Lucknow Food Festival: गोल्डन ट्यूलिप में शुरू हुआ ‘दक्षिण फ्लेवर्स’

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लखनऊ अगर आप साउथ इंडियन खाने के शौकीन हैं और इडली-डोसा से आगे दक्षिण भारत के पारंपरिक और कोस्टल फ्लेवर्स का स्वाद लेना चाहते हैं, तो लखनऊ में आपके लिए खास मौका है। शहर के गोल्डन ट्यूलिप होटल में आज से विशेष साउथ इंडियन फूड फेस्टिवल ‘दक्षिण फ्लेवर्स’ की शुरुआत हो गई है। यह फूड फेस्टिवल 8 सितंबर 2026 तक चलेगा। आयोजन में मेहमानों को दक्षिण भारत की समृद्ध पाक परंपरा, पारंपरिक मसालों और कोस्टल किचन के प्रामाणिक स्वादों का अनुभव कराया जा रहा है।

‘दक्षिण फ्लेवर्स’ में दिखेगा दक्षिण भारत के स्वादों का रंग

गोल्डन ट्यूलिप होटल लखनऊ में आयोजित ‘दक्षिण फ्लेवर्स – कोस्टल किचन के जादू को फिर से जीवंत करते हुए’ फूड फेस्टिवल में दक्षिण भारतीय व्यंजनों की विविधता को खास अंदाज में पेश किया जा रहा है।आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पारंपरिक रेसिपीज और आधुनिक प्रस्तुति का मेल देखने को मिल रहा है। ताजी सामग्री, पारंपरिक मसालों और चुनिंदा पाक तकनीकों के इस्तेमाल से तैयार किए गए व्यंजनों के जरिए मेहमानों को दक्षिण भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के स्वादों से रूबरू कराने की कोशिश की गई है।खास तौर पर आंध्र प्रदेश की पाक विरासत और कोस्टल किचन को फूड फेस्टिवल का प्रमुख आकर्षण बनाया गया है।

मटन चूका से पथरानी फिश तक, ये डिशेज बनीं आकर्षण

फूड फेस्टिवल में तैयार किया गया मेन्यू खाने के शौकीनों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसमें दक्षिण भारतीय और आंध्रा शैली के कई पारंपरिक व्यंजनों को शामिल किया गया है।मेन्यू में मटन चूका बोनलेस, गुट्टू वंकाया कूरा, पथरानी फिश, आंध्रा कोडी पुलाव, फोलेहरा राइस और वेज हावले जैसी सिग्नेचर डिशेज शामिल हैं।इन व्यंजनों को पारंपरिक मसालों और ताजी सामग्री के साथ तैयार किया जा रहा है। खास बात यह है कि व्यंजनों के मूल स्वाद और पारंपरिक पहचान को बरकरार रखते हुए उनकी प्रस्तुति को आधुनिक अंदाज दिया गया है।फूड फेस्टिवल में आने वाले मेहमानों को एक ही जगह पर अलग-अलग तरह के दक्षिण भारतीय फ्लेवर्स का अनुभव मिल रहा है।

आंध्रा की पारंपरिक पाक विरासत पर खास फोकस

‘दक्षिण फ्लेवर्स’ की थीम में आंध्रा की पारंपरिक पाक विरासत को विशेष स्थान दिया गया है। आंध्र शैली के व्यंजनों में मसालों का संतुलन और अलग तरह के फ्लेवर उनकी खास पहचान माने जाते हैं।फेस्टिवल के मेन्यू में इन्हीं पारंपरिक स्वादों को प्रमुखता दी गई है। कोस्टल किचन के व्यंजनों में ताजी सामग्री और मसालों के संयोजन के साथ ऐसे स्वाद पेश किए जा रहे हैं, जो दक्षिण भारत की खान-पान की संस्कृति को दर्शाते हैं।आयोजकों के मुताबिक, कोशिश यही है कि मेहमान सिर्फ खाना न खाएं, बल्कि हर डिश के जरिए दक्षिण भारत की पाक संस्कृति को महसूस कर सकें।

