रिपोर्ट: दीपचंद्र दीक्षित
फर्रुखाबाद क्रिकेट की दुनिया में नाम कमाने का सपना… टीम इंडिया की जर्सी पहनने की ख्वाहिश… लेकिन कम उम्र का जोश और एक छोटी-सी चूक तीन किशोरों को सैकड़ों किलोमीटर दूर मुंबई तक ले गई। फर्रुखाबाद के नवाबगंज से चार दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए तीनों किशोर शनिवार सुबह सकुशल घर लौट आए। पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। तीनों किशोर क्रिकेट टीम के ट्रायल में हिस्सा लेने का सपना लेकर बिना किसी को बताए मुंबई पहुंच गए थे, लेकिन आधार कार्ड न होने के कारण चयन प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हो सके। सपना टूटा तो अपनी गलती का एहसास हुआ और आखिरकार वे वापस घर लौट आए।तीनों किशोरों की सुरक्षित वापसी के बाद जहां परिजनों ने राहत की सांस ली, वहीं पूरे नवाबगंज क्षेत्र में खुशी का माहौल है। पिछले चार दिनों से जिस घटना ने पूरे जनपद की चिंता बढ़ा दी थी, उसका अंत सुखद रहा।जानकारी के अनुसार, नगर के बरतल रोड निवासी बृजेश कुमार शाक्य का 14 वर्षीय पुत्र अहम शाक्य, बाईपास मार्ग निवासी संजीव उर्फ संजू राजपूत का 15 वर्षीय पुत्र आयुष राजपूत और शिवराम शाक्य का 15 वर्षीय पुत्र सत्यम शाक्य मंगलवार दोपहर अचानक घर से बिना किसी को बताए निकल गए थे। देर शाम तक जब तीनों घर नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला तो नवाबगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। तीन अलग-अलग पुलिस टीमों के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया। आसपास के जिलों में सूचना भेजी गई, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और मोबाइल लोकेशन के जरिए भी बच्चों का पता लगाने का प्रयास किया गया। दूसरी ओर परिजन फर्रुखाबाद, कमालगंज, कानपुर, लखनऊ सहित कई शहरों में लगातार बच्चों की तलाश करते रहे।

शुक्रवार रात इस मामले में उस समय उम्मीद की किरण दिखाई दी, जब सत्यम ने अपने मित्र सौम्य राघव के इंस्टाग्राम अकाउंट पर कॉल किया। उसने बताया कि वह और उसके दोनों साथी सुरक्षित हैं, लेकिन डर की वजह से सीधे घरवालों से बात नहीं कर पा रहे हैं। इसके बाद ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री के मोबाइल फोन से उसने अपने बड़े भाई शिवम को कॉल कर अपनी लोकेशन बताई।भाई शिवम ने तुरंत उन्हें मथुरा जंक्शन पर उतरने की सलाह दी और खुद कार से वहां पहुंच गया। वहां से तीनों किशोरों को लेकर वह नवाबगंज पहुंचा। शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे तीनों को नवाबगंज थाने लाया गया, जहां पुलिस ने पूछताछ, मेडिकल परीक्षण और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया।पुलिस पूछताछ में तीनों किशोरों ने बताया कि उन्होंने इंटरनेट पर क्रिकेट टीम के चयन से जुड़ी एक वेबसाइट देखी थी। चयन की उम्मीद में उन्होंने आवेदन किया और अपनी पॉकेट मनी से बचाए गए लगभग आठ से दस हजार रुपये लेकर मुंबई के लिए रवाना हो गए। उनका विश्वास था कि ट्रायल में अच्छा प्रदर्शन कर वे क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बना लेंगे।मुंबई पहुंचने के बाद वे वानखेड़े स्टेडियम के पास स्थित एक संस्थान में ट्रायल देने पहुंचे। लेकिन वहां उनसे आधार कार्ड सहित अन्य पहचान पत्र मांगे गए। आवश्यक दस्तावेज न होने के कारण उन्हें चयन प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली। इसी के साथ उनका सपना अधूरा रह गया। तब उन्हें एहसास हुआ कि बिना परिवार को बताए इतना बड़ा कदम उठाना उनकी सबसे बड़ी गलती थी। इसके बाद उन्होंने घर लौटने का फैसला किया।नवाबगंज थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि तीनों किशोर क्रिकेट के प्रति बेहद उत्साहित थे और इसी जुनून में बिना किसी को बताए मुंबई चले गए थे। सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं। आवश्यक कार्रवाई के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।

चार दिनों तक पूरे जिले में चर्चा का विषय बने इस मामले ने एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है। आज के डिजिटल दौर में बच्चे इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए बड़े-बड़े सपने तो देख रहे हैं, लेकिन कई बार सही जानकारी और मार्गदर्शन के अभाव में गलत फैसले भी ले लेते हैं। ऐसे में अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे बच्चों के सपनों को समझें, उनसे खुलकर संवाद करें और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर भी नजर रखें, ताकि कोई भी बच्चा जल्दबाजी में ऐसा कदम न उठाए जिससे उसकी सुरक्षा खतरे में पड़ जाए।क्रिकेटर बनने का सपना देखना गलत नहीं, लेकिन उस सपने को पूरा करने का सही रास्ता और सही मार्गदर्शन ही सफलता की असली कुंजी है। नवाबगंज के इन तीन किशोरों की यह कहानी हर परिवार के लिए एक सीख बन गई है कि सपनों की उड़ान जरूरी है, लेकिन समझदारी और परिवार का साथ उससे भी ज्यादा जरूरी है।
or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

