बिजली कटौती पर फूटा व्यापारियों का गुस्सा! पुतला दहन से पहले पुलिस ने रोका, बिजली विभाग के खिलाफ जमकर हंगामा

Editorial
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रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित

फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और कथित गलत बिजली बिलों को लेकर शनिवार को व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। शहर के चौक चौराहे पर युवा व्यापार मंडल के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारी एकत्र हुए और बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी से पूरा इलाका गूंज उठा। व्यापारियों ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताते हुए विभाग पर उपभोक्ताओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।हालात उस समय और गर्म हो गए जब प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग का पुतला दहन करने की तैयारी शुरू कर दी। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया। पुलिस की समझाइश और सतर्कता के चलते पुतला दहन टल गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा।

बिजली कटौती से कारोबार पर संकट

शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत युवा व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी चौक चौराहे पर इकट्ठा हुए। व्यापारियों का कहना था कि शहर में कई दिनों से अघोषित बिजली कटौती की जा रही है, जिससे बाजारों में व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिजली जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। कई-कई घंटे बिजली गुल रहने से दुकानों में ग्राहकों की संख्या कम हो रही है और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

‘फोन तक नहीं उठाते अधिकारी’

धरने को संबोधित करते हुए अंकुर श्रीवास्तव ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब उपभोक्ता बिजली कटौती की जानकारी लेने या शिकायत दर्ज कराने के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन करते हैं, तो उनके फोन तक रिसीव नहीं किए जाते।उन्होंने कहा कि जनता बिजली का पूरा बिल समय पर जमा करती है, लेकिन बदले में उसे न तो बेहतर बिजली मिल रही है और न ही शिकायतों का समाधान।

गलत बिजली बिल भेजने का आरोप

प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने बिजली विभाग पर उपभोक्ताओं को गलत और बढ़े हुए बिजली बिल भेजने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि कई लोगों के बिल वास्तविक खपत से कहीं अधिक आ रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ता और व्यापारी दोनों परेशान हैं।व्यापारियों ने मांग की कि सभी विवादित बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें तुरंत ठीक कराया जाए। साथ ही अघोषित बिजली कटौती पर भी तत्काल रोक लगाई जाए।

पुतला दहन से पहले पहुंची पुलिस

प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग का पुतला दहन करने की योजना भी बनाई गई थी। इसकी सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र गहलोत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें समझाया कि बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर पुतला दहन करना कानून व्यवस्था की दृष्टि से उचित नहीं है। पुलिस की मौजूदगी और समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुतला दहन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया।हालांकि प्रदर्शन और नारेबाजी लगातार जारी रही।

मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के एसडीओ

व्यापारियों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के एसडीओ अजय सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।एसडीओ ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जाएगा और गलत बिलों से संबंधित सभी शिकायतों का शीघ्र निस्तारण कराया जाएगा।उन्होंने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को गलत बिल मिला है तो उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने दी सख्त चेतावनी

कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र गहलोत ने बताया कि पुलिस को पहले ही पुतला दहन की सूचना मिल गई थी। इसी कारण समय रहते मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना प्रशासनिक अनुमति कोई भी ऐसा कार्यक्रम नहीं किया जा सकता, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो। यदि भविष्य में कोई भी व्यक्ति या संगठन बिना अनुमति पुतला दहन या ऐसा कोई आयोजन करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

व्यापारियों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

धरने के अंत में व्यापारियों ने प्रशासन और बिजली विभाग को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया और गलत बिजली बिलों की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।व्यापारियों ने कहा कि वे सिर्फ अपने हितों के लिए नहीं, बल्कि शहर के लाखों बिजली उपभोक्ताओं की आवाज बनकर सड़क पर उतरे हैं। उनका उद्देश्य जनता को राहत दिलाना है।

जनता की नजर अब प्रशासन पर

फर्रुखाबाद में बिजली संकट और गलत बिलों को लेकर उठे इस विरोध प्रदर्शन ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर विभाग ने व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया है, तो दूसरी ओर व्यापारियों ने साफ कर दिया है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार दिखाई देना चाहिए।अब पूरे शहर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और बिजली विभाग अपने वादों को कितनी जल्दी अमल में लाते हैं। यदि समस्याएं जस की तस रहीं, तो आने वाले दिनों में यह विरोध और बड़ा जनआंदोलन बन सकता है।

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