रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित
कायमगंज/ फर्रुखाबाद सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को कायमगंज क्षेत्र पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। सुबह से ही नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजते रहे। भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े रहे। पुरुषों के साथ महिलाओं, युवतियों और बालिकाओं ने भी कांवड़ यात्राओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।सावन के अंतिम सोमवार के चलते क्षेत्र के प्रमुख शिवालयों में सुबह से देर शाम तक पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलता रहा। गंगा घाटों से गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों ने विभिन्न शिव मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का अभिषेक किया। कांवड़ यात्राओं के दौरान बजते शिवभक्ति गीतों और गूंजते जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय नजर आया।
सोनसर्वा और शिवाला मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
नगर सीमा से सटे मुड़ौल गांव स्थित महाभारतकालीन ऐतिहासिक सोनसर्वा मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।=इसी तरह शिवाला मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिरों में दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। लाल कुआं, पृथ्वी दरवाजा, फूलमती मंदिर और बड़ी देवी मंदिर सहित क्षेत्र के अन्य शिवालयों में भी दिनभर धार्मिक अनुष्ठान होते रहे।कई श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को बेलपत्र, पुष्प और फल अर्पित किए। मंदिरों में घंटियों की आवाज और शिवभक्तों के जयकारों से वातावरण आध्यात्मिक बना रहा।

रामेश्वरनाथ मंदिर में हुआ विशेष अभिषेक
कंपिल स्थित पौराणिक रामेश्वरनाथ मंदिर में भी सावन के अंतिम सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक किया। इसके बाद भांग, धतूरा, बेलपत्र, फल और पुष्प अर्पित कर पूजा की गई।कई श्रद्धालुओं ने मंदिर में रुद्राभिषेक भी कराया। सुबह से ही मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियां चलती रहीं। दूर-दराज से पहुंचे भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
अटैना घाट से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़िए
सावन के अंतिम सोमवार पर अटैना घाट से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों के जत्थे लगातार शिवालयों की ओर बढ़ते नजर आए। कांवड़िए भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए मंदिरों तक पहुंचे और गंगाजल अर्पित कर जलाभिषेक किया।कांवड़ यात्राओं के दौरान डीजे पर बज रहे शिवभक्ति गीतों ने माहौल को और भक्तिमय बना दिया। युवा शिवभक्त नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुए। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत भी किया।
51 बाल कांवड़ियों की यात्रा बनी आकर्षण
सावन के अंतिम सोमवार पर विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी के तत्वावधान में 51 बाल कांवड़ियों की विशेष कांवड़ यात्रा निकाली गई। यह यात्रा फूलमती मंदिर से शुरू हुई।कांवड़ यात्रा बजरिया, पुल गालिब, पटवन गली, मुख्य चौराहा और गंगा दरवाजा होते हुए पौराणिक सोनसर्वा मंदिर पहुंची। यात्रा में गरिमा, गौरी, निधि, विधि समेत कई बालिकाओं ने उत्साह के साथ कांवड़ लेकर हिस्सा लिया।सोनसर्वा मंदिर पहुंचने के बाद सभी बाल कांवड़ियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की।बाल कांवड़ियों की यह यात्रा स्थानीय लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया और धार्मिक वातावरण में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
40 सजे ई-रिक्शा के साथ निकली कांवड़ यात्रा
मोहल्ला सधवाड़ा से रावण दहन कमेटी के बैनर तले भी भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। अटैना घाट से गंगाजल लेकर कांवड़िए सोनसर्वा मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।इस यात्रा में करीब 40 सजे-धजे ई-रिक्शा आकर्षण का केंद्र रहे। ई-रिक्शा को धार्मिक स्वरूप में सजाया गया था। डीजे पर बज रहे शिवभक्ति गीतों के बीच शिवभक्त पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए।कांवड़ यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने शिवभक्तों का स्वागत किया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का अभिनंदन किया गया। इससे यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह और बढ़ गया।
नगरवासियों ने किया कांवड़ यात्राओं का स्वागत
कायमगंज में निकली दोनों प्रमुख कांवड़ यात्राओं का नगरवासियों ने विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया। लोगों ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की और धार्मिक यात्रा में अपनी भागीदारी निभाई।यात्राओं के मार्ग में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कांवड़ यात्राएं निर्धारित मार्गों से होकर मंदिरों तक पहुंचीं। किसी तरह की अप्रिय स्थिति न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी गई।
सुबह से देर शाम तक गूंजता रहा हर-हर महादेव
सावन के अंतिम सोमवार पर कायमगंज का धार्मिक माहौल देखते ही बन रहा था। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी, जो देर शाम तक जारी रही। कहीं जलाभिषेक हो रहा था तो कहीं रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया।कांवड़ियों के जत्थों, मंदिरों में उमड़ी भीड़ और शिवभक्ति के जयकारों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं और बच्चों ने भी पूजा-अर्चना में उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
सावन के अंतिम सोमवार पर दिखी आस्था की तस्वीर
सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को कायमगंज में धार्मिक आस्था और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। सोनसर्वा मंदिर से लेकर कंपिल के रामेश्वरनाथ मंदिर और नगर के अन्य शिवालयों तक श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।51 बाल कांवड़ियों की यात्रा और 40 सजे-धजे ई-रिक्शा वाली कांवड़ यात्रा ने आयोजन को खास बना दिया। नगरवासियों ने भी जगह-जगह कांवड़ियों का स्वागत कर धार्मिक उत्सव में सहभागिता की। पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच सावन का अंतिम सोमवार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
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