होटल के GM अमित सिंह चौहान ने बताई आयोजन की खासियत

गोल्डन ट्यूलिप लखनऊ के जनरल मैनेजर अमित सिंह चौहान ने कहा कि ‘दक्षिण फ्लेवर्स’ का उद्देश्य दक्षिण भारतीय और कोस्टल किचन की समृद्ध पाक विरासत को उसके प्रामाणिक स्वाद और पारंपरिक पहचान के साथ मेहमानों तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि मेन्यू में ऐसे व्यंजनों को शामिल किया गया है, जो अपने स्वाद, मसालों और पारंपरिक तैयार करने की शैली के लिए विशेष पहचान रखते हैं।उनके मुताबिक, इस फूड फेस्टिवल के जरिए मेहमानों को स्वाद के साथ दक्षिण भारत की पाक संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

F&B मैनेजर बोले- एक ही जगह मिलेगा कई फ्लेवर्स का अनुभव

होटल के फूड एंड बेवरेज मैनेजर राजा राम कुमार ने कहा कि ‘दक्षिण फ्लेवर्स’ के जरिए मेहमानों को एक ही स्थान पर साउथ इंडियन फ्लेवर्स की विविधता का आनंद लेने का मौका मिल रहा है।उन्होंने बताया कि मेन्यू तैयार करते समय अलग-अलग स्वाद, टेक्सचर और पाक शैलियों के बीच संतुलन रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है।उनके अनुसार, सिग्नेचर डिशेज को लेकर मेहमानों की रुचि और मिल रही सराहना फूड फेस्टिवल को खास बना रही है।

शेफ सीताराम मुलु ने बताया कैसे तैयार हुआ मेन्यू

फूड फेस्टिवल के शेफ सीताराम मुलु के मुताबिक, ‘दक्षिण फ्लेवर्स’ के लिए मेन्यू तैयार करते समय सबसे ज्यादा ध्यान व्यंजनों के प्रामाणिक स्वाद और पारंपरिक रेसिपीज को बनाए रखने पर दिया गया है।उन्होंने बताया कि प्रत्येक डिश में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और मसालों का संतुलन इस तरह रखा गया है कि उसका मूल स्वाद और पहचान बरकरार रहे। पारंपरिक कुकिंग तकनीकों के साथ ताजी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, ताकि मेहमानों को दक्षिण भारतीय व्यंजनों का वास्तविक स्वाद मिल सके।

लखनऊ के फूड लवर्स के लिए खास मौका

लखनऊ अपनी नवाबी खानपान संस्कृति के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है। ऐसे शहर में दक्षिण भारत के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक स्वादों को एक जगह पेश किया जाना फूड लवर्स के लिए खास अनुभव बन सकता है।‘दक्षिण फ्लेवर्स’ में सिर्फ लोकप्रिय साउथ इंडियन फूड ही नहीं, बल्कि आंध्रा और कोस्टल किचन के ऐसे व्यंजनों को भी मेन्यू का हिस्सा बनाया गया है, जिनसे कई लोग पहली बार रूबरू हो सकते हैं।मटन चूका बोनलेस से लेकर गुट्टू वंकाया कूरा और पथरानी फिश तक, अलग-अलग स्वाद वाले व्यंजन इस आयोजन को खास बना रहे हैं।

8 सितंबर तक चलेगा ‘दक्षिण फ्लेवर्स’ फूड फेस्टिवल

गोल्डन ट्यूलिप होटल लखनऊ में शुरू हुआ यह विशेष साउथ इंडियन फूड फेस्टिवल 8 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान लखनऊवासियों के साथ शहर में आने वाले पर्यटकों और फूड लवर्स को दक्षिण भारतीय और कोस्टल किचन के स्वादों का अनुभव लेने का मौका मिलेगा।फेस्टिवल में पारंपरिक मसालों की खुशबू, दक्षिण भारतीय व्यंजनों के अलग-अलग फ्लेवर्स और आधुनिक हॉस्पिटैलिटी का संयोजन देखने को मिल रहा है।कुल मिलाकर ‘दक्षिण फ्लेवर्स’ लखनऊ में साउथ इंडियन फूड को एक नए और खास अंदाज में पेश करने की कोशिश है, जहां स्वाद के साथ दक्षिण भारत की पाक परंपरा और संस्कृति की झलक भी देखने को मिल रही है।

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