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। दूसरे चरण के कार्यों में गार्ड रूम, सार्वजनिक सुविधाएं और पत्थर के रास्ते शामिल हैं।ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत प्रवेश द्वार, साइनेज और म्यूरल वॉल जैसी सुविधाएं भी विकसित करने की योजना है। इससे आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा की जन्मस्थली के बारे में जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी।

दिल्ली और लखनऊ से चलेंगे खास टूर पैकेज

महासमाधि दिवस के अवसर पर यूपीएसटीडीसी ने बाबा नीब करोरी के नाम से विशेष टूर पैकेज शुरू किए हैं। आधिकारिक वेबसाइट पर दिल्ली और लखनऊ से जुड़े 2, 3 और 5 दिन के पैकेज उपलब्ध हैं।दिल्ली से संचालित पैकेजों में मथुरा, वृंदावन, फिरोजाबाद और अकबरपुर जैसे स्थान शामिल हैं। वहीं लखनऊ से चलने वाले पैकेजों में फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, मथुरा और वृंदावन को जोड़ा गया है। 5 दिन के विस्तृत पैकेज में फर्रुखाबाद, अकबरपुर, बटेश्वर, आगरा, मथुरा और वृंदावन समेत कई प्रमुख स्थान शामिल हैं।यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट के अनुसार इन यात्राओं में यात्रा, ठहरने, भोजन और गाइड जैसी सुविधाओं के विकल्प भी दिए गए हैं। इससे श्रद्धालुओं के लिए पूरी यात्रा को एक व्यवस्थित पैकेज के रूप में करना आसान होगा।

आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक बाबा नीब करोरी की विरासत आस्था, सेवा और सादगी के संदेश से जुड़ी है। सरकार का प्रयास है कि बाबा से जुड़े स्थलों को विकसित करने के साथ उनकी विरासत को नई पीढ़ी और देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जाए।पर्यटन विभाग का मानना है कि नया नीब करोरी बाबा सर्किट उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन को और मजबूत कर सकता है। इससे फर्रुखाबाद और फिरोजाबाद जैसे जिलों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और छोटे कारोबार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

श्रद्धालुओं के लिए आसान होगी बाबा के प्रमुख स्थलों की यात्रा

अब तक बाबा नीब करोरी से जुड़े अलग-अलग स्थानों पर श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार पहुंचते रहे हैं। नए पर्यटन सर्किट और विशेष पैकेज के जरिए इन स्थलों को एक यात्रा मार्ग में जोड़ने की कोशिश की जा रही है।यूपीएसटीडीसी की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक बाबा नीब करोरी पैकेज में उनके आश्रम, जन्मस्थली और समाधि स्थल के साथ मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी शामिल किया गया है।महासमाधि दिवस पर शुरू की गई यह पहल बाबा नीब करोरी की आध्यात्मिक विरासत को पर्यटन के माध्यम से व्यापक स्तर पर सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद अकबरपुर, फर्रुखाबाद और वृंदावन से जुड़े स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अनुभव और सुविधाएं और बेहतर होने की उम्मीद है।

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