
लखनऊ उत्तर प्रदेश के मेधावी छात्रों के लिए आज का दिन बेहद ऐतिहासिक और गौरवशाली साबित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज राजधानी लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक भव्य और हाई-प्रोफाइल समारोह में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले होनहारों को अपने हाथों से सम्मानित कर रहे हैं। इस मेगा इवेंट में यूपी बोर्ड, संस्कृत शिक्षा परिषद के टॉप-10, और सीबीएसई व आईसीएसई के सर्वोच्च 10-10 टॉपर्स सहित कुल 223 राज्य स्तरीय मेधावियों पर इनामों की बौछार की जा रही है। योगी सरकार इन सभी राज्य स्तरीय टॉपर्स को एक-एक लाख रुपये की भारी-भरकम सम्मान राशि, ब्रांड न्यू टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर उनकी प्रतिभा का लोहा मान रही है। इतना ही नहीं, शिक्षा के स्तर को सुधारने में अहम भूमिका निभाने वाले 11 विख्यात विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सीएम योगी शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित कर रहे हैं। राजधानी के साथ-साथ माध्यमिक शिक्षा विभाग प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिला स्तर पर टॉप 10 में जगह बनाने वाले मेधावियों को सम्मानित करने के लिए विशेष उत्सव मना रहा है।

मेधावियों को मुख्यधारा से जोड़ने की इस मुहिम में योगी सरकार ने मदरसा शिक्षा के होनहारों के लिए भी बड़ा ऐलान कर दिया है। सरकार वर्ष 2026 की मदरसा बोर्ड परीक्षा में परचम लहराने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने के लिए जून के इसी पहले सप्ताह में लखनऊ में एक और बड़ा और विशेष कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। इस कार्यक्रम में मुंशी/मौलवी (सेकंडरी) और आलिम (सीनियर सेकेंडरी) परीक्षा के टॉप-10 छात्र-छात्राओं को विशेष तौर पर आमंत्रित कर मंच पर नवाजा जाएगा। दोनों ही वर्गों के शीर्ष तीन रैंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को सरकार की तरफ से खास तौर पर टैबलेट दिए जाएंगे। आपको बता दें कि इस बार मदरसा बोर्ड की परीक्षा में कुल 80,933 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 55,788 छात्रों ने सफलता का परचम लहराया है। इस बार की परीक्षा में सेकंडरी वर्ग में मोहम्मद वसीम, मोहम्मद कासिम अली और शाइमा परवीन ने प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल कर बाजी मारी है। वहीं दूसरी ओर आलिम वर्ग में जुमी फरीन, शाइस्ता परवीन और उम्मुल खैर ने टॉप-3 में अपनी जगह पक्की कर समाज का नाम रोशन किया है। राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने इस संबंध में स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य मदरसा शिक्षा को पूरी तरह आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाकर अल्पसंख्यक समाज के युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। सरकार की इस बड़ी पहल से साफ है कि यूपी में प्रतिभाओं को न केवल पहचाना जा रहा है, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए हर मुमकिन साधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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