लाल मंदिर के पास बदलनी पड़ी योजना
NIA की चार्जशीट के अनुसार, घटना वाले दिन उमर-उन-नबी पहले चांदनी चौक स्थित लाल मंदिर के आसपास पहुंचा था। जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दावा किया गया है कि उसने शाम करीब 6:37 बजे वहां वाहन खड़ा करने की कोशिश की।इलाके में मौजूद भारी यातायात और पुलिस की मौजूदगी के कारण उसके लिए वहां रुकना संभव नहीं हुआ। इसके बाद उसने वाहन को दूसरी दिशा में मोड़ दिया और करीब 13 मिनट बाद लाल किले के गेट नंबर चार के आसपास पहुंचा।जांच एजेंसी ने इस घटनाक्रम को मामले की साजिश और आरोपी की गतिविधियों को समझने में महत्वपूर्ण माना है।
सीसीटीवी फुटेज से सामने आई गतिविधियां
चार्जशीट में सीसीटीवी फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। फुटेज के आधार पर जांचकर्ताओं ने आरोपी की गतिविधियों और वाहन की आवाजाही की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की।जांच एजेंसी के अनुसार, लाल मंदिर से लाल किले तक आरोपी की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। इसके बाद हुए विस्फोट को वाहन आधारित आतंकी हमले के तौर पर जांचा गया।मामले में सीसीटीवी फुटेज के अलावा घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट को भी जांच का हिस्सा बनाया गया।

जूते से जुड़ा था संदिग्ध रिमोट तंत्र
चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि विस्फोट को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए गए संदिग्ध रिमोट तंत्र का एक हिस्सा आरोपी के जूते से जुड़ा था।जांच के दौरान घटनास्थल से मिले जूते और अन्य वस्तुओं की फोरेंसिक जांच कराई गई। एजेंसी के अनुसार, जांच में ऐसे साक्ष्य मिले, जिन्हें विस्फोटक सामग्री और संदिग्ध विस्फोट तंत्र से जोड़ा गया। इस मामले से जुड़ी तकनीकी प्रक्रिया और विस्फोटक तैयार करने की विधि को लेकर सामने आई जानकारियों का इस्तेमाल किसी भी तरह से दोहराने या प्रयोग करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। चार्जशीट में शामिल सामग्री फिलहाल जांच एजेंसी के आरोप और साक्ष्य हैं, जिनका न्यायिक प्रक्रिया में परीक्षण होना बाकी है।
डीएनए जांच से हुई पहचान की पुष्टि
जांच एजेंसी ने आरोपी की पहचान स्थापित करने के लिए डीएनए जांच का भी सहारा लिया। चार्जशीट के मुताबिक, वाहन और घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों का मिलान आरोपी के माता-पिता से लिए गए नमूनों से किया गया।जांचकर्ताओं के अनुसार, इस प्रक्रिया से आरोपी की पहचान की पुष्टि करने में मदद मिली। किसी बड़े आतंकी हमले की जांच में डीएनए जैसे वैज्ञानिक साक्ष्य महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि इनके जरिए घटनास्थल से मिले नमूनों और संदिग्ध व्यक्ति के बीच संबंध की जांच की जा सकती है।

कमरे को लेकर भी जांच में सामने आई जानकारी
चार्जशीट में आरोपी के उस कमरे से जुड़ी गतिविधियों का भी उल्लेख है, जहां वह कथित तौर पर संदिग्ध सामग्री रखता था। जांच एजेंसी के अनुसार, कमरे में विशेष परिस्थितियां बनाए रखने की कोशिश की जाती थी और वहां से दुर्गंध आने की बात गवाहों ने बताई।मकान मालिक और आसपास के लोगों से पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया। एजेंसी ने आरोपी के व्यवहार और उसके संपर्कों से जुड़ी जानकारियों को अन्य साक्ष्यों के साथ जोड़कर देखा।
संदिग्ध सामग्री और दस्तावेज भी जांच के घेरे में
NIA के अनुसार, जांच के दौरान आरोपी और उसके कथित सहयोगियों से ऐसी सामग्री मिलने की बात कही गई है, जिसे जांच एजेंसी ने आतंकी गतिविधियों से संबंधित माना।चार्जशीट में कुछ प्रकाशनों और दस्तावेजों का भी उल्लेख किया गया है। एजेंसी का दावा है कि इनमें हिंसा, हथियारों और आतंकी गतिविधियों से संबंधित सामग्री मौजूद थी।जांचकर्ताओं ने इन सामग्रियों को आरोपी की कथित विचारधारा और गतिविधियों से जोड़कर देखा है। हालांकि, किसी दस्तावेज का मिलना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता; अदालत में अभियोजन को साक्ष्यों के आधार पर अपने आरोप साबित करने होंगे।
हमले में 11 लोगों की मौत, 29 घायल
चार्जशीट के मुताबिक, लाल किले के पास हुए विस्फोट में 11 लोगों की मौत हुई, जबकि 29 लोग घायल हुए। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी और जांच एजेंसियों ने बड़े स्तर पर साक्ष्य जुटाए।पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट को भी जांच का हिस्सा बनाया गया। इसके साथ ही विस्फोट से आसपास की संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन भी किया गया है।इस हमले ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे। लाल किला राजधानी का बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
कपड़ों की खरीदारी से लेकर आवाजाही तक की जांच
चार्जशीट में आरोपी की घटना से पहले की गतिविधियों का भी जिक्र किया गया है। जांच एजेंसी ने उसकी आवाजाही, खरीदारी और संपर्कों से संबंधित जानकारियों को घटनाक्रम से जोड़ने का प्रयास किया।जांच के दौरान दुकानदारों, स्थानीय लोगों और अन्य संभावित गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। इससे आरोपी की गतिविधियों की समय-रेखा तैयार करने में मदद मिलने का दावा किया गया है।
चार्जशीट के दावों पर अब अदालत में होगी सुनवाई
लाल किला विस्फोट मामले में NIA की चार्जशीट ने जांच के दौरान सामने आए कई अहम पहलुओं को सामने रखा है। इसमें लाल मंदिर को कथित तौर पर शुरुआती निशाना बनाए जाने, सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्यों, डीएनए जांच और आरोपी की गतिविधियों से जुड़े कई दावों का उल्लेख है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि चार्जशीट में लगाए गए आरोप अदालत में अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माने जाते। आगे न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों अपने-अपने पक्ष और साक्ष्य पेश करेंगे।
लाल किला ब्लास्ट की जांच में कई अहम कड़ियां सामने
लाल किले के पास हुए वाहन विस्फोट ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर दिया था। अब जांच एजेंसी की चार्जशीट में सामने आए दावों से इस मामले की कथित साजिश और आरोपी की गतिविधियों को लेकर नई जानकारी सामने आई है। लाल मंदिर से लाल किले तक की गतिविधियां, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्य जांच के महत्वपूर्ण हिस्से बताए गए हैं।मामले में 11 लोगों की मौत और 29 लोगों के घायल होने की पुष्टि चार्जशीट में किए जाने से इसकी गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। अब इस पूरे मामले में अदालत की सुनवाई और आगे आने वाले साक्ष्य यह तय करेंगे कि जांच एजेंसी के आरोपों की कानूनी स्थिति क्या बनती है।

