“मुहर्रम पर विवादित बयान से गरमाई सियासत: ‘मैं नहीं जानता मुहर्रम क्या है… अलीगढ़ में पक्षी भी हमसे पूछकर उड़ता है’”

Editorial
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अलीगढ़ में मुहर्रम को लेकर पूछे गए सवाल पर भाजपा सांसद सतीश गौतम के बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे मुहर्रम की तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सवाल किया गया, तो उनका जवाब बेहद तल्ख और विवादित अंदाज में सामने आया। उन्होंने कहा कि “मुहर्रम क्या है, मैं नहीं जानता,” और आगे यह भी जोड़ दिया कि “अलीगढ़ में तो पक्षी भी हमसे पूछकर उड़ता है।” सांसद के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उनका अंदाज और शब्दों का चयन चर्चा का विषय बन गया है। करीब एक मिनट 34 सेकंड के इस वीडियो में वे न सिर्फ मुहर्रम को लेकर अनभिज्ञता जताते नजर आते हैं, बल्कि शहर की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सख्त दावा करते दिखाई देते हैं। बातचीत के दौरान सांसद ने यह भी कहा कि यह अलीगढ़ है, यहां हर गतिविधि प्रशासन की निगरानी में होती है। उनके अनुसार, शहर में कोई भी आयोजन हो या जुलूस, सब कुछ जिला प्रशासन की अनुमति और तय रूट के अनुसार ही होता है। उन्होंने दावा किया कि अलीगढ़ की कानून-व्यवस्था मजबूत है और यहां किसी भी तरह की अव्यवस्था की गुंजाइश नहीं है। अपने बयान में उन्होंने धार्मिक आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि जब अन्य समुदायों के धार्मिक कार्यक्रम और जागरण होते हैं, तब किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आती। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन पूरी तरह सक्षम है और हर स्थिति को संभालने में सक्षम है। सांसद गौतम ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि यह वही परिसर है, जहां “वंदे मातरम” और “जय श्री राम” जैसे नारे पहले भी गूंज चुके हैं। उनके इस बयान ने एक बार फिर यूनिवर्सिटी को लेकर राजनीतिक बहस को हवा दे दी है। उन्होंने आगे कहा कि शहर में जो भी मुहर्रम जुलूस निकाले जाएंगे, वे पूरी तरह प्रशासन की निगरानी में होंगे और सभी नियमों का पालन कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचने दी जाएगी और सभी आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होंगे।हालांकि उनके बयान के शुरुआती हिस्से—विशेषकर मुहर्रम को लेकर “मैं नहीं जानता” और “पक्षी भी पूछकर उड़ता है”—ने विवाद को जन्म दे दिया है। सोशल मीडिया पर लोग इस बयान को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे गैर-जिम्मेदाराना बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा मान रहे हैं।इस पूरे मामले ने अलीगढ़ की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। जहां एक तरफ प्रशासन शांति और सौहार्द बनाए रखने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ सांसद के बयान ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। अब देखना होगा कि इस बयान पर आगे राजनीतिक प्रतिक्रिया किस तरह सामने आती है और क्या यह मामला और तूल पकड़ता है या नहीं।कुल मिलाकर यह बयान न सिर्फ चर्चा का विषय बन गया है, बल्कि सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इसकी गूंज सुनाई दे रही है।

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