मथुरा जिले के वृंदावन से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बांके बिहारी मंदिर का पंडा बनकर महिलाओं को फंसाने और उनसे लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। आरोप है कि आरोपी ने VIP दर्शन का लालच देकर पहले दोस्ती की, फिर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है। वृंदावन कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खुद को पंडा बताकर महिलाओं से बनाता था संपर्क
पुलिस के अनुसार, केशीघाट निवासी प्रिंस वर्मा उर्फ प्रिंस ठाकुर खुद को बांके बिहारी मंदिर का पंडा बताता था। वह सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संपर्कों के जरिए महिलाओं से दोस्ती करता और उन्हें मंदिर में VIP दर्शन कराने का भरोसा देता था। आरोपी कथित तौर पर धार्मिक पहचान का इस्तेमाल कर विश्वास जीतता और धीरे-धीरे निजी मुलाकातों के लिए राजी करता था।
VIP दर्शन के नाम पर होटल और निजी स्थानों पर बुलाता
जांच में सामने आया है कि आरोपी महिलाओं को VIP दर्शन के बहाने वृंदावन के होटल या अन्य निजी स्थानों पर बुलाता था। वहीं पर वह गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्ड करता या महिलाओं को आपत्तिजनक स्थिति में फंसाता था। इसके बाद वह वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पैसे की मांग करता था। पीड़िताओं के अनुसार, आरोपी ने लाखों रुपये की मांग की और मानसिक रूप से परेशान किया।
अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी से वसूली
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल कर पीड़िताओं पर दबाव बनाता था। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार पैसे ऐंठता रहा। कुछ मामलों में पीड़िताएं डर के कारण सामने नहीं आईं, लेकिन एक शिकायत दर्ज होने के बाद पूरा मामला उजागर हुआ। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस गिरोह में और लोग तो शामिल नहीं हैं।
वृंदावन कोतवाली पुलिस की कार्रवाई
वृंदावन कोतवाली पुलिस ने आरोपी प्रिंस वर्मा उर्फ प्रिंस ठाकुर के खिलाफ आईटी एक्ट समेत धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग की धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की डिजिटल गतिविधियों, बैंक लेन-देन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पीड़िताओं की पहचान गोपनीय रखी जा रही है और उनसे सहयोग लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं और स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद वृंदावन में सुरक्षा और मंदिरों के आसपास निगरानी बढ़ाने की मांग उठ रही है। स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और VIP दर्शन के नाम पर पैसे न दें। मंदिर प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि आधिकारिक प्रक्रियाओं के अलावा कोई निजी व्यक्ति VIP दर्शन नहीं करा सकता।

