
लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में देर रात की गई नियमित पुलिस चेकिंग उस समय सनसनीखेज खुलासे में बदल गई, जब बिना नंबर प्लेट की एक मॉडिफाइड BMW कार को रोककर उसकी तलाशी ली गई। शुरू में मामला केवल ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने कार की गहन जांच शुरू की, वैसे-वैसे ऐसे खुलासे सामने आए जिन्होंने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।पुलिस के अनुसार, चेकिंग अभियान के दौरान बिना नंबर प्लेट की तेज रफ्तार BMW संदिग्ध परिस्थितियों में आती दिखाई दी। कार को रोककर उसमें सवार तीन युवकों से पूछताछ की गई। तीनों के हाव-भाव और जवाबों में विरोधाभास दिखाई देने पर पुलिस को शक हुआ और वाहन की बारीकी से तलाशी लेने का निर्णय लिया गया।तलाशी के दौरान पुलिस को कार के अंदर एक विशेष रूप से बनाया गया सीक्रेट लॉकर (गुप्त चेंबर) मिला। जब इस लॉकर को खोला गया तो उसके अंदर करीब 26 लाख रुपये नकद रखे मिले। इतनी बड़ी रकम देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। नोटों की गड्डियां व्यवस्थित तरीके से छिपाकर रखी गई थीं, जिससे यह आशंका और गहरा गई कि रकम को जानबूझकर छिपाने के लिए कार में विशेष मॉडिफिकेशन कराया गया था।

यही नहीं कार की आगे की तलाशी में पुलिस को बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दवाएं और कंडोम भी बरामद हुए। इन सामानों की मौजूदगी ने पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया। हालांकि पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि बरामद दवाएं किस उद्देश्य से ले जाई जा रही थीं और उनका उपयोग किस काम में होना था। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभिन्न कोणों से जांच कर रही है।जब पुलिस ने तीनों युवकों से 26 लाख रुपये की नकदी के स्रोत और उद्देश्य के बारे में पूछा तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवकों के बयान बार-बार बदल रहे थे, जिससे संदेह और गहरा गया। नकदी से जुड़े वैध दस्तावेज या कोई प्रमाण भी मौके पर प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना तत्काल आयकर विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही आयकर विभाग ने भी मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद नकदी वैध आय का हिस्सा है या फिर किसी अवैध लेन-देन, हवाला या अन्य आर्थिक गतिविधि से जुड़ी हुई है। आयकर विभाग युवकों की आय, बैंकिंग रिकॉर्ड और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर सकता है।पूछताछ के दौरान एक युवक ने कथित तौर पर खुद को एक दरोगा का बेटा बताते हुए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने किसी भी तरह के दबाव में आए बिना कार्रवाई जारी रखी और कानून के अनुसार पूरी प्रक्रिया अपनाई। अधिकारियों का कहना है कि चाहे कोई भी व्यक्ति कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, कानून सभी के लिए समान है।
पुलिस ने मौके से तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया है। साथ ही BMW समेत दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया है। जब्त किए गए वाहनों की भी तकनीकी जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनमें और कोई गुप्त चेंबर या अवैध सामग्री तो नहीं छिपाई गई थी।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद नकदी, आपत्तिजनक दवाओं और अन्य सामान की फॉरेंसिक तथा दस्तावेजी जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क और वास्तविक मकसद का खुलासा हो सकेगा। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस मामले में केवल तीन युवक शामिल हैं या इसके पीछे किसी बड़े गिरोह अथवा संगठित नेटवर्क का हाथ है।लखनऊ में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि नियमित पुलिस चेकिंग के दौरान भी बड़े और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। अब सभी की नजर पुलिस और आयकर विभाग की आगे की जांच पर टिकी है, क्योंकि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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