बीजेपी संगठन पर्व में पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला

Digital Desk
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भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व के समापन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की औपचारिक घोषणा के मौके पर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में घुसपैठ, लोकतंत्र, संगठनात्मक मजबूती और कांग्रेस के सियासी पतन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनका यह भाषण उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी ने वह कर दिखाया है, जो दूसरी पार्टियां करने में असफल रहीं। उन्होंने संगठन पर्व को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का जीवंत उदाहरण बताते हुए कहा कि पार्टी संविधान की भावना के अनुरूप, जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और लोकतांत्रिक रही है।

घुसपैठ को बताया देश के लिए बड़ी चुनौती

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि आज भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक अवैध घुसपैठ है। दुनिया के कई समृद्ध देश भी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकाल रहे हैं और भारत भी अपने गरीबों, युवाओं और संसाधनों पर किसी को डाका डालने की इजाजत नहीं दे सकता।

पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि घुसपैठिए न केवल देश की अर्थव्यवस्था बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें उनके देश वापस भेजना जरूरी है और जो राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के तहत घुसपैठियों को संरक्षण दे रहे हैं, उन्हें जनता के सामने बेनकाब किया जाना चाहिए।

कांग्रेस पर सीधा हमला, सीटों के आंकड़ों का जिक्र

कांग्रेस के सियासी पतन पर बात करते हुए पीएम मोदी ने ऐतिहासिक संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि 1984 में कांग्रेस को 400 से अधिक सीटें मिली थीं, जो जवाहरलाल नेहरू के दौर से भी ज्यादा थीं। उस समय देश के लगभग 50 प्रतिशत मतदाताओं ने कांग्रेस पर भरोसा जताया था।

लेकिन आज हालात यह हैं कि कांग्रेस 100 सीटों के लिए तरस रही है। पीएम मोदी ने कहा कि यह गिरावट अचानक नहीं आई, बल्कि दशकों की गलत नीतियों, परिवारवाद और आत्ममंथन की कमी का नतीजा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बिना नाम लिए गांधी परिवार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने पतन की समीक्षा इसलिए नहीं करती, क्योंकि सच्चाई सामने आने पर सवाल उसी परिवार पर उठेंगे जिसने पार्टी पर कब्जा कर रखा है।

पीएम मोदी ने कहा कि यह परिवार लोकतंत्र के लिए खतरा बन चुका है। कांग्रेस के भीतर न तो आंतरिक लोकतंत्र बचा है और न ही नेतृत्व चुनने की स्वतंत्र प्रक्रिया। इसी कारण पार्टी सही कारणों की पहचान करने और उनसे सीख लेने की हिम्मत भी खो चुकी है।

नॉर्थ ईस्ट और आदिवासी समाज को लेकर कांग्रेस पर आरोप

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर नॉर्थ ईस्ट की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि दशकों तक आदिवासी समाज को सिर्फ वोट बैंक के तौर पर देखा गया। खासकर सबसे पिछड़ी जनजातियों की समस्याओं को कभी गंभीरता से नहीं लिया गया।

पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी ने इस सोच को बदला और आदिवासी समाज की वास्तविक पीड़ा को समझते हुए पीएम-जनमन योजना शुरू की। इस योजना का उद्देश्य देश की सबसे पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

बीजेपी संगठन पर्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया

 “बीजेपी का संगठन पर्व लोकतंत्र का प्रतीक”

बीजेपी के संगठन पर्व पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पार्टी के संविधान के अनुरूप, बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक चयन की प्रक्रिया महीनों तक चली। यह पूरी प्रक्रिया शत-प्रतिशत लोकतांत्रिक रही।

उन्होंने कहा कि संगठन पर्व बीजेपी की लोकतांत्रिक आस्था, अनुशासन और कार्यकर्ता-केंद्रित सोच का प्रतीक है। यही कारण है कि पार्टी लगातार मजबूत होती जा रही है और जनता का विश्वास बनाए हुए है।

 बीजेपी के सफर का जिक्र, वरिष्ठ नेताओं को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बीजेपी के ऐतिहासिक सफर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में पार्टी ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया।

उन्होंने वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह के योगदान का भी उल्लेख किया। पीएम मोदी ने कहा कि राजनाथ सिंह के नेतृत्व में पहली बार बीजेपी ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया।

अमित शाह और जेपी नड्डा के नेतृत्व की सराहना

पीएम मोदी ने कहा कि अमित शाह के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में बीजेपी की सरकारें बनीं और केंद्र में लगातार दूसरी बार बीजेपी को जनादेश मिला। इसके बाद जेपी नड्डा के नेतृत्व में पार्टी पंचायत से लेकर संसद तक और अधिक सशक्त हुई और लगातार तीसरी बार केंद्र में सरकार बनाने में सफल रही।

उन्होंने कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि संगठन, कार्यकर्ताओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत है।

 उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयान के मायने

उत्तर प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से अहम राज्य में पीएम मोदी के इस बयान को आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। घुसपैठ, राष्ट्रीय सुरक्षा, परिवारवाद और संगठन की मजबूती जैसे मुद्दे यूपी के मतदाताओं के बीच लगातार प्रभावी रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी का यह भाषण न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने वाला है, बल्कि विपक्ष को घेरने की रणनीति का भी स्पष्ट संकेत देता है।

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