सर्दियों का मौसम ठंड, कोहरे और वायरल संक्रमण के साथ आता है। उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत में इस मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और गले की समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में बहुत से लोग यह सोचकर फल खाना कम या बंद कर देते हैं कि ठंड में फल खाने से सर्दी बढ़ सकती है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो यह धारणा पूरी तरह गलत है। सर्दियों में सही फल सही मात्रा में खाने से शरीर की इम्युनिटी मजबूत होती है और बीमारियां करीब नहीं आतीं।
फल शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं। खासतौर पर विटामिन C, फाइबर और प्राकृतिक शर्करा सर्दियों में शरीर को ऊर्जा देने और संक्रमण से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। संतरा, मौसमी, अमरूद और कीनू जैसे खट्टे फल इम्युन सिस्टम को मजबूत करते हैं और वायरल इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं। उत्तर प्रदेश में सर्दियों के दौरान ये फल आसानी से उपलब्ध भी होते हैं और किफायती भी हैं।
अमरूद को सर्दियों का सुपरफ्रूट कहा जाता है। इसमें विटामिन C की मात्रा संतरे से भी ज्यादा होती है। रोज एक अमरूद खाने से सर्दी-जुकाम का खतरा कम होता है और पाचन भी बेहतर रहता है। सेब भी सर्दियों में रोज खाने के लिए बेहतरीन फल है। इसमें मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट दिल की सेहत और वजन नियंत्रण में मदद करते हैं।
अनार सर्दियों में खून की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है और शरीर में गर्मी बनाए रखता है। इसी तरह पपीता और नाशपाती पाचन को दुरुस्त रखते हैं, जिससे सर्दियों में होने वाली कब्ज की समस्या से राहत मिलती है।
हालांकि यह भी जरूरी है कि फल सही तरीके और सही समय पर खाए जाएं। बहुत ठंडे फल या फ्रिज से निकाले गए फल खाने से बचना चाहिए। सुबह या दोपहर के समय फल खाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। चाहें तो फल को कमरे के तापमान पर थोड़ी देर रखने के बाद खा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि फल खाने से ठंड लगने का डर वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। असल में संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित फल सेवन से शरीर मौसम के बदलाव को बेहतर तरीके से झेल पाता है। सर्दियों में फल न खाना शरीर को जरूरी पोषक तत्वों से वंचित कर सकता है, जिससे बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
कुल मिलाकर, सर्दियों में फल खाना बंद करने की बजाय सही फल चुनना और सही तरीके से सेवन करना ज्यादा जरूरी है। अगर रोजाना डाइट में मौसमी फल शामिल किए जाएं तो बीमारियां सच में “10 फुट दूर” रह सकती हैं।

