नई दिल्ली भारत ने शनिवार, 15 अगस्त को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार देशवासियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री का संबोधन करीब 76 मिनट तक चला, जिसमें उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, महिला सशक्तिकरण, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा क्षेत्र, शिक्षा, खेल और आर्थिक विकास समेत कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।प्रधानमंत्री ने ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से पहले स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन किया। इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी समेत उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी, जिनके त्याग और बलिदान से देश को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि अब देश को छोटे सपनों से आगे बढ़कर बड़े लक्ष्य तय करने होंगे।
- 2047 तक विकसित भारत का संकल्प
- 12 वर्षों में देश ने पकड़ी विकास की रफ्तार
- आत्मनिर्भर भारत पर जोर
- भारत में शुरू हुए सेमीकंडक्टर प्लांट
- 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
- सप्तधारा से विकास को नई गति देने का आह्वान
- युवाओं के लिए AI स्किलिंग का बड़ा लक्ष्य
- मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क
- खेलों में भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने का लक्ष्य
- महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर राजनीतिक दलों से अपील
- नागरिक रक्षा का बड़ा नेटवर्क बनाने का ऐलान
- नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई का जिक्र
- जनगणना में युवाओं से भागीदारी की अपील
- बच्चों से मिले पीएम मोदी, टोपी उठाकर पहनाई
- पहली बार लाल किले पर गूंजा वंदे मातरम
- पीएम मोदी का संदेश: समय हमारा, अवसर हमारा, संकल्प हमारा

2047 तक विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत के पास आज अपनी क्षमता और सामर्थ्य के दम पर दुनिया में नई पहचान बनाने का अवसर है। देश के 140 करोड़ लोगों की शक्ति और संकल्प से विकसित भारत का सपना पूरा किया जा सकता है।पीएम मोदी ने कहा कि बड़े सपने हमारी सोच का दायरा बढ़ाते हैं और मजबूत संकल्प कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की ताकत देता है। उन्होंने देशवासियों से विकास की गति को और तेज करने तथा आने वाले वर्षों में नए लक्ष्यों को हासिल करने का आह्वान किया।

12 वर्षों में देश ने पकड़ी विकास की रफ्तार
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में पिछले 12 वर्षों में देश में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने कई क्षेत्रों में तेजी से प्रगति की है। उन्होंने रक्षा उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन, रेलवे, डिजिटल लेनदेन और इंटरनेट के विस्तार को भारत की बदलती तस्वीर से जोड़ा।पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब दुनिया की तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों के परिश्रम और सामर्थ्य ने भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

आत्मनिर्भर भारत पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत को भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और अलग-अलग संकटों के बीच देश के लिए जरूरी है कि वह महत्वपूर्ण संसाधनों और तकनीक के मामले में दूसरे देशों पर अत्यधिक निर्भर न रहे।उन्होंने पेट्रोल, डीजल, उर्वरक, दवाइयों और तकनीक जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता का मंत्र देश को भविष्य की चुनौतियों से मुकाबला करने में मदद करेगा।पीएम मोदी ने वोकल फॉर लोकल का भी उल्लेख किया और कहा कि भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में गुणवत्ता के आधार पर अपनी पहचान बनानी होगी।

