सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विशेष अभियान चलाया। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत जिले के अलग-अलग बाजारों और प्रमुख चौराहों से दूध, पनीर, खोया, घी, मक्खन, आइसक्रीम समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है।अभियान का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट और घटिया गुणवत्ता पर प्रभावी नियंत्रण करना है। विभाग की टीम ने खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों का पालन करने की अपील भी की और उन्हें खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के संबंध में जागरूक किया।
- सहायक आयुक्त खाद्य के नेतृत्व में चला अभियान
- बांसी बाजार से दूध, खोया और पनीर के नमूने
- डुमरियागंज और शोहरतगढ़ में भी कार्रवाई
- इटवा में दूध, पनीर और आइसकैंडी की जांच
- नौगढ़ के कई क्षेत्रों से लिए गए नमूने
- जोगिया उदयपुर और लुंबिनी रोड से भी नमूने
- रिपोर्ट आने के बाद होगी नियमानुसार कार्रवाई
- दूध और दुग्ध उत्पादों पर विशेष नजर
- खाद्य कारोबारियों को किया गया जागरूक
- इन अधिकारियों की रही प्रमुख भूमिका
सहायक आयुक्त खाद्य के नेतृत्व में चला अभियान
सिद्धार्थनगर में चलाए गए विशेष अभियान का नेतृत्व सहायक आयुक्त (खाद्य)-II आर.एल. यादव ने किया। उनके नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की सचल टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए।विभागीय टीम ने बांसी, डुमरियागंज, शोहरतगढ़, इटवा, नौगढ़, तेतरी बाजार और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में दुकानों और खाद्य कारोबार प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दूध एवं दुग्ध उत्पादों के साथ-साथ अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए गए।

बांसी बाजार से दूध, खोया और पनीर के नमूने
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बांसी बाजार में अभियान चलाते हुए कुल कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। यहां से 7 दूध, 2 खोया, 2 पनीर, 2 घी और 2 आइसक्रीम के नमूने संग्रहित किए गए।दूध और उससे बने उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर विभाग विशेष रूप से सतर्क है। यही वजह है कि अभियान के दौरान अलग-अलग दुकानों से नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला जांच कराने की प्रक्रिया अपनाई गई है।
डुमरियागंज और शोहरतगढ़ में भी कार्रवाई
डुमरियागंज बाजार से खाद्य सुरक्षा टीम ने 1 दूध, 1 पनीर और 1 खोया का नमूना लिया। इसके बाद टीम तुलसियापुर चौराहा, शोहरतगढ़ पहुंची। यहां से दूध के अलावा सूखे मेवों के भी नमूने लिए गए। टीम ने 2 काजू, 1 अखरोट और 1 बादाम का नमूना जांच के लिए संग्रहित किया।विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में भी सतर्कता बढ़ी है। अधिकारियों ने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जागरूक किया।

इटवा में दूध, पनीर और आइसकैंडी की जांच
विशेष अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने इटवा में भी नमूना संग्रह किया। यहां से 4 दूध, 1 पनीर और 3 आइसकैंडी के नमूने लिए गए।इसके अलावा साड़ी चौराहा, नौगढ़ से 1 घी, 1 मिल्क क्रीम, 1 बटर और 1 चॉकलेट सीरप का नमूना लिया गया। वहीं तेतरी बाजार से 1 घी और 1 सरबत का नमूना संग्रहित किया गया।

नौगढ़ के कई क्षेत्रों से लिए गए नमूने
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने हैडिल तिराहा से 2 दूध के नमूने लिए। इसके बाद उसका रोड से 1 दूध और 1 घी का नमूना संग्रहित किया गया।पकड़ी, नौगढ़ से भी टीम ने 1 दूध और 1 घी का नमूना लिया। वहीं भीमापार, नौगढ़ से 1 दूध, 1 पनीर, 1 चॉकलेट सीरप और 1 बटर का नमूना जांच के लिए भेजा गया।इस तरह जिले के अलग-अलग बाजारों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने जुटाए।
जोगिया उदयपुर और लुंबिनी रोड से भी नमूने
अभियान के दौरान जोगिया उदयपुर से 3 आइसकैंडी के नमूने लिए गए। इसके बाद खाद्य सुरक्षा टीम लुंबिनी रोड, तेतरी बाजार पहुंची। यहां से 2 दूध, 1 पनीर और 1 आइसक्रीम का नमूना संग्रहित किया गया।विभाग के अनुसार सभी नमूनों को नियमानुसार जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अब प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
रिपोर्ट आने के बाद होगी नियमानुसार कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी नमूने में मिलावट, गुणवत्ता में कमी या निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।विभाग की इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। अभियान के दौरान दुकानदारों और अन्य खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों के सुरक्षित रखरखाव, गुणवत्ता और स्वच्छता से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई।
दूध और दुग्ध उत्पादों पर विशेष नजर
गौरतलब है कि दूध, पनीर, खोया, घी, मक्खन और आइसक्रीम जैसे दुग्ध उत्पाद सीधे तौर पर बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के दैनिक खानपान का हिस्सा हैं। ऐसे में इनकी गुणवत्ता की नियमित जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है।सिद्धार्थनगर में चलाया जा रहा यह विशेष अभियान इसी दिशा में विभाग की कार्रवाई का हिस्सा है। अधिकारियों की ओर से खाद्य कारोबारियों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित मानकों का पालन करें और उपभोक्ताओं की सेहत से किसी प्रकार का समझौता न करें।
खाद्य कारोबारियों को किया गया जागरूक
नमूना संग्रह के साथ-साथ विभागीय टीम ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के नियमों की जानकारी दी। कारोबारियों से कहा गया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ साफ-सफाई और सुरक्षित भंडारण का भी विशेष ध्यान रखा जाए।अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। विभाग आने वाले समय में भी इस तरह के निरीक्षण और नमूना संग्रह अभियान जारी रख सकता है।
इन अधिकारियों की रही प्रमुख भूमिका
विशेष अभियान में आर.एल. यादव, सहायक आयुक्त (खाद्य)-II, के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी हीरा लाल, नीरज कुमार चौधरी और रंजन कुमार श्रीवास्तव शामिल रहे।टीम ने जिले के विभिन्न बाजारों में पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच के लिए नमूने एकत्र किए और उन्हें प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया पूरी की।सिद्धार्थनगर में दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर चलाया गया यह विशेष अभियान उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक के अनुरूप खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बांसी से लेकर डुमरियागंज, शोहरतगढ़, इटवा, नौगढ़ और तेतरी बाजार तक कई स्थानों से दूध, पनीर, खोया, घी, मक्खन, आइसक्रीम और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं। अब इन नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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