रोहित शर्मा की कप्तानी क्यों गई? तिवारी ने खोला राज

Digital Desk
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भारतीय क्रिकेट टीम को दो आईसीसी ट्रॉफी जिताने वाले और 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचाने वाले कप्तान रोहित शर्मा से पिछले साल अचानक वनडे टीम की कप्तानी छीन ली गई थी। यह फैसला उस वक्त लिया गया, जब टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरे की तैयारी कर रही थी। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने शुभमन गिल को नया वनडे कप्तान घोषित करते हुए इसे 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी का हिस्सा बताया।

हालांकि यह फैसला आज भी क्रिकेट फैंस के गले नहीं उतरा है। खासकर उत्तर प्रदेश और हिंदी पट्टी में रोहित शर्मा के चाहने वालों का मानना है कि यह सिर्फ चयन समिति का नहीं, बल्कि टीम मैनेजमेंट के अंदरूनी दबाव का नतीजा था।

मनोज तिवारी का बड़ा दावा: असली वजह क्या थी?

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने इस पूरे विवाद पर एक नया दावा कर क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। तिवारी के मुताबिक, रोहित शर्मा से कप्तानी छीनने का फैसला भले ही औपचारिक रूप से अजीत अगरकर की चयन समिति ने लिया हो, लेकिन इसके पीछे टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर की भूमिका भी अहम हो सकती है।

“कंधा अगरकर का था, लेकिन बंदूक किसी और ने चलाई”

स्पोर्ट्स टुडे से बातचीत में मनोज तिवारी ने कहा,
“मैं नहीं जानता कि इसका प्राथमिक कारण क्या था, लेकिन मैं अजीत अगरकर को जानता हूं। वह मजबूत फैसले लेने से नहीं डरते। मगर यह मानना पड़ेगा कि इस फैसले में कंधा अगरकर का था, लेकिन बंदूक कोई और चला रहा था।”

तिवारी का इशारा साफ तौर पर गौतम गंभीर की ओर माना जा रहा है। उनके मुताबिक, इस तरह के बड़े फैसले सिर्फ चयन समिति अकेले नहीं लेती, बल्कि इसमें कोच और टीम मैनेजमेंट का इनपुट भी शामिल होता है।

चयन समिति और कोच, दोनों की जिम्मेदारी

मनोज तिवारी ने आगे कहा कि पर्दे के पीछे कई स्तरों पर चर्चा होती है। कप्तानी जैसे अहम फैसले में कोच और चयन समिति दोनों बराबर जिम्मेदार होते हैं। ऐसे में सिर्फ अगरकर को दोष देना पूरी तस्वीर नहीं दिखाता।

मौजूदा टीम मैनेजमेंट से नाखुश मनोज तिवारी

मनोज तिवारी ने मौजूदा टीम इंडिया मैनेजमेंट की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्लेइंग-11 के चयन से लेकर कप्तानी जैसे फैसलों में कई खामियां नजर आती हैं।

“वनडे क्रिकेट देखने में मेरी रुचि खत्म हो गई”

तिवारी ने दो टूक कहा,
“एक टी20 वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाले कप्तान को हटाकर दूसरा कप्तान बना दिया गया, जबकि इसकी जरूरत ही नहीं थी। इस तरह के फैसले ने मुझे निराश किया है।”

उनका मानना है कि रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ी को इस तरह हटाना उनके योगदान का अपमान है।

मौजूदा टीम मैनेजमेंट से नाखुश मनोज तिवारी

मनोज तिवारी ने मौजूदा टीम इंडिया मैनेजमेंट की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्लेइंग-11 के चयन से लेकर कप्तानी जैसे फैसलों में कई खामियां नजर आती हैं।

“वनडे क्रिकेट देखने में मेरी रुचि खत्म हो गई”

तिवारी ने दो टूक कहा,
“एक टी20 वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाले कप्तान को हटाकर दूसरा कप्तान बना दिया गया, जबकि इसकी जरूरत ही नहीं थी। इस तरह के फैसले ने मुझे निराश किया है।”

उनका मानना है कि रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ी को इस तरह हटाना उनके योगदान का अपमान है।

उम्र को बनाया गया कारण

अजीत अगरकर की चयन समिति ने रोहित शर्मा की उम्र को कप्तानी से हटाने की मुख्य वजह बताया था। उस वक्त रोहित 38 साल के हो चुके थे और यह तर्क दिया गया कि 2027 वर्ल्ड कप तक उनका खेलना अनिश्चित है।

हालांकि आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं। रोहित शर्मा की फिटनेस, फॉर्म और अनुभव आज भी उन्हें टीम का सबसे मजबूत स्तंभ बनाते हैं।

प्रदर्शन और फिटनेस ने किया सबूत पेश

रोहित शर्मा हाल के वर्षों में शानदार फॉर्म में रहे हैं। अपने करियर में पहली बार वह आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज भी बने। इसके अलावा तीन दोहरे शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज के रूप में उनका रिकॉर्ड खुद बोलता है।

मनोज तिवारी के मुताबिक,
“रोहित की क्षमता पर शक करना गलत है। उन्होंने 2023 वर्ल्ड कप में साबित कर दिया कि वह अभी भी टीम को खिताब जिताने का माद्दा रखते हैं।”

गौतम गंभीर पर पहले भी लगे हैं आरोप

यह पहली बार नहीं है जब गौतम गंभीर को लेकर इस तरह के आरोप सामने आए हों। इससे पहले भी कुछ फैंस और एक्सपर्ट्स ने रोहित शर्मा के टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के फैसलों के पीछे गंभीर की भूमिका होने की बात कही थी।

अब मनोज तिवारी के बयान के बाद यह बहस और तेज हो गई है कि क्या टीम इंडिया में बड़े फैसले कोच के प्रभाव में लिए जा रहे हैं।

फैंस की प्रतिक्रिया और विवाद का असर

उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में रोहित शर्मा के फैंस सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं। कई फैंस का मानना है कि कप्तानी बदलने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया।

दूसरी ओर, कुछ लोग चयन समिति के फैसले को भविष्य की योजना मानकर सही ठहराते हैं। लेकिन यह साफ है कि Rohit Sharma Captaincy Controversy अभी खत्म नहीं हुई है।


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