भारत में शुरू हुए सेमीकंडक्टर प्लांट
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर निर्माण को भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए कहा कि देश अब इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में वर्तमान में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट हैं और आने वाले वर्षों में पांच और प्लांट शुरू किए जाने की दिशा में काम होगा।पीएम मोदी ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में चिप और सेमीकंडक्टर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। इसलिए भारत को इस क्षेत्र में मजबूत उत्पादन क्षमता विकसित करनी होगी।
2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री ने बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा की क्षमता हासिल करने के लक्ष्य पर आगे बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई, डेटा सेंटर और आधुनिक तकनीक के विस्तार के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी। ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा भारत की प्राथमिकताओं में शामिल रहनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने पांच न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया।
सप्तधारा से विकास को नई गति देने का आह्वान
प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से शक्ति की सप्तधारा का आह्वान किया। उन्होंने उत्पादन, तकनीक और नवाचार, गतिशक्ति, रक्षा शक्ति, ऊर्जा शक्ति और भारत की सॉफ्ट पावर समेत विभिन्न क्षेत्रों को विकास की नई दिशा से जोड़ा।उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण केंद्र बनना होगा। डिजाइन से लेकर उत्पादन तक पूरी वैल्यू चेन में भारत की मजबूत भागीदारी होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने भारतीय उत्पादों में गुणवत्ता और वैश्विक मानकों पर विशेष जोर दिया।
युवाओं के लिए AI स्किलिंग का बड़ा लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बड़ा लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ लोगों को एआई कौशल देने के लिए काम किया जाएगा।पीएम मोदी ने युवाओं से कहा कि वे बड़े सपने लेकर आगे आएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश में युवाओं के लिए संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और खेलो इंडिया जैसी पहलों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क
प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं और कोचिंग की बढ़ती प्रतिस्पर्धा का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार छात्रों के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क खड़ा करने की दिशा में काम करेगी।उन्होंने कहा कि शिक्षा और अवसर तक पहुंच केवल आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। युवाओं को बेहतर अवसर देना विकसित भारत की नींव मजबूत करने के लिए जरूरी है।
खेलों में भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने खेलों के क्षेत्र में भारत की बढ़ती उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई पोडियम पर भारत का राष्ट्रगान सुनाई देता है।उन्होंने 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का उल्लेख किया। पीएम मोदी ने 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभाओं की पहचान करने के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल प्रतिभा खोज अभियान चलाने की बात कही।
महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर राजनीतिक दलों से अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सशक्तिकरण को भी अपने भाषण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिलाओं के सामर्थ्य को मजबूत करने और उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की अपील की।उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलने से देश के विकास में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।
नागरिक रक्षा का बड़ा नेटवर्क बनाने का ऐलान
देश की सुरक्षा पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने देश में आधुनिक सिविल डिफेंस नेटवर्क तैयार करने की घोषणा की और कहा कि इसमें युवाओं की बड़ी भूमिका होगी।उन्होंने कहा कि सुरक्षा की चुनौती केवल सीमा तक सीमित नहीं है। ऊर्जा, बैंकिंग, रिफाइनरी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा भी जरूरी है।
नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई का जिक्र
प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद और माओवाद के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में देश आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने ऐसी विचारधाराओं के खिलाफ भी सतर्क रहने की बात कही, जो हिंसा को बढ़ावा देती हैं।पीएम मोदी ने कहा कि जिन इलाकों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां अब विकास और विश्वास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।
जनगणना में युवाओं से भागीदारी की अपील
प्रधानमंत्री ने देश में चल रहे जनगणना कार्य का उल्लेख करते हुए युवाओं से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि सही और सटीक जानकारी से बेहतर योजनाएं बनाने में मदद मिलती है।उन्होंने युवाओं से परिवार की जानकारी डिजिटल तरीके से सही-सही दर्ज कराने और देश की विकास योजनाओं को मजबूत बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
बच्चों से मिले पीएम मोदी, टोपी उठाकर पहनाई
प्रधानमंत्री के संबोधन और स्वतंत्रता दिवस समारोह के औपचारिक कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी बच्चों से भी मिले। इस दौरान एक भावुक दृश्य देखने को मिला। एक छात्रा प्रधानमंत्री के पैर छूने के लिए झुकी तो उसके सिर से टोपी गिर गई। प्रधानमंत्री ने जमीन से टोपी उठाई और बच्ची के सिर पर दोबारा पहना दी।इस दौरान बच्चों में प्रधानमंत्री से मिलने को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
पहली बार लाल किले पर गूंजा वंदे मातरम
इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने को भी विशेष महत्व दिया गया। समारोह में पहली बार राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के पूरे छह पद गाए जाने की बात सामने आई।लाल किले को तिरंगे के रंगों वाले फूलों से सजाया गया था। समारोह में देश के अलग-अलग हिस्सों और वर्गों से आए लोगों के साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी शामिल हुए।
पीएम मोदी का संदेश: समय हमारा, अवसर हमारा, संकल्प हमारा
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब समय भारत का है, अवसर भारत का है और संकल्प भी भारत का होना चाहिए।प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को सपनों को संकल्प में, संकल्प को सामर्थ्य में और सामर्थ्य को सफलता में बदलना होगा। उन्होंने देशवासियों से कदम से कदम और मन से मन मिलाकर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने का आह्वान किया।
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