संकिसा में कॉरिडोर और फोरलेन सड़क की तैयारी, केशव मौर्य का आश्वासन

Editorial
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संकिसा (फर्रुखाबाद) उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक बौद्ध तीर्थस्थल संकिसा के विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है। सोमवार को यहां पहुंचे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बौद्ध स्तूप पर पूजा-अर्चना की और 86वें बौद्ध महोत्सव में शामिल होकर तीर्थस्थल के विकास को लेकर अहम संकेत दिए। उन्होंने संकिसा को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करने और तीर्थस्थल तक पहुंचने के लिए फोरलेन सड़क निर्माण की योजना पर कार्य करने का आश्वासन दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए।उपमुख्यमंत्री के इस बयान के बाद संकिसा के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के साथ यहां बुनियादी सुविधाओं के विकास का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। कॉरिडोर और फोरलेन सड़क निर्माण की वास्तविक स्थिति प्रस्ताव, स्वीकृति, बजट और समयसीमा तय होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

संकिसा में कॉरिडोर और फोरलेन सड़क की तैयारी,
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बौद्ध स्तूप पर पूजा-अर्चना, महोत्सव में हुए शामिल

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संकिसा पहुंचकर बौद्ध स्तूप पर बुद्ध वंदना की और पूजा-अर्चना के बाद स्तूप की परिक्रमा की। उन्होंने भगवान बुद्ध को नमन करते हुए उनके शांति, करुणा और सदाचार के संदेश का उल्लेख किया। इसके बाद वह 86वें बौद्ध महोत्सव में शामिल हुए और वहां मौजूद बौद्ध अनुयायियों को संबोधित किया।इस दौरान उन्होंने संकिसा की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि इस तीर्थस्थल के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों को विकास से जुड़े प्रस्ताव तैयार करके शासन तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि आगे की प्रक्रिया को बढ़ाया जा सके।संकिसा बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण तीर्थस्थल माना जाता है। यहां हर वर्ष धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और बौद्ध अनुयायी पहुंचते हैं। ऐसे में बेहतर सड़क संपर्क, सुविधाओं के विकास और तीर्थस्थल को व्यवस्थित रूप देने की योजनाएं स्थानीय क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

संकिसा में कॉरिडोर और फोरलेन सड़क की तैयारी,
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अयोध्या और काशी की तर्ज पर विकास की दिशा में कदम

पत्रकारों से बातचीत के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि संकिसा एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक बौद्ध तीर्थस्थल है। बौद्ध मान्यताओं के अनुसार, भगवान बुद्ध अपनी माता को अभिधम्म का उपदेश देने के बाद इसी स्थान पर स्वर्ग से अवतरित हुए थे। इसी वजह से बौद्ध अनुयायियों के बीच संकिसा का विशेष धार्मिक महत्व है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के विकास की दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर और वाराणसी में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी तरह संकिसा को भी कॉरिडोर के माध्यम से विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।यह बयान संकिसा के विकास को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कॉरिडोर विकसित होने की योजना आगे बढ़ती है तो तीर्थस्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने, आवागमन को व्यवस्थित करने और क्षेत्र की धार्मिक पहचान को व्यापक स्तर पर सामने लाने की संभावनाएं बन सकती हैं। परियोजना का स्वरूप और उसमें शामिल होने वाले कार्यों का विवरण अभी संबंधित प्रस्तावों और स्वीकृति के बाद ही सामने आएगा।

संकिसा में कॉरिडोर और फोरलेन सड़क की तैयारी,
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फोरलेन सड़क से बेहतर हो सकता है आवागमन

संकिसा के विकास को लेकर फोरलेन सड़क निर्माण की योजना भी चर्चा का अहम विषय रही। उपमुख्यमंत्री ने तीर्थस्थल तक पहुंचने के लिए फोरलेन सड़क निर्माण की योजना पर कार्य करने का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।किसी प्रमुख धार्मिक स्थल तक बेहतर सड़क संपर्क होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आवागमन में सुविधा मिल सकती है। सड़क की क्षमता बढ़ने से यातायात प्रबंधन और क्षेत्र तक पहुंच को बेहतर बनाने में भी मदद मिल सकती है। संकिसा के लिए प्रस्तावित फोरलेन सड़क का मार्ग, लंबाई, लागत और निर्माण की समयसीमा को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।इसलिए फिलहाल इसे विकास की दिशा में दिया गया आश्वासन माना जाना चाहिए। योजना को धरातल पर उतारने के लिए विभागीय प्रक्रिया, तकनीकी आकलन और आवश्यक स्वीकृतियों का पूरा होना जरूरी होगा।

पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में भाजपा नेताओं से मुलाकात

महोत्सव में शामिल होने के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संकिसा स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में भाजपा के स्थानीय नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा, सांसद मुकेश राजपूत, अमृतपुर विधायक सुशील कुमार शाक्य, कायमगंज विधायक डॉ. सुरभि और जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव मौजूद रहीं।इसके अलावा जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मुलाकात के दौरान उपस्थित रहे। क्षेत्र के विकास से जुड़ी योजनाओं और राजनीतिक गतिविधियों के बीच उपमुख्यमंत्री का यह दौरा स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण रहा।

2027 के चुनाव को लेकर भाजपा की जीत का दावा

राजनीतिक सवालों के जवाब में केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल गठबंधन के जरिए भाजपा का मुकाबला करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भाजपा अपने विकास कार्यों और सुशासन के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी।उपमुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की 300 सीटें जीतने और फिर सरकार बनाने का दावा किया। यह उनका चुनावी दावा है, जिसका वास्तविक आकलन चुनाव परिणाम आने के बाद ही हो सकेगा।उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों और विकास कार्यों को लेकर भी अपनी बात रखी। राजनीतिक बयानबाजी के बीच संकिसा के विकास का मुद्दा दौरे के प्रमुख बिंदुओं में शामिल रहा।

महिला सुरक्षा को बताया सरकार की प्राथमिकता

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने महिला सुरक्षा और प्रदेश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के संकल्प के साथ काम कर रही है। उनका कहना था कि जनता विकास, सुशासन और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार के कामकाज का मूल्यांकन करेगी।

संकिसा के विकास पर अब प्रस्ताव और स्वीकृति का इंतजार

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के बाद संकिसा में कॉरिडोर और फोरलेन सड़क निर्माण की संभावनाओं को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। बौद्ध महोत्सव में शामिल होकर उन्होंने तीर्थस्थल के विकास की कार्ययोजना तैयार करने और प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए।अब इन योजनाओं का आगे बढ़ना संबंधित विभागों की कार्यवाही, प्रस्तावों की स्वीकृति और बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। कॉरिडोर का स्वरूप क्या होगा, फोरलेन सड़क कहां से गुजरेगी और निर्माण कब शुरू होगा, इन सवालों के जवाब विस्तृत योजना सामने आने के बाद ही मिल सकेंगे। संकिसा के ऐतिहासिक बौद्ध तीर्थस्थल को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में उपमुख्यमंत्री का आश्वासन स्थानीय लोगों और बौद्ध अनुयायियों के लिए अहम है। अब सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि घोषित दिशा-निर्देशों के बाद विकास प्रस्ताव कितनी तेजी से आगे बढ़ते हैं।

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