उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के एक विधायक ने किसानों और बुनकरों को मुफ्त बिजली देने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। विधायक ने कहा कि किसानों और बुनकरों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने के बजाय दोनों को समान रूप से मुफ्त बिजली की सुविधा दी जानी चाहिए।
इस मुद्दे को लेकर सदन में कुछ देर चर्चा भी हुई और विपक्ष ने इसे आम लोगों से जुड़ा अहम विषय बताया।
सपा विधायक ने कहा कि किसान और बुनकर दोनों ही मेहनतकश वर्ग से जुड़े हैं और उनकी आजीविका बिजली पर काफी हद तक निर्भर है। किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत होती है, जबकि बुनकरों का काम पूरी तरह बिजली से चलने वाले करघों और मशीनों पर आधारित है।
उन्होंने तर्क दिया कि यदि सरकार किसानों के लिए रियायत या मुफ्त बिजली की योजना बना सकती है, तो बुनकरों को भी उसी तरह की सुविधा मिलनी चाहिए।
बढ़ती लागत से परेशानी
विधायक ने सदन में कहा कि बिजली दरों में बढ़ोतरी के कारण बुनकर समुदाय आर्थिक दबाव में है। उत्पादन लागत बढ़ने से उनका मुनाफा कम हो रहा है और कई छोटे बुनकर काम छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
रोजगार पर असर
उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे वाराणसी, मऊ और आजमगढ़ में बड़ी संख्या में लोग बुनकरी से जुड़े हैं। ऐसे में बिजली राहत मिलने से इस परंपरागत उद्योग को बढ़ावा मिल सकता है और रोजगार के अवसर भी सुरक्षित रहेंगे।
किसानों के लिए भी राहत की मांग
सदन में यह भी कहा गया कि किसानों की खेती लागत लगातार बढ़ रही है। डीजल, खाद और अन्य संसाधनों के साथ बिजली का खर्च भी उनकी आय पर असर डालता है।
मुफ्त या सस्ती बिजली मिलने से सिंचाई की लागत कम होगी और किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है।
सरकार की प्रतिक्रिया
विधानसभा में उठे इस मुद्दे पर सरकार की ओर से कहा गया कि किसानों और बुनकरों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाएं पहले से चलाई जा रही हैं। संबंधित विभाग समय-समय पर राहत और सब्सिडी के विकल्पों पर विचार करता रहता है।
हालांकि, मुफ्त बिजली की मांग पर अंतिम निर्णय नीति और वित्तीय स्थिति को देखते हुए ही लिया जाएगा।
यूपी विधानसभा में किसानों और बुनकरों को एक साथ मुफ्त बिजली देने की मांग ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक मुद्दे को सामने रखा है। यह मांग जहां मेहनतकश वर्ग को राहत देने से जुड़ी है, वहीं सरकार के लिए वित्तीय संतुलन भी एक अहम चुनौती है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर सरकार के फैसले पर सभी की नजर रहेगी।


