45 साल बाद भी अमर है हेमा मालिनी का ये गाना!

Editorial
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भारतीय संगीत जगत में जब भी सदाबहार गीतों की बात होती है, तो स्वर कोकिला लता मंगेशकर का नाम सबसे पहले लिया जाता है। उन्होंने अपने छह दशक से भी लंबे करियर में हजारों ऐसे गीत गाए, जो आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। इन्हीं अमर गीतों में एक ऐसा गाना भी शामिल है, जो पिछले 45 वर्षों से प्यार, विश्वास और रिश्तों की अहमियत का संदेश देता आ रहा है।यह गीत दर्द से भरा जरूर है, लेकिन यह बिछड़ने की कहानी नहीं सुनाता, बल्कि दो दिलों को जोड़ने और प्रेम की ताकत को महसूस कराने का संदेश देता है। यही वजह है कि चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह गीत हर पीढ़ी के संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट में अपनी जगह बनाए हुए है।

‘जिंदगी की ना टूटे लड़ी’… आज भी दिलों को छू जाता है यह गीत

हम बात कर रहे हैं साल 1981 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘क्रांति’ के मशहूर गीत “जिंदगी की ना टूटे लड़ी, प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी” की।यह गीत फिल्म के सबसे भावुक और रोमांटिक दृश्यों में फिल्माया गया था। इसकी खास बात यह है कि इसके बोल प्रेम को निभाने, रिश्तों को संजोने और हर पल को प्यार से जीने की सीख देते हैं।आज भी जब यह गीत बजता है, तो श्रोता खुद को इसकी भावनाओं से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।

लता मंगेशकर और नितिन मुकेश की जादुई आवाज

इस अमर गीत को लता मंगेशकर और नितिन मुकेश ने अपनी मधुर आवाज दी थी।दोनों गायकों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने इस गीत को ऐसा अमर बना दिया कि यह समय की कसौटी पर आज भी पूरी तरह खरा उतरता है।संगीतकार लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल की शानदार धुन और गीतकार संतोष आनंद के संवेदनशील बोलों ने इस गाने को भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार रोमांटिक गीतों में शामिल कर दिया।

मनोज कुमार और हेमा मालिनी पर फिल्माया गया था गीत

फिल्म ‘क्रांति’ में इस गीत को मनोज कुमार और हेमा मालिनी पर फिल्माया गया था।दोनों कलाकारों की भावपूर्ण अदाकारी और गीत की गहराई ने इस दृश्य को हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार रोमांटिक पलों में शामिल कर दिया।

‘क्रांति’ ने रचा था इतिहास

साल 1981 में रिलीज हुई ‘क्रांति’ उस दौर की सबसे चर्चित और भव्य फिल्मों में से एक थी।फिल्म में दिलीप कुमार, मनोज कुमार, शशि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, हेमा मालिनी और परवीन बाबी जैसे दिग्गज कलाकार नजर आए थे।फिल्म की कहानी मशहूर लेखक जोड़ी सलीम-जावेद ने लिखी थी, जबकि निर्देशन और निर्माण की जिम्मेदारी मनोज कुमार ने निभाई थी।रिलीज के समय यह भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में गिनी जाती थी और बॉक्स ऑफिस पर भी इसने जबरदस्त सफलता हासिल की थी।

45 साल बाद भी क्यों है यह गीत खास?

आज के दौर में जहां नए गाने कुछ दिनों में लोगों की जुबान से उतर जाते हैं, वहीं “जिंदगी की ना टूटे लड़ी” जैसे गीत दशकों बाद भी उतने ही लोकप्रिय हैं।इसकी सबसे बड़ी वजह इसके भावपूर्ण बोल, मधुर संगीत और लता मंगेशकर की कालजयी आवाज है।यह गीत केवल एक फिल्मी गाना नहीं, बल्कि प्रेम, समर्पण और रिश्तों को निभाने का संदेश देने वाली एक अमर धरोहर बन चुका है।भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ गीत ऐसे हैं जो समय के साथ पुराने नहीं पड़ते, बल्कि हर नई पीढ़ी के साथ और भी खास बन जाते हैं। ‘जिंदगी की ना टूटे लड़ी, प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी’ ऐसा ही एक सदाबहार गीत है, जिसने पिछले 45 वर्षों से करोड़ों लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई हुई है। लता मंगेशकर की अमर आवाज, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत और संतोष आनंद के भावपूर्ण बोल इस गीत को हमेशा-हमेशा के लिए अमर बना देते हैं।

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