
बॉलीवुड की चमक-दमक जितनी आकर्षक दिखाई देती है, उसके पीछे का संघर्ष अक्सर उतना ही कठिन और चुनौतीपूर्ण होता है। कई कलाकार वर्षों बाद अपने शुरुआती दिनों की कहानी सुनाते हैं तो पता चलता है कि सफलता तक पहुंचने का रास्ता कितना मुश्किल रहा है। अभिनेत्री दीया मिर्जा ने भी अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कुछ ऐसे ही अनुभव साझा किए हैं, जिन्होंने बॉलीवुड के उस दौर की कार्यशैली और नए कलाकारों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर कर दिया है। दीया मिर्जा ने हाल ही में एक बातचीत के दौरान बताया कि जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब उन्हें न तो किसी तरह की विशेष ट्रेनिंग मिली और न ही अभिनय को समझने का पर्याप्त समय। इसके बजाय उन्हें सीधे फिल्मों के सेट पर भेज दिया गया, जहां लगातार 27 से 28 घंटे तक काम करना आम बात थी। सबसे हैरानी की बात यह रही कि कई बार उन्हें पूरी स्क्रिप्ट तक नहीं दी जाती थी और केवल कहानी सुनाकर फिल्म के लिए तैयार कर लिया जाता था। यह खुलासा ऐसे समय में सामने आया है जब फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों के काम के घंटे और बेहतर कार्य परिस्थितियों को लेकर बहस लगातार जारी है। पिछले कुछ समय में कई बड़े कलाकारों ने भी शूटिंग के दौरान लंबे और थकाऊ शेड्यूल पर सवाल उठाए हैं। ऐसे माहौल में दीया का यह बयान बॉलीवुड के पुराने दौर की एक अलग तस्वीर सामने लाता है। दरअसल फिल्म निर्माता और कोरियोग्राफर फराह खान हाल ही में दीया मिर्जा के घर पहुंचीं थीं। अपने वीडियो व्लॉग के दौरान दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई। इसी दौरान दीया ने अपने जीवन और करियर के कई अनसुने किस्से साझा किए। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने केवल 19 साल की उम्र में अपना घर खरीद लिया था, लेकिन उस उपलब्धि के पीछे लगातार मेहनत और संघर्ष की लंबी कहानी छिपी हुई थी।

फराह खान ने बातचीत के दौरान दीया की पहली फिल्मों ‘रहना है तेरे दिल में’ और ‘तुमको ना भूल पाएंगे’ में उनके अभिनय की जमकर तारीफ की। फराह ने कहा कि पर्दे पर दीया कभी नई कलाकार जैसी नहीं लगीं और उन्होंने अपने किरदारों को बेहद आत्मविश्वास के साथ निभाया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दीया ने कहा कि लोगों को शायद उनकी सहजता दिखाई देती थी, लेकिन पर्दे के पीछे की सच्चाई कुछ और ही थी। दीया ने बताया कि इंडस्ट्री में कई कलाकारों को लॉन्च करने से पहले अभिनय कार्यशालाएं, डांस ट्रेनिंग और व्यक्तित्व विकास की क्लासेज दी जाती हैं, लेकिन उन्हें इनमें से कुछ भी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वह अक्सर उन कलाकारों की कहानियां सुनती थीं जिन्हें लॉन्च करने से पहले महीनों तक प्रशिक्षित किया गया, लेकिन उनके साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ। उन्हें सीधे फिल्मों में काम करने के लिए भेज दिया गया और वहां सीखने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। उन्होंने कहा कि करियर की शुरुआत में उन्हें एक साथ कई फिल्मों में काम करना पड़ा। शूटिंग का दबाव इतना अधिक था कि कई बार लगातार 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक काम करना पड़ता था। दीया के अनुसार कई अवसरों पर उनका कार्य समय 27 से 28 घंटे तक पहुंच जाता था। उस दौर में आराम, निजी समय या मानसिक स्वास्थ्य जैसी चीजों पर बहुत कम ध्यान दिया जाता था। कलाकारों से केवल काम की उम्मीद की जाती थी और उन्हें उसी के अनुरूप खुद को ढालना पड़ता था।

दीया ने मुस्कुराते हुए उस दौर को याद किया और कहा कि वह अक्सर मजाक में कहती थीं कि अगर किसी ने पूजा फिल्म्स के साथ काम कर लिया, तो वह देश के किसी भी प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाता है। क्योंकि वहां काम का स्तर और मेहनत दोनों बेहद ज्यादा होती थीं। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उसी कठिन दौर ने उन्हें मजबूत बनाया और पेशेवर रूप से परिपक्व होने में मदद की। सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब दीया ने बताया कि कई फिल्मों में उन्हें पूरी स्क्रिप्ट तक नहीं दी गई थी। केवल कहानी सुनाई जाती थी और कहा जाता था कि यह फिल्म सुपरहिट होगी, इसलिए इसे कर लो। आज के दौर में जहां कलाकार स्क्रिप्ट पढ़कर और किरदार को समझकर फिल्में चुनते हैं, वहां यह अनुभव काफी अलग और हैरान करने वाला लगता है।गौरतलब है कि दीया मिर्जा ने वर्ष 2001 में रिलीज हुई रोमांटिक फिल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। फिल्म में उनके साथ आर. माधवन और सैफ अली खान मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। हालांकि रिलीज के समय फिल्म को औसत प्रतिक्रिया मिली थी, लेकिन बाद के वर्षों में यह एक कल्ट क्लासिक के रूप में लोकप्रिय हुई और दीया को पहचान दिलाने वाली सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल हो गई।वर्कफ्रंट की बात करें तो दीया मिर्जा जल्द ही नेटफ्लिक्स की चर्चित फिल्म ‘इक्का’ में दिखाई देंगी। सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा के निर्देशन में बनी यह फिल्म एक बड़े कानूनी संघर्ष की कहानी पर आधारित है। फिल्म में दीया के अलावा सनी देओल, अक्षय खन्ना, तिलोत्तमा शोम, संजीदा शेख, शिशिर शर्मा और आकांक्षा रंजन कपूर जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म 10 जुलाई को रिलीज होने जा रही है और दर्शकों को इससे काफी उम्मीदें हैं।दीया मिर्जा का यह खुलासा सिर्फ उनके व्यक्तिगत संघर्ष की कहानी नहीं है, बल्कि बॉलीवुड के उस दौर की झलक भी है, जहां सपनों की कीमत अक्सर नींद, आराम और निजी जिंदगी से चुकानी पड़ती थी। आज जब इंडस्ट्री में बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग तेज हो रही है, तब दीया की कहानी यह याद दिलाती है कि सफलता के पीछे अक्सर संघर्ष के ऐसे अध्याय छिपे होते हैं, जिन्हें दुनिया बहुत देर से जान पाती है।
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