गोरखपुर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से रविवार रात एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई जिसने छुट्टी मनाने आए एक पूरे परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल दीं। सुबह जिस परिवार ने हंसी-खुशी नौका विहार का कार्यक्रम बनाया था, वही परिवार रात होते-होते अपनों की लाश के सामने बिलखता नजर आया। रामगढ़ताल में दो बोटों की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में 20 वर्षीय युवक लखमुद्दीन की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार साल का मासूम, एक अन्य युवक और बोट चालक घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे रामगढ़ताल क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं और दोनों बोट चालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

खुशियों से शुरू हुआ सफर, दर्दनाक हादसे पर हुआ खत्म
कुशीनगर जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के अजीजनगर गांव निवासी कयामुद्दीन अंसारी अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ रविवार की छुट्टी मनाने गोरखपुर के प्रसिद्ध रामगढ़ताल पहुंचे थे। परिवार में महिलाएं, बच्चे और युवा शामिल थे। सभी ने नौका विहार का आनंद लेने के लिए टिकट लिया और लाइफ जैकेट पहनकर बोट पर सवार हुए।ताल का चक्कर लगाकर उनकी बोट प्लेटफॉर्म नंबर-5 की ओर लौट रही थी। तभी प्लेटफॉर्म नंबर-4 की दिशा से तेज रफ्तार में आ रही एक स्पीड बोट ने उनकी बोट में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लखमुद्दीन सीधे पानी में जा गिरे। मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और दूसरी नावों की मदद से उन्हें बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

आईटीआई में दाखिले का सपना अधूरा रह गया
मृतक लखमुद्दीन इंटरमीडिएट का छात्र था और आगे आईटीआई में दाखिला लेकर अपने पैरों पर खड़ा होने का सपना देख रहा था। परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। परिजनों का कहना है कि वह मेहनती और जिम्मेदार लड़का था, जो पढ़ाई पूरी कर घर की आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहता था।जैसे ही जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि की, वहां मौजूद परिवार के लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। कुछ देर पहले तक साथ घूम रहे लोग सदमे में थे। सूचना मिलते ही कुशीनगर स्थित घर में भी मातम छा गया और परिवार के अन्य सदस्य रातों-रात गोरखपुर के लिए रवाना हो गए।

मासूम समेत तीन लोग घायल
हादसे में कयामुद्दीन के कंधे में गंभीर चोट आई, उनके चार वर्षीय बेटे आमिर हमजा के सिर में चोट लगी, जबकि बोट चालक अभिषेक साहनी भी घायल हो गया। तीनों का जिला अस्पताल में इलाज कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक सभी की हालत अब खतरे से बाहर है।
स्पीड बोट की स्टंटबाजी बनी मौत की वजह?
रामगढ़ताल में स्पीड बोट चलाने वाले कुछ चालक लंबे समय से तेज रफ्तार और खतरनाक स्टंट के लिए चर्चा में रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल होने और ज्यादा व्यूज पाने की होड़ में कई चालक तेज गति से बोट दौड़ाते हुए खतरनाक करतब दिखाते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार चालक एक-दूसरे से आगे निकलने की प्रतिस्पर्धा में सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हैं। बोट को अचानक मोड़ना, दूसरी नावों के बेहद करीब ले जाना और पानी में ऊंची लहरें बनाना आम बात हो गई है। ऐसे स्टंट से पर्यटकों की जान हमेशा खतरे में रहती है। रविवार की घटना ने इन आशंकाओं को सच साबित कर दिया।
दोनों बोट चालकों पर FIR, एक चालक हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और विकास प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। कमिश्नर अनिल ढींगरा, डीआईजी डॉ. एस. चन्नप्पा, डीएम दीपक मीणा, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल और एसपी सिटी निमिष पाटिल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना।एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि मृतक के भाई सलाउद्दीन की तहरीर पर दोनों बोट चालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। एक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।

GDA का बड़ा एक्शन, तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
हादसे के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने भी सख्त रुख अपनाया है। उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है जिसकी अध्यक्षता ओएसडी प्रखर उत्तम करेंगे। समिति में इंजीनियरिंग और संपत्ति विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है।समिति को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसका बोट संचालन लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा।

अब सूर्यास्त के बाद नहीं होगी बोटिंग
हादसे के बाद प्रशासन ने रामगढ़ताल में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने का फैसला लिया है। जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने स्पष्ट किया कि अब सूर्यास्त के बाद किसी भी प्रकार की बोटिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा स्पीड लिमिट, नियमित निगरानी और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
सवालों के घेरे में पर्यटन सुरक्षा व्यवस्था
रामगढ़ताल गोरखपुर का प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां रोजाना हजारों पर्यटक परिवार और बच्चों के साथ नौका विहार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यह हादसा कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यदि स्पीड बोटों पर पहले से नियंत्रण होता, गति सीमा तय होती और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता, तो शायद एक युवा की जान बचाई जा सकती थी।यह हादसा सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता का भी आईना है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की जांच रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। साथ ही उम्मीद की जा रही है कि रामगढ़ताल में सुरक्षा के नए नियम केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर भी सख्ती से लागू हों, ताकि किसी दूसरे परिवार की खुशियां इस तरह मातम में न बदलें।
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