वॉशिंगटन अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जिसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ईरान से सामने आए एक कथित प्रचार वीडियो ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस वीडियो में अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और उनके बेटे बैरन ट्रंप को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है। वीडियो का शीर्षक ही इतना सनसनीखेज है कि उसने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया—“मेलानिया ट्रंप को कहां मारें?”वीडियो में मेलानिया ट्रंप की सार्वजनिक गतिविधियों, उनके काफिले, न्यूयॉर्क में उनकी आवाजाही और खरीदारी से जुड़ी जगहों को दिखाते हुए ऐसे संकेत दिए गए हैं जिन्हें अमेरिकी एजेंसियां गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में देख रही हैं। वीडियो के आखिर में बैरन ट्रंप के लिए भी धमकी भरा संदेश दिया गया है, जिससे ट्रंप परिवार की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
- ‘मेलानिया ट्रंप को कहां मारें?’ शीर्षक ने बढ़ाई सनसनी
- बैरन ट्रंप को भी मिली सीधी धमकी
- ट्रंप परिवार पहले से हाई सिक्योरिटी में
- तेहरान में लगे ‘खून के बदले खून’ वाले पोस्टर
- मेलानिया ने सार्वजनिक कार्यक्रमों से बनाई दूरी
- क्या ईरान की धमकी के कारण बदला गया राष्ट्रपति का विमान?
- ट्रंप ने पहले ही दे रखे हैं कड़े निर्देश
- क्या बढ़ सकता है अमेरिका-ईरान तनाव?
- दुनिया की नजर अब वॉशिंगटन और तेहरान पर
‘मेलानिया ट्रंप को कहां मारें?’ शीर्षक ने बढ़ाई सनसनी
कथित वीडियो में मेलानिया ट्रंप की कई तस्वीरों के साथ उनके काफिले, न्यूयॉर्क शहर की प्रमुख लोकेशन और उन डिजाइनर स्टोर्स का जिक्र किया गया है जहां वह अक्सर खरीदारी करती हैं।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वीडियो में दावा किया गया कि इन स्थानों और गतिविधियों का इस्तेमाल दुनिया भर के तथाकथित “स्वतंत्रता सेनानियों” द्वारा अभियान चलाने के लिए किया जा सकता है।वीडियो में कपड़ों को किसी जहरीले रासायनिक पदार्थ से संक्रमित करने जैसी बातें भी कही गई हैं, जिससे मानव तंत्रिका तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है। इस तरह की भाषा और संकेतों ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है।
बैरन ट्रंप को भी मिली सीधी धमकी
वीडियो के अंत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे बैरन ट्रंप का भी नाम लिया गया।
संदेश में कहा गया—
“यह तो सिर्फ शुरुआत है… बैरन ट्रंप, हमारा इंतजार करो।”
20 वर्षीय बैरन ट्रंप पहले से ही अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा में रहते हैं, लेकिन इस तरह की खुली धमकी के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

ट्रंप परिवार पहले से हाई सिक्योरिटी में
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार को दुनिया के सबसे सुरक्षित व्यक्तियों में गिना जाता है।
उनके सभी प्रमुख आवासों—
- व्हाइट हाउस
- न्यूयॉर्क स्थित ट्रंप टावर
- फ्लोरिडा का मार-ए-लागो एस्टेट
- बेडमिंस्टर गोल्फ क्लब
पर चौबीसों घंटे सीक्रेट सर्विस के विशेष सुरक्षा अधिकारी तैनात रहते हैं।इस नए वीडियो के सामने आने के बाद इन सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत किए जाने की चर्चा तेज हो गई है।

तेहरान में लगे ‘खून के बदले खून’ वाले पोस्टर
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के दौरान पिछले सप्ताह तेहरान की कई प्रमुख सड़कों पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए।इन पोस्टरों में ट्रंप परिवार के लगभग सभी सदस्यों के नाम लिखे गए थे।
इनमें शामिल थे—
- मेलानिया ट्रंप
- डॉन जूनियर
- इवांका ट्रंप
- एरिक ट्रंप
- टिफनी ट्रंप
- बैरन ट्रंप
पोस्टरों पर लिखा था—
“खून के बदले खून।”
इन पोस्टरों ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया था। अब वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर माना जा रहा है।
मेलानिया ने सार्वजनिक कार्यक्रमों से बनाई दूरी
हाल के दिनों में मेलानिया ट्रंप सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपेक्षाकृत कम नजर आई हैं।वह इस महीने आयोजित कई बड़े सरकारी कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुईं।व्हाइट हाउस प्रेस कॉन्फ्रेंस के रात्रिभोज में भी उनकी अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी थी।हालांकि उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि उनके कार्यक्रम पहले से तय थे और सुरक्षा कारणों से अनुपस्थिति की अटकलें लगाना उचित नहीं होगा।फिर भी वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा कारणों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

क्या ईरान की धमकी के कारण बदला गया राष्ट्रपति का विमान?
हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप नाटो सम्मेलन में भाग लेने के लिए तुर्किये गए थे।रिपोर्टों के अनुसार वापसी के दौरान उन्होंने नया एयर फोर्स वन विमान छोड़कर पुराने विमान से यात्रा की।बताया गया कि यह फैसला संभावित सुरक्षा खतरे को देखते हुए लिया गया।हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने इस पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की, लेकिन मीडिया रिपोर्टों में इसे ईरान से मिली धमकियों से जोड़कर देखा गया।
ट्रंप ने पहले ही दे रखे हैं कड़े निर्देश
राष्ट्रपति ट्रंप पहले भी स्वीकार कर चुके हैं कि वह ईरान के निशाने पर हैं।उन्होंने कहा था कि यदि उनके खिलाफ किसी तरह की साजिश सफल होती है तो अमेरिका बेहद कड़ा जवाब देगा।ट्रंप के अनुसार उन्होंने पहले ही निर्देश दे दिए हैं कि ऐसी स्थिति में जवाबी कार्रवाई अभूतपूर्व स्तर की होगी।उनके इस बयान को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में काफी चर्चा हुई थी।
क्या बढ़ सकता है अमेरिका-ईरान तनाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के वीडियो और धमकी भरे प्रचार अभियान जारी रहते हैं तो दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और गहरा सकता है।अमेरिका पहले ही ईरान समर्थित संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।ऐसे मामलों में यदि किसी भी प्रकार का सुरक्षा उल्लंघन होता है तो उसके गंभीर कूटनीतिक और सामरिक परिणाम सामने आ सकते हैं।
दुनिया की नजर अब वॉशिंगटन और तेहरान पर
यह मामला केवल एक प्रचार वीडियो तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) और प्रचार अभियान का हिस्सा भी बताया जा रहा है।हालांकि अभी तक अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस वीडियो पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं।दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि क्या यह सिर्फ ऑनलाइन प्रचार है या इसके पीछे किसी बड़े सुरक्षा खतरे की आशंका भी छिपी हुई है।
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