लखनऊ स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभर में जहां लोग आजादी का जश्न मना रहे हैं, वहीं आंखों की देखभाल और विजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लेंसकार्ट ने एक खास पहल शुरू की है। कंपनी 15 और 16 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस वीकेंड के दौरान अपने वर्चुअल रन इवेंट ‘दृष्टि की दौड़-रन फॉर विज़न’ का आयोजन कर रही है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को फिटनेस के साथ सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना है।इस पहल के तहत लेंसकार्ट ऐप पर हिस्सा लेने वाले यूजर्स के कदमों को सामाजिक योगदान से जोड़ा गया है। प्रतिभागी जितने अधिक कदम पूरे करेंगे, लेंसकार्ट फाउंडेशन की ओर से जरूरतमंद लोगों के लिए उतनी अधिक संख्या में चश्मे दान किए जाएंगे। कंपनी के अनुसार, इस अभियान के जरिए रोजमर्रा की फिटनेस को एक बड़े सामाजिक उद्देश्य से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
20 हजार कदम पूरे करने पर दान होगा एक जोड़ी चश्मा
‘दृष्टि की दौड़’ में हिस्सा लेने के लिए यूजर्स को लेंसकार्ट ऐप के जरिए अपने कदमों को ट्रैक करना होगा। अभियान के दौरान कदमों की संख्या के आधार पर चश्मों का दान तय किया जाएगा।
- 20,000 कदम पूरे करने पर 1 जोड़ी चश्मा
- 30,000 कदम पूरे करने पर 2 जोड़ी चश्मे
- 40,000 कदम पूरे करने पर 3 जोड़ी चश्मे
- 50,000 कदम पूरे करने पर 4 जोड़ी चश्मे
इस तरह एक प्रतिभागी अधिकतम चार जोड़ी चश्मों के दान में योगदान दे सकता है। कंपनी के मुताबिक, इस पूरी पहल के तहत किया जाने वाला दान उसकी गैर-लाभकारी शाखा लेंसकार्ट फाउंडेशन के माध्यम से किया जाएगा।
लेंसकार्ट ऐप से ऐसे जुड़ सकेंगे यूजर्स
इस वर्चुअल रन में शामिल होना भी काफी आसान रखा गया है। इसके लिए यूजर्स को अपने फोन में लेंसकार्ट ऐप खोलना होगा। ऐप के होम पेज पर दिखाई देने वाले ‘दृष्टि की दौड़’ बैनर पर टैप करके यूजर अभियान में शामिल हो सकते हैं। इसके बाद दिए गए निर्देशों के अनुसार अपने फोन में मौजूद किसी भी हेल्थ ऐप को लेंसकार्ट ऐप से सिंक किया जा सकता है।इसके बाद यूजर अपने रोजाना के कदमों को इस अभियान के तहत ट्रैक कर सकेंगे। यानी इसके लिए किसी एक स्थान पर पहुंचकर दौड़ में शामिल होने की जरूरत नहीं होगी। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद लोग अपने-अपने स्थान से इस वर्चुअल रन का हिस्सा बन सकते हैं।

फिटनेस के साथ सामाजिक बदलाव का संदेश
लेंसकार्ट का यह अभियान केवल कदम पूरे करने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए कंपनी लोगों को यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि रोजमर्रा की छोटी-सी आदत भी बड़े सामाजिक बदलाव का हिस्सा बन सकती है। पैदल चलना और फिट रहना जहां व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है, वहीं इसी गतिविधि के जरिए जरूरतमंद लोगों के लिए चश्मे उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।कंपनी के अनुसार, भारत में बड़ी संख्या में लोग विजन केयर का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में आंखों की जांच, सही विजन और चश्मे की उपलब्धता को लेकर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। लेंसकार्ट फाउंडेशन के माध्यम से कंपनी विजन केयर को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।
पीयूष बंसल बोले- आई केयर की पहुंच बढ़ाना जरूरी
इस पहल को लेकर लेंसकार्ट के सीईओ और फाउंडर पीयूष बंसल ने कहा कि भारत में आई-केयर के भविष्य के लिए जागरूकता बढ़ाना और इसकी पहुंच को बेहतर बनाना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि लेंसकार्ट फाउंडेशन के माध्यम से कंपनी ऐसा भारत बनाने की दिशा में काम कर रही है, जहां हर व्यक्ति को बेहतर आंखों की देखभाल मिल सके।उन्होंने ‘दृष्टि की दौड़’ को इसी सोच का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह अभियान रोजमर्रा की एक आदत को सामूहिक योगदान में बदलता है। उनका कहना है कि देशभर के लोगों की भागीदारी से इस पहल को बड़े स्तर पर सामाजिक बदलाव के प्रयास में बदला जा सकता है।
प्रतिभागियों को मिलेगा डिजिटल फिनिशर फ्रेम
इस अभियान में हिस्सा लेने वाले लोगों के लिए लेंसकार्ट ने एक खास डिजिटल रिवॉर्ड भी रखा है। चैलेंज पूरा करने वाले प्रतिभागी पर्सनलाइज्ड डिजिटल फिनिशर फ्रेम डाउनलोड कर सकेंगे। इसे वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर सकते हैं।इसके अलावा अभियान में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों का नाम लेंसकार्ट फाउंडेशन के पेज पर दर्ज किए जाने की भी जानकारी दी गई है। इससे प्रतिभागियों को अपने फिटनेस प्रयास को एक सामाजिक पहल से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
‘रन फॉर फ्रेम’ की सफलता के बाद नई पहल
लेंसकार्ट का ‘दृष्टि की दौड़’ अभियान उसके पिछले ‘रन फॉर फ्रेम’ अभियान पर आधारित है। कंपनी के मुताबिक, इस पहल में भारत, थाईलैंड और सिंगापुर से करीब 10 लाख प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। प्रतिभागियों ने लेंसकार्ट ऐप के जरिए एक साथ गतिविधि में भाग लिया और अलग-अलग रिवॉर्ड अनलॉक किए थे।अब स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कंपनी ने इसी विचार को सामाजिक प्रभाव के साथ जोड़ते हुए ‘रन फॉर विज़न’ की शुरुआत की है। इसका मकसद फिटनेस, तकनीक और सामाजिक जिम्मेदारी को एक मंच पर लाना है।
स्वतंत्रता दिवस पर सामाजिक सरोकार से जुड़ी पहल
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुरू की गई यह पहल देशभर के लोगों को एक साझा उद्देश्य से जोड़ने की कोशिश है। ‘दृष्टि की दौड़-रन फॉर विज़न’ के जरिए प्रतिभागी अपने कदमों को जरूरतमंद लोगों की मदद से जोड़ सकते हैं। कंपनी का कहना है कि अभियान का मूल विचार यही है कि व्यक्तिगत प्रयास जब सामूहिक रूप लेते हैं तो उनका प्रभाव कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है।
read on:https://news7hindi.com/pm-kharge-countered-on-modis-speech-said/
or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

